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स्वेच्छा से सड़क और यातायात नियमों को अपनाएं लोग, ऐसा माहौल बने
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अमरोहा। एआरटीओ प्रवर्तन एके सिंह राजपूत ने कहा कि जनसहभागिता की बदौलत सड़क दुर्घटना को कम कर सकते हैं। इसकी आवश्यकता ऐसी है जैसे मनुष्य के लिए ऑक्सीजन। सभी विभाग संयुक्त रुप से कार्ययोजना तैयार कर काम करें। सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में सम्मान और विश्वास का रहना बेहद जरूरी है।
वह शुक्रवार को जेएस हिंदू पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से लोग सड़क और यातायात नियमों का पालन करें ताकि सड़क दुर्घटना पर पूरी तरह रोक लग सके।
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने वाहन चालकों और स्टेक होल्डर्स को दुर्घटना कम करने के उपायों पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करें। क्योंकि लोग घटना की वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं जबकि मदद नहीं करते हैं।
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डॉ. संयुक्ता चौहान ने कहा कि कई घंटे तक वाहन चलाना खतरनाक प्रवृत्ति है। इससे दुर्घटना की अधिक संभावना हो जाती है। रात में होने वाली 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं नींद में झपकी आने से होती हैं। इस दौरान प्राचार्य डॉ. वीबी बरतरिया, एआरएम आरके जौहरी, यात्री और माल कर अधिकारी केजी संजय, सहायक अभियंता हेमंत प्रताप सिंह, इकबाल खान, डॉ. अशोक रुस्तगी, डॉ. अनिल रायपुरिया, डॉ. सुयंक्ता चैहान, डॉ. बीना रुस्तगी, यातायात उप निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार आदि रहे।
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वह शुक्रवार को जेएस हिंदू पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से लोग सड़क और यातायात नियमों का पालन करें ताकि सड़क दुर्घटना पर पूरी तरह रोक लग सके।
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सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने वाहन चालकों और स्टेक होल्डर्स को दुर्घटना कम करने के उपायों पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करें। क्योंकि लोग घटना की वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं जबकि मदद नहीं करते हैं।
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डॉ. संयुक्ता चौहान ने कहा कि कई घंटे तक वाहन चलाना खतरनाक प्रवृत्ति है। इससे दुर्घटना की अधिक संभावना हो जाती है। रात में होने वाली 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं नींद में झपकी आने से होती हैं। इस दौरान प्राचार्य डॉ. वीबी बरतरिया, एआरएम आरके जौहरी, यात्री और माल कर अधिकारी केजी संजय, सहायक अभियंता हेमंत प्रताप सिंह, इकबाल खान, डॉ. अशोक रुस्तगी, डॉ. अनिल रायपुरिया, डॉ. सुयंक्ता चैहान, डॉ. बीना रुस्तगी, यातायात उप निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार आदि रहे।