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8.28 लाख किसान क्रेडिट कार्डों पर करोड़ों के घोटाले का आरोप
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अमरोहा। किसान समस्याओं को लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। सरकार और सिस्टम पर मनमानी का आरोप लगाया। बैंकों पर 8.28 लाख किसान क्रेडिट कार्डों पर गलत तरह के चार्ज लगाकर करोड़ों के घोटाले के का आरोप लगाया।
शनिवार को भाकियू भानु के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह कार्यकर्ताओं के साथ अमरोहा ब्लाक में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे। यहां ज्ञापन सौंपकर बताया कि निजी नलकूप संयोजन के लिए सामान्य योजना में किसानों ने अपने कनेक्शन कराए थे। जिन लोगों ने पहले प्रोसेसिंग फीस और एस्टीमेट जमा किया था, उन्हें आज तक सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। जबकि जिन किसानों ने एस्टीमेट जमा किया था, उन्हें सामग्री दी जा रही है। प्रदेश में ग्रामीण बैंक की लगभग 939 शाखाओं में 8.28 लाख किसान क्रेडिट कार्ड धारकों से ब्याज की गणना मानक से कहीं अधिक वसूली की जा रही है। 7 प्रतिशत की जगह 10-11 प्रतिशत, 9 की जगह 12-14 प्रतिशत गलत गणना की जा रही है। लगातार शिकायतें दर्ज होने के बावजूद न तो शाखा स्तर पर और न ही क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर सुधार किया जा रहा है। इससे किसान को दोहरा नुकसान हो रहा है। किसान सरकार द्वारा दी जाने वाली 4 प्रतिशत की सब्सिडी से वंचित हो रहा है। साथ ही बैंकों द्वारा किसानों से की जा रही अवैध वसूलों को उनके खातों में जमा कराया जाए।
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना चालू हुए तीन वर्ष हो गए हैं। पिछले सप्ताह किसानों को नौवीं किस्त जारी की है। इसके बाद भी अमरोहा के 88000 किसानों को धनराशि नहीं मिल पाई है। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सभी समस्याओं का तत्काल निराकरण नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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शनिवार को भाकियू भानु के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह कार्यकर्ताओं के साथ अमरोहा ब्लाक में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे। यहां ज्ञापन सौंपकर बताया कि निजी नलकूप संयोजन के लिए सामान्य योजना में किसानों ने अपने कनेक्शन कराए थे। जिन लोगों ने पहले प्रोसेसिंग फीस और एस्टीमेट जमा किया था, उन्हें आज तक सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। जबकि जिन किसानों ने एस्टीमेट जमा किया था, उन्हें सामग्री दी जा रही है। प्रदेश में ग्रामीण बैंक की लगभग 939 शाखाओं में 8.28 लाख किसान क्रेडिट कार्ड धारकों से ब्याज की गणना मानक से कहीं अधिक वसूली की जा रही है। 7 प्रतिशत की जगह 10-11 प्रतिशत, 9 की जगह 12-14 प्रतिशत गलत गणना की जा रही है। लगातार शिकायतें दर्ज होने के बावजूद न तो शाखा स्तर पर और न ही क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर सुधार किया जा रहा है। इससे किसान को दोहरा नुकसान हो रहा है। किसान सरकार द्वारा दी जाने वाली 4 प्रतिशत की सब्सिडी से वंचित हो रहा है। साथ ही बैंकों द्वारा किसानों से की जा रही अवैध वसूलों को उनके खातों में जमा कराया जाए।
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प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना चालू हुए तीन वर्ष हो गए हैं। पिछले सप्ताह किसानों को नौवीं किस्त जारी की है। इसके बाद भी अमरोहा के 88000 किसानों को धनराशि नहीं मिल पाई है। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सभी समस्याओं का तत्काल निराकरण नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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