{"_id":"607f1ec58ebc3ed1e853d6af","slug":"provided-food-to-girls-blessed-by-touching-their-feet-jpnagar-news-mbd3869393126","type":"story","status":"publish","title_hn":"कन्याओं-बरुओं को कराया भोजन, पैर छूकर लिया आशीर्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्याओं-बरुओं को कराया भोजन, पैर छूकर लिया आशीर्वाद
विज्ञापन
अमरोहा में अष्टमी पर भोजन करतीं कन्याएं।
- फोटो : JPNAGAR
अमरोहा। चैत्र नवरात्र के मौके पर मंगलवार को अष्टमी मनाई गई। इस दिन माता महागौरी की पूजा की गई। माता रानी के जयकारों से शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों ने कन्याओं और बरुओं को भोजन कराकर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। दोपहर तक यही सिलसिला चलता रहा।
पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि कन्याओं का पूजन करने और भोज कराने से दु:खों और शत्रुओं का क्षय होता है। सुख-समृद्धि, यश और वैभव की प्राप्ति होती है। इसलिए चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन मंगलवार को अधिकतर परिवारों में अष्टमी मनाई गई। परंपरा के अनुसार कन्याओं को भोजन कराकर भक्तों ने अपने उपवास तोड़ा। उन्होंने बताया कि अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य माना जाता है। जिससे लोगों के दुखों और विरोध का विनाश होता है। घर में सुख-समृद्धि, धन, यश और वैभव की प्राप्ति होती है। आज घरों में नवमी मनाई जाएगी।
श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई गई दुर्गा अष्टमी
मंडी धनौरा। कोरोना संक्रमण के बीच दुर्गा अष्टमी बेहद सादगी से मनाई गई। नगर के प्राचीन देवी मंदिर पर अष्टमी पर लगने वाला मेला नहीं लग पाया। यहां मंदिर में स्थापित देवी की तीनों मूर्तियों का विशेष श्रृंगार किया गया था। मंदिर के महंत हरिओम त्रिवेदी ने कहा कि कोविड प्रोटोकाल की वजह से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखी गई। वहां श्रद्धालुओं की भीड़ भी नहीं रही। लोगों ने अपने घरों पर मां भगवती की पूजा अर्चना की और कन्याओं को पूरी सुरक्षा के साथ जिमाया। युवा समाज सेवा समिति की ओर से सांकेतिक रूप से मां भगवती की शोभा यात्रा देवी मंदिर परिसर में ही निकाली गई। शेर पर सवार मां की पूजा अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मां का भजन कीर्तन किया। इस मौके पर अध्यक्ष आयुष रस्तौगी, उमंग अग्रवाल, दीप अग्रवाल, सागर, रितिक, दीपांशु आदि मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि कन्याओं का पूजन करने और भोज कराने से दु:खों और शत्रुओं का क्षय होता है। सुख-समृद्धि, यश और वैभव की प्राप्ति होती है। इसलिए चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन मंगलवार को अधिकतर परिवारों में अष्टमी मनाई गई। परंपरा के अनुसार कन्याओं को भोजन कराकर भक्तों ने अपने उपवास तोड़ा। उन्होंने बताया कि अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य माना जाता है। जिससे लोगों के दुखों और विरोध का विनाश होता है। घर में सुख-समृद्धि, धन, यश और वैभव की प्राप्ति होती है। आज घरों में नवमी मनाई जाएगी।
विज्ञापन
श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई गई दुर्गा अष्टमी
मंडी धनौरा। कोरोना संक्रमण के बीच दुर्गा अष्टमी बेहद सादगी से मनाई गई। नगर के प्राचीन देवी मंदिर पर अष्टमी पर लगने वाला मेला नहीं लग पाया। यहां मंदिर में स्थापित देवी की तीनों मूर्तियों का विशेष श्रृंगार किया गया था। मंदिर के महंत हरिओम त्रिवेदी ने कहा कि कोविड प्रोटोकाल की वजह से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखी गई। वहां श्रद्धालुओं की भीड़ भी नहीं रही। लोगों ने अपने घरों पर मां भगवती की पूजा अर्चना की और कन्याओं को पूरी सुरक्षा के साथ जिमाया। युवा समाज सेवा समिति की ओर से सांकेतिक रूप से मां भगवती की शोभा यात्रा देवी मंदिर परिसर में ही निकाली गई। शेर पर सवार मां की पूजा अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मां का भजन कीर्तन किया। इस मौके पर अध्यक्ष आयुष रस्तौगी, उमंग अग्रवाल, दीप अग्रवाल, सागर, रितिक, दीपांशु आदि मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन