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Amroha News: हसनपुर में खुले नाले दे रहे हादसों को न्योता
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हसनपुर। नगर में नालों को स्लैब डालकर कवर करने के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। कई मुख्य मार्गों और घनी आबादी वाले मोहल्लों में गहरे नाले खुले पड़े हैं, जिससे हर समय बड़े हादसों की आशंका बनी हुई है।
हसनपुर में एचएस पब्लिक स्कूल रोड, रहरा अड्डा से संभल अड्डा तक, आंबेडकर चौक से अस्पताल रोड, और ट्रक यूनियन के सामने बाईपास रोड समेत कई मोहल्लों में नालों को खुला छोड़ दिया गया है। एचएस पब्लिक स्कूल रोड व पचपेड़ी के पास रोजाना सैकड़ों मासूम बच्चों की आवाजाही होती है, जिससे अभिभावक हमेशा डरे रहते हैं। वहीं, अस्पताल रोड पर गंभीर मरीजों और एंबुलेंस को इन खुले नालों के कारण निकलने में भारी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में जलभराव होने से इन नालों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है। रात के समय अंधेरे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक अक्सर इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। पूर्व में भी खुले नालों में गिरने से कई मौतें हो चुकी हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन गंभीर नहीं है। जिससे व्यापारियों और नागरिकों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों ने अधिशासी अधिकारी और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मानसून को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर इन खुले नालों को पक्के स्लैब से ढका जाए, टूटे स्लैब बदले जाएं और संवेदनशील जगहों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं ताकि जनता को इस जानलेवा खतरे से निजात मिल सके।
नगर में जितने भी खुले नाले हैं उन पर जल्द ही बैरीकैडिंग करने का कार्य शुरू कराया जाएगा। उसे जगह पर संकेतक चिन्ह भी लगाए जाएंगे। - राजपाल सैनी, अध्यक्ष नगर पालिका हसनपुर।
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हसनपुर में एचएस पब्लिक स्कूल रोड, रहरा अड्डा से संभल अड्डा तक, आंबेडकर चौक से अस्पताल रोड, और ट्रक यूनियन के सामने बाईपास रोड समेत कई मोहल्लों में नालों को खुला छोड़ दिया गया है। एचएस पब्लिक स्कूल रोड व पचपेड़ी के पास रोजाना सैकड़ों मासूम बच्चों की आवाजाही होती है, जिससे अभिभावक हमेशा डरे रहते हैं। वहीं, अस्पताल रोड पर गंभीर मरीजों और एंबुलेंस को इन खुले नालों के कारण निकलने में भारी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में जलभराव होने से इन नालों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है। रात के समय अंधेरे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक अक्सर इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। पूर्व में भी खुले नालों में गिरने से कई मौतें हो चुकी हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन गंभीर नहीं है। जिससे व्यापारियों और नागरिकों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों ने अधिशासी अधिकारी और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मानसून को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर इन खुले नालों को पक्के स्लैब से ढका जाए, टूटे स्लैब बदले जाएं और संवेदनशील जगहों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं ताकि जनता को इस जानलेवा खतरे से निजात मिल सके।
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नगर में जितने भी खुले नाले हैं उन पर जल्द ही बैरीकैडिंग करने का कार्य शुरू कराया जाएगा। उसे जगह पर संकेतक चिन्ह भी लगाए जाएंगे। - राजपाल सैनी, अध्यक्ष नगर पालिका हसनपुर।
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