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अंग्रेजी हुकूमत के 95 साल बाद दोबारा बना थाना रहरा
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रहरा थाने का फोटो।
- फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा/रहरा। अंग्रेजी हुकूमत में वर्ष 1874 से 1924 तक 50 साल तक थाना रहा रहरा दोबारा थाना बन गया है। इसके लिए लिए लंबे समय से कवायद चल रही थी। आदमपुर थाना और हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के 16 गांवों को रहरा थाने में ट्रांसफर किया गया है। रहरा थाने में टोटल 61 गांव शामिल रहेंगे। इसमें अधिकतर गांव गंगा किनारे बसे हैं। एसपी के निर्देश पर थानों की मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है। कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसओ के अलावा 33 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। अब क्षेत्रीय लोगों को आदमपुर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हसनपुर सर्किल के आदमपुर थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी रहरा को थाना बनाने की कवायद वर्षों से चल रही थी। डेढ़ साल पहले सरकार ने इस पर मुहर लगा दी थी। इसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। हालांकि अभी भवन निर्माण शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल चौकी भवन में ही थाने का कार्य संचालित किया जाएगा। स्थानीय लोगों केे मुताबिक अंग्रेजी हुकूमत में वर्ष 1874 से 1924 तक 50 साल रहरा में थाना रहा है। रहरा गंगा के खादर में था, इसलिए बरसात के मौसम में बाढ़ आने पर मुरादाबाद से घुड़सवार अंग्रेजों और अधिकारियों को रहरा पहुंचने में दिक्कत होती थी। वर्ष 1924 में भयंकर बाढ़ आई थी। जिसके बाद वर्ष 1925 में रहरा थाने को आदमपुर शिफ्ट कर दिया गया था। रहरा में जिस स्थान पर अंग्रेजी हुकूमत में थाना रहा है, वहां वर्ष 1970 में डाकघर और प्राइमरी पाठशाला की स्थापना हुई थी। थाने की हवालात के लोहे के दरवाजे की निशानी आज भी रहरा में मौजूद है। रहरा थाने की पुलिस चौकी पौरारा गांव में थी जबकि थाना आदमपुर पहुंचने के बाद वर्ष 1982 में पौरारा चौकी को रहरा ब्लाक के एक कमरे में शिफ्ट किया गया था। वर्ष 1990 में ब्लाक के निकट (जहां अब है) चौकी का अपना भवन बना था। लेकिन अब 95 साल बाद रहरा में दोबारा थाना बन गया है। इससे क्षेत्रीय लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। एसपी डॉ विपिन ताडा के मुताबिक मंगलवार की रात 12 बजे से कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
ये गांव हुए शामिल
अमरोहा। रहरा थाने में श्यामगढी, खुशालपुर, पौरारा, मंगटा, गंगेश्वरी, डबका, दैरारा, हैदलपुर, सिरसा कला, भावली, मिर्जापुर, कसाईपुरा, बुहारीपुर, मालीपुरा , भूरावाली मढैया, भूवरा, जामनोवाली मढैया, पथरा, चीला, उकावली, फूलपुर, बाँस का कला, बाँस का खुर्द, मदारीपुर, सुतावली, चन्दनपुर खादर, बुरावली, फरौटा, खनौरा, छपना, नवापुरा, तरौली, नया गांव, लिसडा, मटीपुरा, हिरनौटा, शहबाजपुर गुर्जर, जेवडा, पतैई खादर, देहरी गुर्जर, मछरिया, खरखौदा, जल्लोपुर, बरतौरा, बिरामपुर, नानई, रहरई, खैलिया खालसा, खैलिया पट्टी, खुर्तिया, गरगज, भैसरी, लालापुर, भोगपुरा, चचौरा, गंगानगर, मेहरपुर, जयतौली, शंकर गढी, गंगवार, हाकमपुर, ढकिया शामिल रहेंगे।
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इनकी हुई तैनाती
अमरोहा। नव संचालित थाना रहरा पर कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1 इंस्पेक्टर, 2 एसआई, 9 मुख्य आरक्षी, 2 कंट्रोल आपरेटर, 15 आरक्षी, 2 आरक्षी चालक, 3 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण की नियुक्ति कर दी गई है। साथ ही गश्त के लिए नई बोलेरो गाड़ी, सीसीटीएनएस के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य सामग्री उपलब्ध करा दी गई है।
अपराध और अपराधियों पर लगेगा अंकुश
अमरोहा। एसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि क्षेत्र की जनता के सुविधा के लिए चौकी दढ़ियाल का निर्माण कर संचालन कराया गया था। पहले रहरा चौकी क्षेत्र के लोग अपनी शिकायत लेकर आदमपुर थाना जाते थे, जोकि काफी दूर है। रहरा थाने की स्थापना से आमजन को अपनी शिकायत करने के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा। जिससे जनता की समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण होगा। अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगेगा। कानून और शांति व्यवस्था सुदृढ़ होगी। अपराध नियंत्रण और शांति- कानून व्यवस्था सुदृढ़ होगी। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार रहरा थाना क्षेत्र में और पुलिस चौकियों का संचालन किया जाएगा।
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हसनपुर सर्किल के आदमपुर थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी रहरा को थाना बनाने की कवायद वर्षों से चल रही थी। डेढ़ साल पहले सरकार ने इस पर मुहर लगा दी थी। इसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। हालांकि अभी भवन निर्माण शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल चौकी भवन में ही थाने का कार्य संचालित किया जाएगा। स्थानीय लोगों केे मुताबिक अंग्रेजी हुकूमत में वर्ष 1874 से 1924 तक 50 साल रहरा में थाना रहा है। रहरा गंगा के खादर में था, इसलिए बरसात के मौसम में बाढ़ आने पर मुरादाबाद से घुड़सवार अंग्रेजों और अधिकारियों को रहरा पहुंचने में दिक्कत होती थी। वर्ष 1924 में भयंकर बाढ़ आई थी। जिसके बाद वर्ष 1925 में रहरा थाने को आदमपुर शिफ्ट कर दिया गया था। रहरा में जिस स्थान पर अंग्रेजी हुकूमत में थाना रहा है, वहां वर्ष 1970 में डाकघर और प्राइमरी पाठशाला की स्थापना हुई थी। थाने की हवालात के लोहे के दरवाजे की निशानी आज भी रहरा में मौजूद है। रहरा थाने की पुलिस चौकी पौरारा गांव में थी जबकि थाना आदमपुर पहुंचने के बाद वर्ष 1982 में पौरारा चौकी को रहरा ब्लाक के एक कमरे में शिफ्ट किया गया था। वर्ष 1990 में ब्लाक के निकट (जहां अब है) चौकी का अपना भवन बना था। लेकिन अब 95 साल बाद रहरा में दोबारा थाना बन गया है। इससे क्षेत्रीय लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। एसपी डॉ विपिन ताडा के मुताबिक मंगलवार की रात 12 बजे से कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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ये गांव हुए शामिल
अमरोहा। रहरा थाने में श्यामगढी, खुशालपुर, पौरारा, मंगटा, गंगेश्वरी, डबका, दैरारा, हैदलपुर, सिरसा कला, भावली, मिर्जापुर, कसाईपुरा, बुहारीपुर, मालीपुरा , भूरावाली मढैया, भूवरा, जामनोवाली मढैया, पथरा, चीला, उकावली, फूलपुर, बाँस का कला, बाँस का खुर्द, मदारीपुर, सुतावली, चन्दनपुर खादर, बुरावली, फरौटा, खनौरा, छपना, नवापुरा, तरौली, नया गांव, लिसडा, मटीपुरा, हिरनौटा, शहबाजपुर गुर्जर, जेवडा, पतैई खादर, देहरी गुर्जर, मछरिया, खरखौदा, जल्लोपुर, बरतौरा, बिरामपुर, नानई, रहरई, खैलिया खालसा, खैलिया पट्टी, खुर्तिया, गरगज, भैसरी, लालापुर, भोगपुरा, चचौरा, गंगानगर, मेहरपुर, जयतौली, शंकर गढी, गंगवार, हाकमपुर, ढकिया शामिल रहेंगे।
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इनकी हुई तैनाती
अमरोहा। नव संचालित थाना रहरा पर कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1 इंस्पेक्टर, 2 एसआई, 9 मुख्य आरक्षी, 2 कंट्रोल आपरेटर, 15 आरक्षी, 2 आरक्षी चालक, 3 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण की नियुक्ति कर दी गई है। साथ ही गश्त के लिए नई बोलेरो गाड़ी, सीसीटीएनएस के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य सामग्री उपलब्ध करा दी गई है।
अपराध और अपराधियों पर लगेगा अंकुश
अमरोहा। एसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि क्षेत्र की जनता के सुविधा के लिए चौकी दढ़ियाल का निर्माण कर संचालन कराया गया था। पहले रहरा चौकी क्षेत्र के लोग अपनी शिकायत लेकर आदमपुर थाना जाते थे, जोकि काफी दूर है। रहरा थाने की स्थापना से आमजन को अपनी शिकायत करने के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा। जिससे जनता की समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण होगा। अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगेगा। कानून और शांति व्यवस्था सुदृढ़ होगी। अपराध नियंत्रण और शांति- कानून व्यवस्था सुदृढ़ होगी। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार रहरा थाना क्षेत्र में और पुलिस चौकियों का संचालन किया जाएगा।