{"_id":"580cfb114f1c1b2f77bc1df4","slug":"son-of-pradhan-dead-from-fever","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार से प्रधान पुत्र समेत चार की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार से प्रधान पुत्र समेत चार की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 23 Oct 2016 11:32 PM IST
विज्ञापन
Now Affordable treatment in BHU Hospital, 90 per cent of cheap medicines available
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जोया में मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रहे कक्षा आठ के छात्र/ प्रधान पुत्र की समेत चार लोगों की मौत हो गई। छात्र ने टीएमयू में इलाज के दौरान दम तोड़ा था। वह पाकबड़ा थाने के गांव फरीदपुर का बाशिंदा था। वहीं एक वृद्धा ने भी दम तोड़ दिया। जबकि गंगेश्वरी और मंडी धनौरा में भी बुखार ने एक-एक की जान ले ली।
मुरादाबाद के थाना पाकबड़ा क्षेत्र के गांव फरीदपुर निवासी जीशान (14) पुत्र हाजी सरवर डिडौली कोतवाली के गांव पतेई खालसा निवासी मामा भूरा के घर रहता था और विल्सोनिया पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ता था। बताते हैं कि हाजी सरवर की पत्नी फरीदपुर की ग्राम प्रधान हैं।
तीन दिन पहले उसको तेज बुखार आया था, जिस पर परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन तबियत में कोई सुधार नहीं हो सका था। रविवार की दोपहर टीएमयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उधर डिडौली गांव निवासी भूरी (60) पत्नी नौबत सिंह को सप्ताह भर पूर्व बुखार आया था।
विज्ञापन
परिवार के लोगों ने नजदीकी चिकित्सक से दवाई दिला दी थी, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसको निजी चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया। शनिवार रात इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। डाक्टर के मृत घोषित करते ही परिजन गम में डूब गए। घर के आस पास का माहौल भी गमगीन हो गया।
विज्ञापन
मुरादाबाद के थाना पाकबड़ा क्षेत्र के गांव फरीदपुर निवासी जीशान (14) पुत्र हाजी सरवर डिडौली कोतवाली के गांव पतेई खालसा निवासी मामा भूरा के घर रहता था और विल्सोनिया पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ता था। बताते हैं कि हाजी सरवर की पत्नी फरीदपुर की ग्राम प्रधान हैं।
विज्ञापन
तीन दिन पहले उसको तेज बुखार आया था, जिस पर परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन तबियत में कोई सुधार नहीं हो सका था। रविवार की दोपहर टीएमयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उधर डिडौली गांव निवासी भूरी (60) पत्नी नौबत सिंह को सप्ताह भर पूर्व बुखार आया था।
विज्ञापन
परिवार के लोगों ने नजदीकी चिकित्सक से दवाई दिला दी थी, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसको निजी चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया। शनिवार रात इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। डाक्टर के मृत घोषित करते ही परिजन गम में डूब गए। घर के आस पास का माहौल भी गमगीन हो गया।