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पॉलीटेक्निक : स्पॉट काउंसिलिंग के बाद भी खाली रह गई 32 सीटें
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अमरोहा।
पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लगातार प्रवेश प्रक्रिया के चरण होने के बाद भी सीटें नहीं भर पा रही हैं। सात चरण और स्पॉट काउंसिलिंग के तहत दो दिन चली प्रवेश प्रक्रिया के बाद भी 32 सीटें खाली रह गई हैं।
पॉलीटेक्निक संस्थाओं में रिक्त सीटों पर दाखिले को लगातार प्रवेश का मौका दिया जा रहा है। लेकिन, सीटों पर प्रवेश पूरे नहीं हो सके। जिले में महामाया पॉलीटेक्निक ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी बछरायूं, राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज कटाई व राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज सुतावली में संचालित हैं। तीनों कॉलेजों में पिछले दो माह में सात चरणों में प्रवेश प्रक्रिया चली। लेकिन सीटें नहीं भर सकी। इसके बाद 22 और 23 अक्तूबर को स्पॉट काउंसिलिंग के जरिए सीटों को भरने का प्रयास किया गया। लेकिन, इसके बाद भी सुतावली कॉलेज में तो रिक्त बचीं 16 सीटों के सापेक्ष प्रवेश पूरे हो गए। महामाया पॉलीटेक्निक ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी बछरायूं व राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज कटाई में सीटें फिर भी रिक्त रह गई। बछरायूं में 11 सीटों के सापेक्ष 10 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन मिले। साथ ही सात सीटों पर निर्धारित शुल्क जमा कर प्रवेश होने के बाद चार सीटें फिर भी रिक्त रह गई। वहीं कटाई में 35 सीटों के सापेक्ष सात बच्चों ने प्रवेश लिया। जिसके बाद दो कॉलेजों में अभी भी 32 सीटें खाली रह गई हैं।
जागरूकता की कमी कम प्रवेश का मुख्य कारण
महामाया पॉलीटेक्निक ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी बछरायूं के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश चंद्रा का कहना है कि जागरूकता की कमी पॉलीटेक्निक में कम प्रवेश का मुख्य कारण है। दसवीं के बाद डिप्लोमा हासिल कर छात्र एक अच्छी नौकरी पा सकता है अथवा स्वरोजगार की और भी कदम बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को जागरूक करने के लिए लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
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पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लगातार प्रवेश प्रक्रिया के चरण होने के बाद भी सीटें नहीं भर पा रही हैं। सात चरण और स्पॉट काउंसिलिंग के तहत दो दिन चली प्रवेश प्रक्रिया के बाद भी 32 सीटें खाली रह गई हैं।
पॉलीटेक्निक संस्थाओं में रिक्त सीटों पर दाखिले को लगातार प्रवेश का मौका दिया जा रहा है। लेकिन, सीटों पर प्रवेश पूरे नहीं हो सके। जिले में महामाया पॉलीटेक्निक ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी बछरायूं, राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज कटाई व राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज सुतावली में संचालित हैं। तीनों कॉलेजों में पिछले दो माह में सात चरणों में प्रवेश प्रक्रिया चली। लेकिन सीटें नहीं भर सकी। इसके बाद 22 और 23 अक्तूबर को स्पॉट काउंसिलिंग के जरिए सीटों को भरने का प्रयास किया गया। लेकिन, इसके बाद भी सुतावली कॉलेज में तो रिक्त बचीं 16 सीटों के सापेक्ष प्रवेश पूरे हो गए। महामाया पॉलीटेक्निक ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी बछरायूं व राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज कटाई में सीटें फिर भी रिक्त रह गई। बछरायूं में 11 सीटों के सापेक्ष 10 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन मिले। साथ ही सात सीटों पर निर्धारित शुल्क जमा कर प्रवेश होने के बाद चार सीटें फिर भी रिक्त रह गई। वहीं कटाई में 35 सीटों के सापेक्ष सात बच्चों ने प्रवेश लिया। जिसके बाद दो कॉलेजों में अभी भी 32 सीटें खाली रह गई हैं।
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जागरूकता की कमी कम प्रवेश का मुख्य कारण
महामाया पॉलीटेक्निक ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी बछरायूं के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश चंद्रा का कहना है कि जागरूकता की कमी पॉलीटेक्निक में कम प्रवेश का मुख्य कारण है। दसवीं के बाद डिप्लोमा हासिल कर छात्र एक अच्छी नौकरी पा सकता है अथवा स्वरोजगार की और भी कदम बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को जागरूक करने के लिए लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
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