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Amroha News: ऑनलाइन खरीदा फोन निकला पुराना, अब देना होगा दोगुना जुर्माना
Tue, 29 Jul 2025 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 29 Jul 2025 01:55 AM IST
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अमरोहा। एक वेबसाइट से नामचीन कंपनी का खरीदा फोन पुराना निकला। इसके बाद कंपनी व वेबसाइट ने फोन वापस करने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में की। आयोग ने फोन कंपनी व वेबसाइट पर मोबाइल की कीमत से दोगुना जुर्माना लगाया है। साथ ही मोबाइल की कीमत 15999 रुपये को नौ प्रतिशत ब्याज समेत एक महीने में चुकाने के निर्देश दिए हैं।
बलिया जिले के रहने वाले संदीप कुमार गजरौला की एमडीए कॉलोनी में रहते हैं। आरोप है कि उन्होंने 27 जुलाई 2022 में एक नामचीन कंपनी का मोबाइल ऑनलाइन ऑर्डर किया था। दो हजार रुपये की छूट के ऑफर पर मोबाइल को एक वेबसाइट से खरीदा था। मोबाइल की कीमत 17999 थी जबकि छूट के बाद 15999 में मिला था। तीन अगस्त 2022 संदीप को मोबाइल मिल गया। कुछ दिन बाद मोबाइल में सॉफ्टवेयर संबंधित समस्याएं शुरू हो गई। फोन ठीक करने के लिए जुलाई 2023 में संदीप ने मुरादाबाद व अमरोहा के सर्विस सेंटर से संपर्क किया।
इस दौरान पता चला कि मोबाइल खरीदने से पहले ही 28 जून 2022 को एक्टिवेट हो चुका था। इस पर संदीप ने उसी वेबसाइट से संपर्क किया जिससे फोन खरीदा था। वेबसाइट से जुड़े अफसरों ने मोबाइल के चालू होने की तिथि और फोटो मांगा। साथ ही आगे की शिकायत मोबाइल कंपनी की ईमेल पर करने की सलाह दी गई। तीन अगस्त 2023 को संदीप ने ईमेल से अपनी समस्या से अवगत कराया और तीन सवाल भी पूछे। 17 अगस्त को वेबसाइट के कस्टमर केयर से संदीप कुमार के पास फोन आया और उन्होंने फोन को वापस लेकर पूरा पैसा रिफंड करने की बात कही थी। कई दिन की लंबी प्रक्रिया के बाद फोन नहीं बदल गया और वापस करने से मना कर दिया।
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इसके बाद 15 सितंबर 2023 को संदीप कुमार ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर संदीप कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने मोबाइल कंपनी और वेबसाइट के अधिकारियों को तलब कर लिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने मोबाइल की कीमत 15999 रुपये को वाद दायर करने की तिथि से नौ प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित के आर्थिक और मानसिक कष्ट के लिए 20 हजार और वाद व्यय के रूप में खर्च 10 हजार रुपये भी कंपनी को अदा करने के लिए कहा है।
तीन सवाल पूछने के बाद कंपनी ने फोन वापस लेकर पूरा पैसा देने का किया था वादा
पीड़ित संदीप कुमार ने नामचीन मोबाइल कंपनी और वेबसाइट कोई ईमेल भेजकर तीन सवाल किए थे। इसमें उन्होंने कहा कि पहले से सक्रिय मोबाइल क्यों दिया गया। शिकायतकर्ता अपनी वारंटी का दावा कैसे करेगा। कंपनी या उसके डीलर के इस धोखाधड़ीपूर्ण व्यवहार को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी। इन तीन सवालों के जवाब में कंपनी ने संदीप कुमार का फोन वापस लेकर पूरा पैसा देने की बात कही थी। लेकिन बाद में ऐसा नहीं किया।
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बलिया जिले के रहने वाले संदीप कुमार गजरौला की एमडीए कॉलोनी में रहते हैं। आरोप है कि उन्होंने 27 जुलाई 2022 में एक नामचीन कंपनी का मोबाइल ऑनलाइन ऑर्डर किया था। दो हजार रुपये की छूट के ऑफर पर मोबाइल को एक वेबसाइट से खरीदा था। मोबाइल की कीमत 17999 थी जबकि छूट के बाद 15999 में मिला था। तीन अगस्त 2022 संदीप को मोबाइल मिल गया। कुछ दिन बाद मोबाइल में सॉफ्टवेयर संबंधित समस्याएं शुरू हो गई। फोन ठीक करने के लिए जुलाई 2023 में संदीप ने मुरादाबाद व अमरोहा के सर्विस सेंटर से संपर्क किया।
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इस दौरान पता चला कि मोबाइल खरीदने से पहले ही 28 जून 2022 को एक्टिवेट हो चुका था। इस पर संदीप ने उसी वेबसाइट से संपर्क किया जिससे फोन खरीदा था। वेबसाइट से जुड़े अफसरों ने मोबाइल के चालू होने की तिथि और फोटो मांगा। साथ ही आगे की शिकायत मोबाइल कंपनी की ईमेल पर करने की सलाह दी गई। तीन अगस्त 2023 को संदीप ने ईमेल से अपनी समस्या से अवगत कराया और तीन सवाल भी पूछे। 17 अगस्त को वेबसाइट के कस्टमर केयर से संदीप कुमार के पास फोन आया और उन्होंने फोन को वापस लेकर पूरा पैसा रिफंड करने की बात कही थी। कई दिन की लंबी प्रक्रिया के बाद फोन नहीं बदल गया और वापस करने से मना कर दिया।
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इसके बाद 15 सितंबर 2023 को संदीप कुमार ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर संदीप कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने मोबाइल कंपनी और वेबसाइट के अधिकारियों को तलब कर लिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने मोबाइल की कीमत 15999 रुपये को वाद दायर करने की तिथि से नौ प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित के आर्थिक और मानसिक कष्ट के लिए 20 हजार और वाद व्यय के रूप में खर्च 10 हजार रुपये भी कंपनी को अदा करने के लिए कहा है।
तीन सवाल पूछने के बाद कंपनी ने फोन वापस लेकर पूरा पैसा देने का किया था वादा
पीड़ित संदीप कुमार ने नामचीन मोबाइल कंपनी और वेबसाइट कोई ईमेल भेजकर तीन सवाल किए थे। इसमें उन्होंने कहा कि पहले से सक्रिय मोबाइल क्यों दिया गया। शिकायतकर्ता अपनी वारंटी का दावा कैसे करेगा। कंपनी या उसके डीलर के इस धोखाधड़ीपूर्ण व्यवहार को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी। इन तीन सवालों के जवाब में कंपनी ने संदीप कुमार का फोन वापस लेकर पूरा पैसा देने की बात कही थी। लेकिन बाद में ऐसा नहीं किया।