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Amroha News: महिला की याचिका पर हाईकोर्ट ने चहारदीवारी के निर्माण पर लगाई रोक
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मंडी धनौरा(अमरोहा)। पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय की ओर से बनाई जा रही रामलीला मैदान के पास बनाई जा रही चहारदीवारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस मामले की सुनवाई के लिए अब 16 मार्च की तारीख तय की है। इस संबंध में एक बाग की मालिक महिला ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी।
पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से रामलीला मैदान के चारों ओर चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है। रामलीला मैदान के पास ही सावित्री देवी का बाग है। सावित्री देवी के बाग के आगे भी चहारदीवारी का निर्माण करा दिया गया है। उनका कहना है कि इससे उनके बागे में जाने के रास्ते बंद हो गए। इसके विरोध में सावित्री देवी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने बाग के आगे की गई चहारदीवारी को हटाने का अनुरोध किया था।
सावित्री देवी के पुत्र अतुल कुमार ने बताया कि सोमवार को हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई थी। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन व अतुल श्रीधरन ने चहारदीवारी के निर्माण पर रोक लगाते हुए प्रतिवादी को 16 मार्च तक अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। बाउंड्री बॉल का रामलीला मैदान के पास खोखे व ठेले लगाने वाले छोटे कामगार भी विरोध कर रहे हैं।
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पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से रामलीला मैदान के चारों ओर चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है। रामलीला मैदान के पास ही सावित्री देवी का बाग है। सावित्री देवी के बाग के आगे भी चहारदीवारी का निर्माण करा दिया गया है। उनका कहना है कि इससे उनके बागे में जाने के रास्ते बंद हो गए। इसके विरोध में सावित्री देवी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने बाग के आगे की गई चहारदीवारी को हटाने का अनुरोध किया था।
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सावित्री देवी के पुत्र अतुल कुमार ने बताया कि सोमवार को हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई थी। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन व अतुल श्रीधरन ने चहारदीवारी के निर्माण पर रोक लगाते हुए प्रतिवादी को 16 मार्च तक अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। बाउंड्री बॉल का रामलीला मैदान के पास खोखे व ठेले लगाने वाले छोटे कामगार भी विरोध कर रहे हैं।
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