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संविधान बचाने के लिए सपा कर रही है संघर्ष : समरपाल
Fri, 07 Feb 2025 01:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 07 Feb 2025 01:50 AM IST
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कैलसा (अमरोहा)।
नौगांवा सादात के विधायक समरपाल सिंह ने कहा कि सपा संविधान बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई को ओर तेज करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को नन्हेड़ा अल्यारपुर में सपा की पीडीए जन पंचायत आयोजित हुई। इसमें विधायक समरपाल सिंह ने कहा कि सपा संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हक, आरक्षण की लड़ाई लड़ रही है। कहा कि सभी समाजवादियों ने संकल्प लिया कि संविधान बचाने और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। पीडीए आंदोलन को ग्राम-ग्राम तक पहुंचाया जाएगा। प्रभुत्ववादियों और उनके संगी-साथियों के लिए बाबा साहेब सदैव से एक ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं, जिन्होंने संविधान बनाकर शोषणात्मक-नकारात्मक प्रभुत्ववादी सोच पर पाबंदी लगाई थी। इसीलिए, ये प्रभुत्ववादी हमेशा से बाबा साहेब के खिलाफ रहे हैं और समय-समय पर उनके अपमान के लिए तिरस्कारपूर्ण बयान देते रहे हैं। इस दौरान सुमित लंबरदार, प्रधान पति शीशराम सिंह, नासिर खान, बब्बू खान, हरपाल सैनी, सत्तार खां आदि मौजूद रहे।
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नौगांवा सादात के विधायक समरपाल सिंह ने कहा कि सपा संविधान बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई को ओर तेज करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को नन्हेड़ा अल्यारपुर में सपा की पीडीए जन पंचायत आयोजित हुई। इसमें विधायक समरपाल सिंह ने कहा कि सपा संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हक, आरक्षण की लड़ाई लड़ रही है। कहा कि सभी समाजवादियों ने संकल्प लिया कि संविधान बचाने और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। पीडीए आंदोलन को ग्राम-ग्राम तक पहुंचाया जाएगा। प्रभुत्ववादियों और उनके संगी-साथियों के लिए बाबा साहेब सदैव से एक ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं, जिन्होंने संविधान बनाकर शोषणात्मक-नकारात्मक प्रभुत्ववादी सोच पर पाबंदी लगाई थी। इसीलिए, ये प्रभुत्ववादी हमेशा से बाबा साहेब के खिलाफ रहे हैं और समय-समय पर उनके अपमान के लिए तिरस्कारपूर्ण बयान देते रहे हैं। इस दौरान सुमित लंबरदार, प्रधान पति शीशराम सिंह, नासिर खान, बब्बू खान, हरपाल सैनी, सत्तार खां आदि मौजूद रहे।
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