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खत्म की ऑक्सीजन की मारामारी, अब ब्लड सेपरेशन यूनिट की तैयारी
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मरोहा जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट।
- फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। नया साल 2022... नए इरादे और नई उम्मीदों से भरा होगा। कोरोना ने वर्ष 2021 में भी जमकर तबाही मचाई। महामारी का खौफ लोगों में साफ नजर आया। संक्रमण से निपटने के लिए जिले के स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां भी बेअसर रहीं। शुरुआत में संसाधनों का अभाव रहा। लोगों को कोविड के लिए चिह्नित अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और रेगुलेटर के लिए जूझना पड़ा। समय पर ऑक्सीजन और समुचित इलाज नहीं मिलने से 203 लोगों ने अपनी जान गवां दी। तमाम समस्याओं से जूझने के बाद शासन-प्रशासन ने इससे उबरने के लिए सुविधाओं में लगातार बढ़ोत्तरी की। 11 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए। अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाने से लेकर ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाई गईं है। नए साल में मरीजों के लिए सांसों का संकट दूर होगा। जरूरत पड़ी तो मरीजों को भरपूर ऑक्सीजन मिल सकेगी। इसके अलावा अब ब्लड सेपरेशन सेंटर अगले वर्ष बन जाएगा। बेहतर इलाज मिलेगा। इसके लिए हसनपुर के रखेड़ा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कराया गया है। इसके अलावा 133 उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का दर्जा मिल गया है। जबकि 49 नए उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। वहीं डॉक्टर व अन्य स्टाफ की कमी से जूझे रहे सेहत विभाग को 68 चिकित्सक समेत 200 स्वास्थ्य कर्मियों के मिलने की उम्मीद है।
उपलब्धियां
- स्थापित किए गए 11 ऑक्सीजन प्लांट
जिले में 11 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं। मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों में इस बार ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होगी। इनकी क्षमता 3866 लीटर प्रति मिनट है।
- मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट चालू
जिला अस्पताल में मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट चालू हो गई है। यहां नवजात बच्चों के साथ उनकी मां के रुकने की व्यवस्था की गई है।
- रखेड़ा गांव में पीएचसी का निर्माण
हसनपुर के रखेड़ा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कराया गया है। केवल स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती बाकी है। स्टाफ की तैनाती के बाद क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए सहूलियत मिलेगी।
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- सभी सीएचसी में हुई अग्निशमन व्यवस्था
अस्पतालों में अग्निकांड की घटनाओं से निपटने के लिए नौगांवा सादात, जोया, अमरोहा नगर, हसनपुर, ढबारसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अग्निशमन की व्यवस्था की गई है।
उम्मीदें
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट होगी तैयार
जिला अस्पताल ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का निर्माण कराया जा रहा है। यूनिट वर्ष 2022 में शुरू हो सकती है। जिसके बाद ब्लड बैंक से प्लाज्मा, प्लेटलेट्स-पीआरबीसी मिल सकेगा।
- बर्न यूनिट होगी चालू, जले हुए मरीजों को मिलेगा इलाज
नए साल में जिला अस्पताल में बर्न यूनिट हो चालू हो सकती है। बिल्डिंग तैयार है। स्टाप मिलते ही जले हुए मरीजों का इलाज हो सकेगा।
- वन स्टॉप सेंटर की मिलेगी सौगात
नए साल 2022 में जिला अस्पताल में वन स्टॉप सेंटर की सौगात मिलेगी। यहां घरेलू विवाद के चलते घर से निकाली गईं महिलाओं को ठहरने की व्यवस्था रहेगी।
- मिल सकती है सीटी स्कैन की सौगात
नए साल में जिला अस्पताल को सीटी स्कैन की सौगात मिल सकती है। अस्पताल प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा हुआ है। मंजूरी मिलते ही मशीनें लगाई जाएंगी।
उपलब्धियां
कोरोना महामारी की दो लहरों में हजारों लोग ऑक्सीजन की किल्लत से जूझे। अब जिले में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित हुए हैं। जिससे अब ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होगी। कोई ऑक्सीजन की कमी से नहीं मरेगा।- मुस्तकीम अहमद
- रखेड़ा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलने से क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए सहूलियत मिलेगी। लेकिन चिकित्सक और स्टाफ लगातार तैनात रहने चाहिए। जिससे लोगों को उपचार मिल सके।-सतवीर सिंह
- कोरोना महामारी के बाद ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए। अस्पतालों में बेड़ों की संख्या बढ़ाई गई है। तमाम प्रयासों के बाद भी तमाम उपलब्धियां धरी रह जाती हैं। जिम्मेदारों को भी मरीजों की परेशानी समझनी चाहिए।-मंसूर अहमद
उम्मीदें
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बड़ी दयनीय है। जिनमें सुधार के लिए गांव में मौजूद स्वास्थ्य उप केंद्रों में नियमित चिकित्सक और स्टाफ की व्यवस्था की जानी अति आवश्यक है। उम्मीद है कि नया साल 2022 लोगों के लिए सहूलियत लेकर आएगा। - राहुल शर्मा, एडवोकेट
