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Amroha News: हसनपुर में बैनामों में 14.9 लाख की स्टांप चोरी पकड़ी, कार्रवाई के निर्देश
Fri, 07 Nov 2025 02:22 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 07 Nov 2025 02:22 AM IST
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हसनपुर। नगर हो रही प्लाॅटिंग में स्टांप चोरी का मामला सामने आया है। डीएम की जांच में यह खुलासा किया गया है। तीन बैनामों पर 14.90 लाख का स्टांप शुल्क की कमी पाई गई है।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बृहस्पतिवार को सहायक महानिरीक्षक निबंधन मरोहा के साथ उप निबंधक कार्यालय, हसनपुर में पंजीकृत तीन महत्वपूर्ण लेखपत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण किए गए लेखपत्रों का मौके पर जाकर डीएम ने देखा जो हसनपुर के बाहर चुंगी क्षेत्र में झम्मनलाल पीजी काॅलेज से सटी हुई है। डीएम ने बताया कि इन विलेखों में बेची गई संपत्ति को कृषि भूमि के रूप में दर्शाया गया था जिसके अनुसार स्टांप 1.77 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अदा किया गया था।
हालांकि, मौके पर संपत्ति की स्थिति विलेखों में बताए गए तथ्यों से बिल्कुल विपरीत पाई गई। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ कि तीनों विलेखों में कुल 14.90 लाख की धनराशि का स्टांप शुल्क अपवंचन किया गया है। अनियमितता को देखते हुए डीएम ने तुरंत सहायक महानिरीक्षक निबंधन को उक्त प्रकरणों में तत्काल केस कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जिले के सभी उप निबन्धक कार्यालयों में पंजीकृत किए जाने वाले विलेखों की गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के भी सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बृहस्पतिवार को सहायक महानिरीक्षक निबंधन मरोहा के साथ उप निबंधक कार्यालय, हसनपुर में पंजीकृत तीन महत्वपूर्ण लेखपत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण किए गए लेखपत्रों का मौके पर जाकर डीएम ने देखा जो हसनपुर के बाहर चुंगी क्षेत्र में झम्मनलाल पीजी काॅलेज से सटी हुई है। डीएम ने बताया कि इन विलेखों में बेची गई संपत्ति को कृषि भूमि के रूप में दर्शाया गया था जिसके अनुसार स्टांप 1.77 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अदा किया गया था।
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हालांकि, मौके पर संपत्ति की स्थिति विलेखों में बताए गए तथ्यों से बिल्कुल विपरीत पाई गई। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ कि तीनों विलेखों में कुल 14.90 लाख की धनराशि का स्टांप शुल्क अपवंचन किया गया है। अनियमितता को देखते हुए डीएम ने तुरंत सहायक महानिरीक्षक निबंधन को उक्त प्रकरणों में तत्काल केस कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जिले के सभी उप निबन्धक कार्यालयों में पंजीकृत किए जाने वाले विलेखों की गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के भी सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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