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शांति संदेश यात्रा लेकर अमरोहा पहुंची बिहार की बेटी
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अमरोहा में यात्रा के दौरान कोतवाली में बिहार की तबुस्सम अली।
- फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। नारी सशक्तिकरण और सामाजिक अभियान के तहत देेशभर में शांति संदेश यात्रा लेकर निकली बिहार की बेटी शुक्रवार को अमरोहा पहुंचीं। यहां उसने नगर कोतवाली में आमद दर्ज कराई। वह 80 दिन में बाइक से 46 हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी। उनका उद्देश्य नारी सशक्तिकरण और नारियों को प्रेरणा देना है कि महिलाएं किसी भी कार्य में पीछे नहीं है। वह बिना किसी डर के यात्रा कर सकती हैं।
मूलरूप से बिहार के दानापुर बड़ी मछुआ टोली के दुर्गा मेपल निवासी समाजसेवी तबस्सुम अली छह भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। वह 14 अक्तूबर को पटना के गांधी मैदान से नारी सशक्तिकरण एवं सामाजिक अभियान शांति संदेश और ऐतिहासिक यात्रा के लिए रवाना र्हुइं। वह बाइक से छपरा, सिवान, गोरखपुर, मऊ, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर प्रयागराज, बरेली, रामपुर और मुरादाबाद होते हुई शुक्रवार को अमरोहा पहुंचीं। वह विभिन्न स्कूल, कालेजों और सामाजिक संस्थानों में नारी सशक्तिकरण पर कार्यक्रम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि यह यात्रा बाइक से 80 दिनों में करीब 46 हजार किलोमीटर की दूरी ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन वह महिलाओं को जागरूक करना चाहती हैं। वह भी अपनी जरूरत के अनुकूल बिना किसी डर के अपनी इच्छा अनुसार यात्रा कर सकती है। अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए अपने अभिभावकों पर आश्रित न बनें। पुरुष प्रधान देश में नारियों को अभिभावकों का सहारा लेना पड़ता है। कई बार अभिभावकों की व्यस्तता और अनुपस्थिति के चलते समाज में लड़कियां लड़कों से पीछे छूट जाती हैं। जो कि महिलाओं के मौलिक अधिकारों का हनन है। इस यात्रा के जरिए वह महिलाओं को ऊपर उठने और आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रही हैं।
साइकिल यात्रा कर चुकी हैं तबस्सुम
अमरोहा। इतना ही नहीं तबस्सुम अली ने वर्ष 2017 में भी 176 दिन में साइकिल से 29 राज्यों की यात्रा की थी। तबस्सुम ने बताया कि यह यात्रा संभवता लिम्का बुक अवार्ड रिकॉर्ड और गुईनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सम्मिलित होने जा रही है। जो एक गौरव की बात है।
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मूलरूप से बिहार के दानापुर बड़ी मछुआ टोली के दुर्गा मेपल निवासी समाजसेवी तबस्सुम अली छह भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। वह 14 अक्तूबर को पटना के गांधी मैदान से नारी सशक्तिकरण एवं सामाजिक अभियान शांति संदेश और ऐतिहासिक यात्रा के लिए रवाना र्हुइं। वह बाइक से छपरा, सिवान, गोरखपुर, मऊ, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर प्रयागराज, बरेली, रामपुर और मुरादाबाद होते हुई शुक्रवार को अमरोहा पहुंचीं। वह विभिन्न स्कूल, कालेजों और सामाजिक संस्थानों में नारी सशक्तिकरण पर कार्यक्रम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि यह यात्रा बाइक से 80 दिनों में करीब 46 हजार किलोमीटर की दूरी ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन वह महिलाओं को जागरूक करना चाहती हैं। वह भी अपनी जरूरत के अनुकूल बिना किसी डर के अपनी इच्छा अनुसार यात्रा कर सकती है। अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए अपने अभिभावकों पर आश्रित न बनें। पुरुष प्रधान देश में नारियों को अभिभावकों का सहारा लेना पड़ता है। कई बार अभिभावकों की व्यस्तता और अनुपस्थिति के चलते समाज में लड़कियां लड़कों से पीछे छूट जाती हैं। जो कि महिलाओं के मौलिक अधिकारों का हनन है। इस यात्रा के जरिए वह महिलाओं को ऊपर उठने और आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रही हैं।
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साइकिल यात्रा कर चुकी हैं तबस्सुम
अमरोहा। इतना ही नहीं तबस्सुम अली ने वर्ष 2017 में भी 176 दिन में साइकिल से 29 राज्यों की यात्रा की थी। तबस्सुम ने बताया कि यह यात्रा संभवता लिम्का बुक अवार्ड रिकॉर्ड और गुईनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सम्मिलित होने जा रही है। जो एक गौरव की बात है।
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