बिजली चोरी के शक में छापेमारी कर अल्ट्रासाउंड संचालक से अधिवक्ता करने के मामले में बिजली एसडीओ फंसते नजर आ रहे हैं। डीएम ने मामले में जांच बैठा दी है। वहीं एसडीएम ने एसडीओ को नोटिस जारी कर सत्रह सितंबर को अपने ऑफिस में तलब किया है।
नगर के आजाद रोड स्थित डीआईओएस कार्यालय के पास कृष्णा अल्ट्रासाउंड सेंटर है। अल्ट्रासाउंड सेंटर के मालिक डॉ.देवेंद्र सिरोही का आरोप था कि छह सितंबर को बिजली विभाग के एसडीओ ने औचक निरीक्षण के नाम पर अल्ट्रासाउंड सेंटर की बिजली काट दी। बिजली मीटर भी निकाल कर ले गए। जबकि उस समय वहां पर मरीजों की भीड़ लगी हुई। उन्होंने एसडीओ से गंभीर मरीजों का अल्ट्रासाउंड करने में व्यस्त होने की बात कही। फिर भी एसडीओ ने उनकी बात नहीं सुनी और कार्रवाई जारी रखी। आरोप लगाया कि उन्होंने अचानक चेकिंग का कारण पूछा तो एसडीओ ने कहा कि डॉक्टर तो लुटेरे होते हैं, बिजली चोरी भी करते हैं।
बिजली चोरी के शक में कार्रवाई की जा रही है। बिजली कटने के बाद सेंटर पर एक भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका, जबकि कई गंभीर मरीज वहां पर आए हुए थे। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड सेंटर पर उन्होंने सोलर प्लांट लगवा रखा है। इसके बावजूद वह प्रतिमाह लगभग पचास हजार रुपये बिजली बिल विभाग को अदा करते हैं। उनका आरोप था कि वे एसडीओ की टिप्पणी से बेहद आहत हैं। डॉक्टर ने घर समेत सेंटर पर लगे बिजली विभाग के तीनों कनेक्शन कटवाने की मांग की थी। इसके बाद आईएमए ने भी एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम से मुलाकात रोष व्यक्त किया था। इस मामले को गंभीरता से लेकर डीएम बीके त्रिपाठी ने एसडीएम सदर को मामले की जांच सौंप दी है। वहीं एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि एसडीओ को नोटिस जारी कर 17 सितंबर को अपने दफ्तर में तलब किया है। साथ ही विद्युत काटने या मीटर बदलने का कोई नोटिस जारी किया गया था या नहीं। फिलहाल मामले में एसडीओ फंसते नजर आ रहे हैं।