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गर्मी में डायरिया का प्रकोप बढ़ा, एक दिन में पचास मरीज भर्ती
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भीषण गर्मी के चलते डायरिया का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिला अस्पताल और सीएचसी में रोजाना उल्टी दस्त के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बुधवार को भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या पचास के पार पहुंच गई है।
शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को ओपीडी में करीब नौ सौ मरीजों को देखा गया। इनमें करीब साठ फीसदी डायरिया रोग से ग्रस्त थे। उल्टी दस्त के गंभीर करीब पचास मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। यह आलम तो सिर्फ एक सरकारी अस्पताल का है। जिला अस्पताल में इससे अधिक संख्या है। जबकि प्राइवेट नर्सिंग होम डायरिया पीड़ितों से अटे पड़े हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में डायरिया के नए रोगी सामने आ रहे हैं।
हालांकि चिकित्सक भीषण गर्मी में खान-पान को इसके लिए दोषी मान रहे हैं। लेकिन शहर की नियमित साफ सफाई न होना भी डायरिया रोग का प्रमुख कारण है। सीएचसी प्रभारी डॉ.उमर फारूख ने बताया कि बारिश होने के बाद कीटाणु तेजी से फैलते हैं। गंदगी पर बैठी मक्खी के पैरों व पंखों पर ये कीटाणु आसान से चिपक जाते हैं और खाने-पीने की वस्तुओं पर बैठकर बीमारी को जन्म देते हैं। लिहाजा कटे सड़े फल, रात का रखा और तेज मसालों से बने खाने से परहेज करें।
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दूषित खानपान और गंदगी डायरिया के लिए जिम्मेदार है। लिहाजा गर्मी और बरसात के मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बीमार होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं। अन्यथा शरीर में पानी की कमी होने से मरीज की मौत भी हो सकती है। डॉ.फाइक अली, जनरल फिजिशियन
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शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को ओपीडी में करीब नौ सौ मरीजों को देखा गया। इनमें करीब साठ फीसदी डायरिया रोग से ग्रस्त थे। उल्टी दस्त के गंभीर करीब पचास मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। यह आलम तो सिर्फ एक सरकारी अस्पताल का है। जिला अस्पताल में इससे अधिक संख्या है। जबकि प्राइवेट नर्सिंग होम डायरिया पीड़ितों से अटे पड़े हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में डायरिया के नए रोगी सामने आ रहे हैं।
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हालांकि चिकित्सक भीषण गर्मी में खान-पान को इसके लिए दोषी मान रहे हैं। लेकिन शहर की नियमित साफ सफाई न होना भी डायरिया रोग का प्रमुख कारण है। सीएचसी प्रभारी डॉ.उमर फारूख ने बताया कि बारिश होने के बाद कीटाणु तेजी से फैलते हैं। गंदगी पर बैठी मक्खी के पैरों व पंखों पर ये कीटाणु आसान से चिपक जाते हैं और खाने-पीने की वस्तुओं पर बैठकर बीमारी को जन्म देते हैं। लिहाजा कटे सड़े फल, रात का रखा और तेज मसालों से बने खाने से परहेज करें।
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दूषित खानपान और गंदगी डायरिया के लिए जिम्मेदार है। लिहाजा गर्मी और बरसात के मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बीमार होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं। अन्यथा शरीर में पानी की कमी होने से मरीज की मौत भी हो सकती है। डॉ.फाइक अली, जनरल फिजिशियन