फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Special on National Youth Day Writing brought recognition to Aman

राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेषः लेखन ने दिलाई अमरोहा के अमान को पहचान

Sun, 12 Jan 2020 02:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 12 Jan 2020 02:14 AM IST
विज्ञापन
Special on National Youth Day Writing brought recognition to Aman
अमान की किताब... - फोटो : अमर उजाला

उम्र के नाजुक मोड़ पर जब युवा अपने सपने पूरे न होने देख भटक जाते हैं, तब 11वीं के छात्र अमान ने अपनी उम्र की कहानी लिख डाली। उनके लेखन ने अब उन्हें पहचान दिला दी है। उनकी किताब अनटिल ही वाज़ एटीन पाठकों को खूब पसंद आ रही है। 31 दिसंबर को

विज्ञापन


प्रकाशित हुई इस युवा लेखक की किताब को ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल पर भी खूब बुक किया जा रहा है। किताब के जरिए 17 वर्षीय अमान ने अपनी उम्र के युवाओं को तनाव मुक्त रहने का संदेश दिया है।
विज्ञापन


बकौल अमान अमेरिकी लेखक नेपोलियन हिल की किताब थिंक एंड ग्रो रिच पढ़ कर उन्हें लेखन की प्रेरणा मिली। 18 वर्ष की आयु के युवा किन दिक्कतों से जूझते हैं, उनकी क्या समस्याएं हैं, वह समाज, परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के विषय में क्या सोचते हैं और उनकी क्या इच्छाएं हैं इन सब पर उनकी किताब है। 35 छोटे अध्याय और 187 पन्नों की इस किताब में युवाओं को अपनी कहानी ढूंढ़ने का काफी मौका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

मनोचिकत्सक बनना है सपना

Special on National Youth Day Writing brought recognition to Aman
अमान... - फोटो : अमर उजाला
अमान अमरोहा की आवास विकास-2 में रहले वाले मुस्तकीम सैफी और शबनम के घर जन्मे तीसरे नंबर के बेटे हैं। इस समय गजरौला के सेंट मैरी सीनियर सेकेंड्री स्कूल में पढ़ते हैं। उनका सपना मनोचिकित्सक बनना है। अपनी किताब के अलावा यू-ट्यूब पर प्रेरक वीडियो के लिए भी इन दिनों वह पहचाने जा रहे हैं।

जामिया मिल्लिया में कक्षा नौ में दाखिले के लिए प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। जिसके बाद तनाव में आ गया। इसी बीच उन्हें अमेरिकी लेखक नेपोलियन हिल की किताब मिली। जिसने उसको नई दिशा दी।

पॉकेट खर्च और गुल्लक के रुपये आए काम
किताब के प्रकाशन समेत अन्य खर्च पर लगभग एक लाख रुपये का खर्च आया। यह रुपये उन्होंने घरवालों के अलावा रिश्तेदारों से मिले हैं। उन्होंने गुल्लक में जमा किया था। इसके अलावा दोनो बड़े भाई मोहम्मद शाहजेब और मोहम्मद जावेद ने भी सहयोग दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed