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Amroha News: खिलाड़ियों से खेल...स्टेडियम की जमीन ढूंढने में विभाग फेल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:29 AM IST
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Playing with players... department fails to find land for stadium
अमरोहा। एक तरफ सरकार ग्रामीण इलाकों में छिपी खेल प्रतिभा को उभारने के लिए ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम बनवाने का काम कर रही है लेकिन सरकार की यह मुहिम जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले के सभी छह ब्लॉक क्षेत्र में स्टेडियम का निर्माण होना है लेकिन एक साल से प्रशासन युवा कल्याण विभाग को जमीन मुहैया नहीं करा पाया है। ग्रामीण इलाके के युवा खेतों में खेलने और जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ लगाने को मजबूर है।
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करीब तीन एकड़ भूमि पर एक स्टेडियम का निर्माण होना है। वहीं, हर स्टेडियम के निर्माण पर पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे लेकिन ब्लॉक स्तर पर एक स्टेडियम के लिए तीन एकड़ जमीन की तलाश पूरी नहीं हो पा रही है। प्रशासन भी स्टेडियम के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।
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युवा कल्याण विभाग की और से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को धार देने के लिए स्टेडियम का निर्माण कराया जाना है। विभाग को एक स्टेडियम के निर्माण के लिए तीन एकड़ जमीन की जरूरत है जहां एक 200 मीटर कर रनिंग ट्रैक और एक मल्टीपरपज हॉल का निर्माण कराया जाएगा। हॉल में जिम की व्यवस्था भी होगी। इसके अलावा टेनिस, बैडमिंटन, कुश्ती, कबड्डी, वॉलीबॉल आदि खेल भी मल्टीपरपज हॉल में खेले जा सकेंगे।
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इसके अलावा सेना व पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवा भी सड़कों पर दौड़ने के बजाय स्टेडियम में अपनी तैयारी कर सकेंगे। पिछले काफी समय से जिले के हर ब्लॉक में युवा कल्याण विभाग जमीन की तलाश कर रहा है। लेकिन विभाग की यह तलाश पूरी नहीं हो रही है। ग्रामीण इलाकों में स्टेडियम की सुविधा नहीं होने के कारण पुलिस भर्ती की तैयारी में लगे युवाओं को सड़कों पर दौड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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शमी के गांव में भी नहीं शुरू हो सका निर्माण
जोया ब्लॉक में क्रिकेटर मोहम्मद शमी के गांव सहसपुर अली नगर में जमीन तो मिली, लेकिन राजस्व परिषद से हस्तांतरण नहीं होने के कारण इसका निर्माण डेढ़ बरस बीतने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए कार्यदायी संस्था नामित करते हुए बजट भी जारी कर दिया गया है। जोया के अलावा जिले के अन्य पांच ब्लॉकों में जमीन मिलने का इंतजार किया जा रहा है। जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी न होने पर अब अल्पसंख्यक विभाग की और प्रधानमंत्री जनविकास योजना के तहत इसके निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।
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युवा बोले-

सेना में भर्ती होना मेरा सपना है, लेकिन अभ्यास के लिए गांव में कोई मैदान नहीं है। मजबूरी में रोज सुबह अंधेरे में सड़क पर दौड़ना पड़ता है। पीछे से आते तेज रफ्तार वाहनों के कारण हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए।- अंकेश कुमार, भदौरा
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सड़क की सख्त सतह पर दौड़ने से पैरों और घुटनों में गंभीर चोट का खतरा रहता है। अगर हमारे इलाके में एक छोटा सा ट्रैक या खेल मैदान होता, तो हमें अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पर पसीना नहीं बहाना पड़ता। - संकलदीप, भदौरा
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भर्ती की तैयारी के लिए अनुशासन जरूरी है, इसलिए हम रिस्क लेकर भी सड़क पर उतरते हैं। कई बार दौड़ते समय गाड़ियां बहुत करीब से गुजरती हैं। सरकार और प्रशासन को हम ग्रामीण युवाओं के भविष्य के लिए खेल मैदान की व्यवस्था करनी चाहिए।- अरविंद कुमार, भदौरा
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गांव के सैकड़ों युवा पुलिस और फौज में जाना चाहते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में पिछड़ रहे हैं। कच्चा मैदान न होने से हमें मजबूरी में डामर की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जो न केवल खतरनाक है बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं है।- गोपेश लोहिया, मंगरौला
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पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा हूं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में खेलों के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध नही हैं। सड़कों के किनारे दौड़ कर तैयारी करनी पड़ रही है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। - मोहम्मद कैफ, तेलीपुरा माफी
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इस समय पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए युवा पसीना बहा रहे हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारी के लिए कोई ऐसा मैदान नहीं है, जहां सुरक्षित रूप से अभ्यास किया जा सके। सड़कों के किनारे दौड़ लगाना खतरे से खाली नहीं रहता है। - आंकुल कुमार, मोहद्दीनपुर
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युवाओं व भावी खिलाड़ियों के लिए ग्रामीण इलाकों में भी खेल का मैदान होना बहुत जरूरी है। इससे विभिन्न भर्ती के लिए तैयारी करने वाले युवाओं को भी आसानी हो जाती है। - विशाल यादव, कमेलपुर
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खेलों की तैयारी करने के लिए युवाओं को शहरी स्तर पर ही सुविधाएं मिल पाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाती हैं। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल के मैदान और स्टेडियम की सुविधा होनी चाहिए। - मोनू, आशिकपुरा

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विभाग की ओर से हर ब्लॉक में ग्रामीण स्टेडियम तैयार किए जाने हैं। जमीन की तलाश की जा रही है। लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण स्टेडियम के निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। जमीन उपलब्ध होने पर ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा।
- ऋषि कुमार, जिला युवा कल्याण अधिकारी
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