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कोरोना ड्यूटी पर लगे डाक्टर-पैरामेडिकल स्टाफ का सैंपल लेकर घर भेजने के आदेश, स्टाफ में रोष
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अमरोहा। कोरोना योद्धाओं के लिए तुगलकी फरमान जारी हुआ है। कोविड हास्पिटल में ड्यूटी करने वाले डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का सैंपल लेकर उन्हें घर भेजने का आदेश जारी किया गया है। अगर किसी स्टाफ की बाद में रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई तो परिवार में संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। जबकि पहले चौदह दिन के क्वारंटीन के बाद स्टाफ को घर भेजा जाता था। इस फरमान को लेकर डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ में रोष है। हालांकि सीएमओ ने सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही कोविड स्टाफ को घर भेजने की बात कही है।
श्री वैंकेटेश्वर यूनिवर्सिटी के विम्स हास्पिटल को कोविड-19 के लिए लेवल वन हास्पिटल बनाया गया है। यहां अमरोहा और संभल के कोरोना संक्रमित मरीजों को रखा जा रहा है। इन मरीजों के इलाज के लिए डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तीन टीमें चौबीस घंटे ड्यूटी दे रही है। हर टीम आठ घंटे ड्यूटी करती है। जबकि दो-दो फार्मेसिस्ट और एलटी बारह-बारह घंटे अपनी सेवा दे रहे हैं। कोविड के इस स्टाफ को परिवार से दूर रखा जाता है। ये सभी लोग सुमंगल होटल में रहकर अपनी ड्यूटी करते हैं। चौदह दिन की ड्यूटी पूरी होने पर इन्हें होटल रीगल में क्वारंटीन कर दिया जाता है। शनिवार को तीन टीमों के चौदह दिन की ड्यूटी पूरी हो गई। फरमान के मुताबिक कोविड स्टाफ का सैंपल तो लिया जाएगा। लेकिन उन्हें होटल या दूसरी जगहों पर क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। उन्हें घर रहने के निर्देश दिए गए है। जबकि रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लगते हैं। ऐसे में स्टाफ के परिवार पर संक्रमण का खतरा रहेगा। इस तुगलकी फरमान को लेकर स्टाफ पशोपेश में है। रिपोर्ट आने तक का वक्त कहां गुजारें।
पहले चौदह दिन की क्वारंटीन के बाद भेजते थे घर
अमरोहा। कोविड हास्पिटल में ड्यूटी करने वाले स्टाफ को चौदह दिन की ड्यूटी पूरी करने के बाद उन्हें चौदह दिन क्वारंटीन में रखा जाता था। इस दौरान सैंपल भी कराया जाता था। रिपोर्ट भी आ जाती थी। इसके बाद ही डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को घर भेजा जाता था।
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नया शासनादेश आया है, लेकिन डाक्टरों के सैंपल की रिपोर्ट आने बाद ही घर ही भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने तक डाक्टर को दूसरी जगह रखने का प्रबंध किया जाएगा।
उमेश मिश्र, जिलाधिकारी
- कुछ मिसअंडर स्टैंडिंग हो गई है। सैंपल के बाद रिपोर्ट आने तक स्टाफ को रोकने को इंतजाम किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें घर भेजा जाएगा। - डा. मेघ सिंह, सीमएओ
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श्री वैंकेटेश्वर यूनिवर्सिटी के विम्स हास्पिटल को कोविड-19 के लिए लेवल वन हास्पिटल बनाया गया है। यहां अमरोहा और संभल के कोरोना संक्रमित मरीजों को रखा जा रहा है। इन मरीजों के इलाज के लिए डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तीन टीमें चौबीस घंटे ड्यूटी दे रही है। हर टीम आठ घंटे ड्यूटी करती है। जबकि दो-दो फार्मेसिस्ट और एलटी बारह-बारह घंटे अपनी सेवा दे रहे हैं। कोविड के इस स्टाफ को परिवार से दूर रखा जाता है। ये सभी लोग सुमंगल होटल में रहकर अपनी ड्यूटी करते हैं। चौदह दिन की ड्यूटी पूरी होने पर इन्हें होटल रीगल में क्वारंटीन कर दिया जाता है। शनिवार को तीन टीमों के चौदह दिन की ड्यूटी पूरी हो गई। फरमान के मुताबिक कोविड स्टाफ का सैंपल तो लिया जाएगा। लेकिन उन्हें होटल या दूसरी जगहों पर क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। उन्हें घर रहने के निर्देश दिए गए है। जबकि रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लगते हैं। ऐसे में स्टाफ के परिवार पर संक्रमण का खतरा रहेगा। इस तुगलकी फरमान को लेकर स्टाफ पशोपेश में है। रिपोर्ट आने तक का वक्त कहां गुजारें।
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पहले चौदह दिन की क्वारंटीन के बाद भेजते थे घर
अमरोहा। कोविड हास्पिटल में ड्यूटी करने वाले स्टाफ को चौदह दिन की ड्यूटी पूरी करने के बाद उन्हें चौदह दिन क्वारंटीन में रखा जाता था। इस दौरान सैंपल भी कराया जाता था। रिपोर्ट भी आ जाती थी। इसके बाद ही डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को घर भेजा जाता था।
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नया शासनादेश आया है, लेकिन डाक्टरों के सैंपल की रिपोर्ट आने बाद ही घर ही भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने तक डाक्टर को दूसरी जगह रखने का प्रबंध किया जाएगा।
उमेश मिश्र, जिलाधिकारी
- कुछ मिसअंडर स्टैंडिंग हो गई है। सैंपल के बाद रिपोर्ट आने तक स्टाफ को रोकने को इंतजाम किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें घर भेजा जाएगा। - डा. मेघ सिंह, सीमएओ