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Amroha News: नहर की खुदाई के लिए किसानों और अधिकारियों के बीच वार्ता बेनतीजा
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अमरोहा। मध्य गंगा नहर की खुदाई को लेकर शुक्रवार को फिर किसानों और अधिकारियों के बीच कलक्ट्रेट में वार्ता हुई। लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। किसानों के रुख को देखते हुए अधिकारियों ने भी बिना सहमति के नहर नहीं खोदने की बात कही।
अब अधिकारियों और किसानों की अलग-अलग कमेटी बनेगी, जिसकी मध्यस्थता टिकैत गुट के पदाधिकारी करेंगे। अधिकारियों और किसानों के बीच तीसरी वार्ता दिसंबर माह के पहले सप्ताह में होगी। जिसमें समस्या का निराकरण होने की उम्मीद है।
जनपद में मध्य गंगा नहर के निर्माण का कार्य चल रहा है। पूरे जिले में काम पूरा हो चुका है लेकिन तीन गांव कूबी, रामपुर घनां व मोहनपुर में अभी तक लटका है। मौजूदा रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग को लेकर इन तीनों गांव के किसान बीते साढ़े ग्यारह महीने से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जमीन प्रशासन ने वर्ष 2011 में अधिग्रहण कर ली थी लेकिन, उस समय किसी को मुआवजा नहीं दिया था। अब जमीन की कीमत काफी अधिक हो गई है।
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इस बीच-बीच में प्रशासन किसानों की सहमति के बिना नहर की खुदाई करने की कोशिश करता रहा है। 29 अक्तूबर की सुबह डीएम-एसपी के नेतृत्व में छह जेसीबी लगाकर रामपुर घना गांव के जंगल में खुदाई कार्य शुरू कर दिया गया था। जब इसकी जानकारी किसानों को हुई तो उनका गुस्सा भड़क गया था। किसान और अधिकारियों के बीच खींचतान हुई। बड़ी संख्या में महिलाएं जेसीबी मशीनों के आगे लेट गईं थीं। चार किसानों को डीजल उडे़लकर खुद को आग लगाने की कोशिश की थी।
बीते मंगलवार को भाकियू टिकैत गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह और जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह के नेतृत्व में प्रशासन और किसानों के बीच पहले वार्ता हुई थी। इसके बाद शुक्रवार की दोपहर भाकियू टिकैत गुट के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चौधरी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां एडीएम सुरेंद्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह समेत आला अधिकारियों से वार्ता हुई। हालांकि वार्ता के दौरान समस्या का हल नहीं हो सका। चौधरी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अब तीसरी वार्ता दिसंबर माह के पहले सप्ताह के भीतर होगी।
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अब अधिकारियों और किसानों की अलग-अलग कमेटी बनेगी, जिसकी मध्यस्थता टिकैत गुट के पदाधिकारी करेंगे। अधिकारियों और किसानों के बीच तीसरी वार्ता दिसंबर माह के पहले सप्ताह में होगी। जिसमें समस्या का निराकरण होने की उम्मीद है।
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जनपद में मध्य गंगा नहर के निर्माण का कार्य चल रहा है। पूरे जिले में काम पूरा हो चुका है लेकिन तीन गांव कूबी, रामपुर घनां व मोहनपुर में अभी तक लटका है। मौजूदा रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग को लेकर इन तीनों गांव के किसान बीते साढ़े ग्यारह महीने से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जमीन प्रशासन ने वर्ष 2011 में अधिग्रहण कर ली थी लेकिन, उस समय किसी को मुआवजा नहीं दिया था। अब जमीन की कीमत काफी अधिक हो गई है।
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इस बीच-बीच में प्रशासन किसानों की सहमति के बिना नहर की खुदाई करने की कोशिश करता रहा है। 29 अक्तूबर की सुबह डीएम-एसपी के नेतृत्व में छह जेसीबी लगाकर रामपुर घना गांव के जंगल में खुदाई कार्य शुरू कर दिया गया था। जब इसकी जानकारी किसानों को हुई तो उनका गुस्सा भड़क गया था। किसान और अधिकारियों के बीच खींचतान हुई। बड़ी संख्या में महिलाएं जेसीबी मशीनों के आगे लेट गईं थीं। चार किसानों को डीजल उडे़लकर खुद को आग लगाने की कोशिश की थी।
बीते मंगलवार को भाकियू टिकैत गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह और जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह के नेतृत्व में प्रशासन और किसानों के बीच पहले वार्ता हुई थी। इसके बाद शुक्रवार की दोपहर भाकियू टिकैत गुट के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चौधरी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां एडीएम सुरेंद्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह समेत आला अधिकारियों से वार्ता हुई। हालांकि वार्ता के दौरान समस्या का हल नहीं हो सका। चौधरी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अब तीसरी वार्ता दिसंबर माह के पहले सप्ताह के भीतर होगी।