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कर्मचारियों का विरोध-प्रदर्शन जारी, इमरजेंसी केस लेने दौड़ीं एंबुलेंस
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अमरोहा। मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा, लेकिन प्रशासन का सख्त रुख देखकर कर्मियों ने उग्र आंदोलन को ढीला कर दिया है। सभी एंबुलेंसों को ड्यूटी स्थल पर खड़ा कर दिया गया। साथ ही एंबुलेंस चालक और ईएमटी इमरजेंसी केस लेने के लिए दौड़ते दिखाईं दिए। इससे मरीज और उनके तीमारदारों को काफी राहत मिली है।
जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के वेनर तले जिले के एंबुलेंस कर्मचारी छह सूत्रीय मांगों को लेकर 26 जुलाई से हड़ताल पर हैं। उन्होंने सेवाएं ठप कर जोई के मैदान को अपना ठिकाना बना लिया था। बरसात के मौसम में रात दिन वहीं डेरा जमाए रहे। सरकारी एंबुलेंस सेवाएं ठप होने से मरीज और उनके तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तमाम मरीज निजी एंबुलेंस और ई-रिक्शा से आते-जाते दिखाई दिए थे। बुधवार की शाम एसडीएम सदर विवेक यादव और सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल एंबुलेंस कर्मियों के बीच पहुंचे थे। यहां दोनों अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझा और वापस काम पर लौटने की अपील की। स्पष्ट कहा कि सरकारी एंबुलेंस सेवा का यूं ही बंद होना आम लोगों को परेशानी हो रही है। इसके बाद संघ के पदाधिकारियों ने डीएम बीके त्रिपाठी से वार्ता की थी। संघ के जिला संगठन मंत्री शिवम कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन ने निर्देश पर एंबुलेंसों को अपनी-अपनी ड्यूटी प्वाइंटों पर खड़ा कर दिया गया है, लेकिन उनका विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ है। एंबुलेंस सेवा बंद होने से किसी की जान न जाए, इसलिए इमरजेंसी केस लाने ले जाने के लिए कर्मचारी तत्पर हैं। गुरुवार को भी इमरजेंसी केसों को अस्पताल लाकर छोड़ा गया है, लेकिन संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के निर्देशों तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के वेनर तले जिले के एंबुलेंस कर्मचारी छह सूत्रीय मांगों को लेकर 26 जुलाई से हड़ताल पर हैं। उन्होंने सेवाएं ठप कर जोई के मैदान को अपना ठिकाना बना लिया था। बरसात के मौसम में रात दिन वहीं डेरा जमाए रहे। सरकारी एंबुलेंस सेवाएं ठप होने से मरीज और उनके तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तमाम मरीज निजी एंबुलेंस और ई-रिक्शा से आते-जाते दिखाई दिए थे। बुधवार की शाम एसडीएम सदर विवेक यादव और सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल एंबुलेंस कर्मियों के बीच पहुंचे थे। यहां दोनों अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझा और वापस काम पर लौटने की अपील की। स्पष्ट कहा कि सरकारी एंबुलेंस सेवा का यूं ही बंद होना आम लोगों को परेशानी हो रही है। इसके बाद संघ के पदाधिकारियों ने डीएम बीके त्रिपाठी से वार्ता की थी। संघ के जिला संगठन मंत्री शिवम कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन ने निर्देश पर एंबुलेंसों को अपनी-अपनी ड्यूटी प्वाइंटों पर खड़ा कर दिया गया है, लेकिन उनका विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ है। एंबुलेंस सेवा बंद होने से किसी की जान न जाए, इसलिए इमरजेंसी केस लाने ले जाने के लिए कर्मचारी तत्पर हैं। गुरुवार को भी इमरजेंसी केसों को अस्पताल लाकर छोड़ा गया है, लेकिन संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के निर्देशों तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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