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दिल से की गई इबादत होती है कबूल : मौलाना आमिर
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अमरोहा। मौलाना आमिर काजमी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने नाना के दीन की हिफाजत के लिए अपना घर कुर्बान कर दिया। उनकी कुर्बानी अल्लाह की राह में इतनी मकबूल हुई कि अल्लाह ने उनके गम को रहती दुनिया तक के लिए अमर कर दिया।
नगर के मोहल्ला काली पगड़ी स्थित अजाखाना मुसम्मात नूरन में मजलिसे चेहलुम जिया कमाल नकवी आयोजित की गई। मरसिया ख्वानी हसन इमाम व हमनवां ने की। मौलाना आमिर काजमी ने कहा कि एहलेबेत को अल्लाह ने हर बुराई से दूर रखा है। उन्होंने अपनी जिन्दगी अल्लाह की इबादत और अच्छे कामों में गुजारी। इसलिए उन्हें मासूम कहा जाता है। अपनी जान दीने इस्लाम पर ही कुर्बान कर दी। उन्हीं में से हजरत इमाम हुसैन भी थे। जिन्होंने अपने बाप-दादा के नक्शे कदम पर चलते हुए अपने नाना के दीन की हिफाजत के लिए अपना घर कुर्बान कर दिया। आज पूरी दुनिया में इमाम हुसैन का गम मनाया जाता है और उनके बताये हुए रास्ते पर चलने की ताकीद की जाती है। हर मुसलमान को अपने सच्चे मालिक की इबादत करनी चाहिए। सच्चे दिल से की गई इबादत कुबूल होती है। इस दौरान शारिब अली, हसन शुजा नकवी, चंदन नकवी, खुर्शीद हैदर जदी, शरफ अली खां आदि मौजूद रहे।
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नगर के मोहल्ला काली पगड़ी स्थित अजाखाना मुसम्मात नूरन में मजलिसे चेहलुम जिया कमाल नकवी आयोजित की गई। मरसिया ख्वानी हसन इमाम व हमनवां ने की। मौलाना आमिर काजमी ने कहा कि एहलेबेत को अल्लाह ने हर बुराई से दूर रखा है। उन्होंने अपनी जिन्दगी अल्लाह की इबादत और अच्छे कामों में गुजारी। इसलिए उन्हें मासूम कहा जाता है। अपनी जान दीने इस्लाम पर ही कुर्बान कर दी। उन्हीं में से हजरत इमाम हुसैन भी थे। जिन्होंने अपने बाप-दादा के नक्शे कदम पर चलते हुए अपने नाना के दीन की हिफाजत के लिए अपना घर कुर्बान कर दिया। आज पूरी दुनिया में इमाम हुसैन का गम मनाया जाता है और उनके बताये हुए रास्ते पर चलने की ताकीद की जाती है। हर मुसलमान को अपने सच्चे मालिक की इबादत करनी चाहिए। सच्चे दिल से की गई इबादत कुबूल होती है। इस दौरान शारिब अली, हसन शुजा नकवी, चंदन नकवी, खुर्शीद हैदर जदी, शरफ अली खां आदि मौजूद रहे।
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