जिले में समय-समय पर एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी हो जाती है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मैं उम्मीद करता हूं कि 2022 में पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज इंजेक्शन हर समय उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे लोगों को धक्के न खाने पड़ें।- अजहरुद्दीन, छात्र
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की तैनाती होनी चाहिए। दवाइयां मिलने लगे तो क्षेत्र के लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। आज के समय क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना बेहद जरूरी है। अन्य व्यवस्था भी होनी चाहिए।- अनिल कुमार
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उपलब्धियां
- स्थापित किए गए 11 ऑक्सीजन प्लांट
जिले में 11 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं। मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों में इस बार ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होगी। इनकी क्षमता 3866 लीटर प्रति मिनट है।
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- मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट चालू
जिला अस्पताल में मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट चालू हो गई है। यहां नवजात बच्चों के साथ उनकी मां के रुकने की व्यवस्था की गई है।
- रखेड़ा गांव में पीएचसी का निर्माण
हसनपुर के रखेड़ा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कराया गया है। केवल स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती बाकी है। स्टाफ की तैनाती के बाद क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए सहूलियत मिलेगी।
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- सभी सीएचसी में हुई अग्निशमन व्यवस्था
अस्पतालों में अग्निकांड की घटनाओं से निपटने के लिए नौगांवा सादात, जोया, अमरोहा नगर, हसनपुर, ढबारसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अग्निशमन की व्यवस्था की गई है।
उम्मीदें
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट होगी तैयार
जिला अस्पताल ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का निर्माण कराया जा रहा है। यूनिट वर्ष 2022 में शुरू हो सकती है। जिसके बाद ब्लड बैंक से प्लाज्मा, प्लेटलेट्स-पीआरबीसी मिल सकेगा।
- बर्न यूनिट होगी चालू, जले हुए मरीजों को मिलेगा इलाज
नए साल में जिला अस्पताल में बर्न यूनिट हो चालू हो सकती है। बिल्डिंग तैयार है। स्टाप मिलते ही जले हुए मरीजों का इलाज हो सकेगा।
- वन स्टॉप सेंटर की मिलेगी सौगात
नए साल 2022 में जिला अस्पताल में वन स्टॉप सेंटर की सौगात मिलेगी। यहां घरेलू विवाद के चलते घर से निकाली गईं महिलाओं को ठहरने की व्यवस्था रहेगी।
- मिल सकती है सीटी स्कैन की सौगात
नए साल में जिला अस्पताल को सीटी स्कैन की सौगात मिल सकती है। अस्पताल प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा हुआ है। मंजूरी मिलते ही मशीनें लगाई जाएंगी।
उपलब्धियां
कोरोना महामारी की दो लहरों में हजारों लोग ऑक्सीजन की किल्लत से जूझे। अब जिले में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित हुए हैं। जिससे अब ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होगी। कोई ऑक्सीजन की कमी से नहीं मरेगा।- मुस्तकीम अहमद
- रखेड़ा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलने से क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए सहूलियत मिलेगी। लेकिन चिकित्सक और स्टाफ लगातार तैनात रहने चाहिए। जिससे लोगों को उपचार मिल सके।-सतवीर सिंह
- कोरोना महामारी के बाद ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए। अस्पतालों में बेड़ों की संख्या बढ़ाई गई है। तमाम प्रयासों के बाद भी तमाम उपलब्धियां धरी रह जाती हैं। जिम्मेदारों को भी मरीजों की परेशानी समझनी चाहिए।-मंसूर अहमद
उम्मीदें
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बड़ी दयनीय है। जिनमें सुधार के लिए गांव में मौजूद स्वास्थ्य उप केंद्रों में नियमित चिकित्सक और स्टाफ की व्यवस्था की जानी अति आवश्यक है। उम्मीद है कि नया साल 2022 लोगों के लिए सहूलियत लेकर आएगा। - राहुल शर्मा, एडवोकेट
जिले में समय-समय पर एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी हो जाती है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मैं उम्मीद करता हूं कि 2022 में पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज इंजेक्शन हर समय उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे लोगों को धक्के न खाने पड़ें।- अजहरुद्दीन, छात्र
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की तैनाती होनी चाहिए। दवाइयां मिलने लगे तो क्षेत्र के लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। आज के समय क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना बेहद जरूरी है। अन्य व्यवस्था भी होनी चाहिए।- अनिल कुमार