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Amroha News: एसडीएम कोर्ट का फैसला, इकबाल खां गुट का चुनाव निरस्त
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अमरोहा। मुस्लिम कमेटी की नुमाइंदगी को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में एसडीएम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए इकबाल खां गुट द्वारा कराई गई चुनाव प्रक्रिया को अवैधानिक घोषित कर निरस्त कर दिया। साथ ही मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पत्रावली मुरादाबाद स्थित सहायक निबंधक फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में भी चुनाव प्रक्रिया को संदेहास्पद बताया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इकबाल अहमद खां मुस्लिम कमेटी की साधारण सभा के सदस्य ही नहीं थे, ऐसे में उनका अध्यक्ष चुना जाना पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। आदेश की प्रति बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल रही।
मुस्लिम कमेटी में अध्यक्ष पद को लेकर करीब दो वर्षों से दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है। एक ओर इकबाल खां गुट है, जिसे पूर्व में रजिस्ट्रार कार्यालय से मान्यता मिल चुकी थी, जबकि दूसरी ओर हाजी खुर्शीद अनवर गुट इस मान्यता को लगातार चुनौती देता रहा है।
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हाजी खुर्शीद अनवर ने पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की और बाद में एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया। विवाद उस समय और गहरा गया, जब जुलूस-ए-मोहम्मदी के संचालन को लेकर दोनों गुटों ने खुद को वैध कमेटी बताते हुए प्रशासन से अनुमति मांगी। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम शशि भूषण पाठक ने स्थगन आदेश जारी किया था।
दोनों गुटों के अपने-अपने दावे भी सामने आए। हाजी खुर्शीद अनवर के अनुसार 26 जून 2024 को सोसाइटीज पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत चुनाव कर उन्हें अध्यक्ष चुना गया, जबकि इकबाल खां गुट का दावा था कि 29 जुलाई 2024 को साधारण सभा की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया, जिसे बाद में सहायक निबंधक ने मान्यता दी थी।
फिलहाल, एसडीएम सदर शैलेश कुमार दुबे के फैसले के बाद मामला एक बार फिर सहायक निबंधक कार्यालय पहुंच गया है, जहां वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे निर्णय लिया जाएगा।
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तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में भी चुनाव प्रक्रिया को संदेहास्पद बताया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इकबाल अहमद खां मुस्लिम कमेटी की साधारण सभा के सदस्य ही नहीं थे, ऐसे में उनका अध्यक्ष चुना जाना पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। आदेश की प्रति बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल रही।
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मुस्लिम कमेटी में अध्यक्ष पद को लेकर करीब दो वर्षों से दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है। एक ओर इकबाल खां गुट है, जिसे पूर्व में रजिस्ट्रार कार्यालय से मान्यता मिल चुकी थी, जबकि दूसरी ओर हाजी खुर्शीद अनवर गुट इस मान्यता को लगातार चुनौती देता रहा है।
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हाजी खुर्शीद अनवर ने पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की और बाद में एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया। विवाद उस समय और गहरा गया, जब जुलूस-ए-मोहम्मदी के संचालन को लेकर दोनों गुटों ने खुद को वैध कमेटी बताते हुए प्रशासन से अनुमति मांगी। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम शशि भूषण पाठक ने स्थगन आदेश जारी किया था।
दोनों गुटों के अपने-अपने दावे भी सामने आए। हाजी खुर्शीद अनवर के अनुसार 26 जून 2024 को सोसाइटीज पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत चुनाव कर उन्हें अध्यक्ष चुना गया, जबकि इकबाल खां गुट का दावा था कि 29 जुलाई 2024 को साधारण सभा की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया, जिसे बाद में सहायक निबंधक ने मान्यता दी थी।
फिलहाल, एसडीएम सदर शैलेश कुमार दुबे के फैसले के बाद मामला एक बार फिर सहायक निबंधक कार्यालय पहुंच गया है, जहां वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे निर्णय लिया जाएगा।