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धरती से लेकर आसमान तक हर बुलंदी को छू रहीं महिलाएं
Tue, 09 Apr 2019 01:38 AM IST
singh singh
ब्यूरो अमर उजाला /अमरोहा।
ब्यूरो अमर उजाला /अमरोहा।
Published by: singh singh
Updated Tue, 09 Apr 2019 01:38 AM IST
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हसनपुर जीजीआईसी में अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं।
अमरोहा। नगर के राजकीय बालिका इंटर कालेज में आयोजित अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन इस्माइल कार्यक्रम में शिक्षिकाओं और छात्राओं ने महिलाओं के सम्मान और अधिकार को लेकर मंच पर खुलकर विचार रखे। कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। इस दौरान की शत प्रतिशत मतदान की शपथ ली गई।
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में शिक्षिका दीप्ति ने कहा कि शिक्षक से लेकर साइंटिस्ट, खिलाड़ी, बॉलीवुड और राजनीति में संसद तक महिलाएं कहीं भी पीछे नहीं है। अब तो महिलाओं ने लड़ाकू विमान भी उड़ाना सीख लिया है। धरती से लेकर आसमान तक हर बुलंदी को महिलाओं ने छुआ है। शिक्षिका शैली राजपूत ने कहा कि अपने साथ हो रहे अत्याचार का खुलकर विरोध करें। अच्छे और बुरे स्पर्श को अच्छी तरह से समझ लें। कहीं कोई तुम्हारा मानसिक या शारीरिक शोषण तो नहीं कर रहा है। इसके बारे में अपने घर परिवार या स्कूल में शिक्षक से जरूर बताएं। शिक्षिका सुमनलता वर्मा ने भी विचार रखे। छात्रा मिसबा ने कहा कि छात्राएं कमजोर नहीं है। बस उन्हें अपनी शक्तियों का सही इस्तेमाल करना सीख लेना चाहिए। कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते महिलाओं को सारे काम छोड़ कर 18 अप्रैल को बूथ पर जाकर मतदान करना है। इस दौरान छात्रा अलीशा और मुज्जमिला ने भी विचार रखे।
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सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में शिक्षिका दीप्ति ने कहा कि शिक्षक से लेकर साइंटिस्ट, खिलाड़ी, बॉलीवुड और राजनीति में संसद तक महिलाएं कहीं भी पीछे नहीं है। अब तो महिलाओं ने लड़ाकू विमान भी उड़ाना सीख लिया है। धरती से लेकर आसमान तक हर बुलंदी को महिलाओं ने छुआ है। शिक्षिका शैली राजपूत ने कहा कि अपने साथ हो रहे अत्याचार का खुलकर विरोध करें। अच्छे और बुरे स्पर्श को अच्छी तरह से समझ लें। कहीं कोई तुम्हारा मानसिक या शारीरिक शोषण तो नहीं कर रहा है। इसके बारे में अपने घर परिवार या स्कूल में शिक्षक से जरूर बताएं। शिक्षिका सुमनलता वर्मा ने भी विचार रखे। छात्रा मिसबा ने कहा कि छात्राएं कमजोर नहीं है। बस उन्हें अपनी शक्तियों का सही इस्तेमाल करना सीख लेना चाहिए। कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते महिलाओं को सारे काम छोड़ कर 18 अप्रैल को बूथ पर जाकर मतदान करना है। इस दौरान छात्रा अलीशा और मुज्जमिला ने भी विचार रखे।
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