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बैंक में तोड़फोड़-पथराव, कर्मियों को बंधक बनाया
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 25 Jan 2017 12:14 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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करेंसी वितरित नहीं करने पर मंगलवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साई महिला उपभोक्ताओं ने गार्ड बुराभला कहते हुए सिंडीकेट बैंक की शाखा पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। कर्मचारियों को बैंक में कैद कर दिया। इसके बाद पथराव करने लगीं, जिससे अफरातफरी मच गई और हंगामा खड़ा हो गया।
पता चलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और महिलाओं को समझा बुझाकर बैंक का शटर खोला। कर्मचारियों से पूछताछ कर स्थिति जानी। मैनेजर ने पुलिस के सामने ही उनको कैश आने पर वितरण करने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर महिलाएं अपने घरों को वापस लौटीं।
कस्बे के मोहल्ला बुधबाजार में अबू तालिब चौक पर सिंडीकेट बैंक की शाखा है। सुबह दस बजे से ही कैश लेने के लिए उपभोक्ताओं की लाइन बैंक के बाहर लग गई। इसमें अधिकांश महिलाएं थीं, जो कई दिनों से करेंसी के चक्कर में बैंक पर आ रही थीं। हर बार निराश होकर लौट रही थीं।
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साढ़े दस बजे कर्मचारियों ने बैंक खोलकर काम करना चालू कर दिया। इसी बीच उपभोक्ताओं को करेंसी न होने की बात कही। जिसे सुनते ही महिला उपभोक्ताओं का पारा चढ़ गया। उन्होंने बैंक के बाहर गार्ड को खरीखोटी सुनानी चालू कर दीं। महिलाओं का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने बैंक के बाहर लगे फ्लैक्सी बोर्ड का फ्रेम तोड़ा डाला।
इससे घबराकर गार्ड बैंक के अंदर घुस गया। महिलाओं ने बाहर से शटर गिराकर सभी कर्मचारियों को अंदर बंद कर दिया। इसके बाद नाले की खुली मिट्टी व ईंट पत्थर से बैंक के पर पथराव किया, जिससे कर्मचारियों के होश उड़ गए। मामले को अफसरों ने गंभीरता से लिया ओर पुलिस को खबर की।
कुछ समय बाद ही चौकी प्रभारी देवेंद्र तोमर दलबल के साथ वहां पहुंच गए। महिलाओं व अन्य उपभोक्ताओं को समझाकर पूरा माजरा जाना। बैंक का शटर खुलवाकर कर्मियों से पूछताछ की। बैंक मैनेजर ने बाहर आकर उपभोक्ताओं को यथास्थिति से वाकिफ कराया। कैश आने पर वितरण कराने की बात कही।
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पता चलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और महिलाओं को समझा बुझाकर बैंक का शटर खोला। कर्मचारियों से पूछताछ कर स्थिति जानी। मैनेजर ने पुलिस के सामने ही उनको कैश आने पर वितरण करने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर महिलाएं अपने घरों को वापस लौटीं।
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कस्बे के मोहल्ला बुधबाजार में अबू तालिब चौक पर सिंडीकेट बैंक की शाखा है। सुबह दस बजे से ही कैश लेने के लिए उपभोक्ताओं की लाइन बैंक के बाहर लग गई। इसमें अधिकांश महिलाएं थीं, जो कई दिनों से करेंसी के चक्कर में बैंक पर आ रही थीं। हर बार निराश होकर लौट रही थीं।
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साढ़े दस बजे कर्मचारियों ने बैंक खोलकर काम करना चालू कर दिया। इसी बीच उपभोक्ताओं को करेंसी न होने की बात कही। जिसे सुनते ही महिला उपभोक्ताओं का पारा चढ़ गया। उन्होंने बैंक के बाहर गार्ड को खरीखोटी सुनानी चालू कर दीं। महिलाओं का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने बैंक के बाहर लगे फ्लैक्सी बोर्ड का फ्रेम तोड़ा डाला।
इससे घबराकर गार्ड बैंक के अंदर घुस गया। महिलाओं ने बाहर से शटर गिराकर सभी कर्मचारियों को अंदर बंद कर दिया। इसके बाद नाले की खुली मिट्टी व ईंट पत्थर से बैंक के पर पथराव किया, जिससे कर्मचारियों के होश उड़ गए। मामले को अफसरों ने गंभीरता से लिया ओर पुलिस को खबर की।
कुछ समय बाद ही चौकी प्रभारी देवेंद्र तोमर दलबल के साथ वहां पहुंच गए। महिलाओं व अन्य उपभोक्ताओं को समझाकर पूरा माजरा जाना। बैंक का शटर खुलवाकर कर्मियों से पूछताछ की। बैंक मैनेजर ने बाहर आकर उपभोक्ताओं को यथास्थिति से वाकिफ कराया। कैश आने पर वितरण कराने की बात कही।