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नॉनवेज प्रकरण : बच्चों की मां से बात करने पहुंचे एबीएसए
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अमरोहा। हाईकोर्ट द्वारा हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल के नॉनवेज प्रकरण का संज्ञान लेने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। नाम काटने के बाद चार माह से पढ़ाई से वंचित तीन बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
शुक्रवार को एबीएसए जोया टीम के साथ बच्चों के घर पहुंचे और उनकी मां से बातचीत की। साथ ही उनकी मर्जी के स्कूल में दाखिला दिलाने का आश्वासन दिया। हालांकि, बच्चों की मां ने एक दिन का समय मांगा है। उधर, एबीएसए ने हिल्टन स्कूल पहुंचकर प्रबंधन से भी बात की।
पांच सितंबर को जोया रोड स्थित हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में छात्र के टिफिन में नॉनवेज मिलने पर नाम काटने का मामला सामने आया था। मामले का एक वीडियो वायरल हुआ था। छात्र की मां ने बेटे को बंधक बनाने और उसकी पिटाई करने और स्कूल से नाम काटने का आरोप लगाया था। उसके बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रधानाचार्य को छुट्टी पर भेज दिया था। साथ ही डीआईओएस स्तर से जांच कमेटी बनाई गई थी। कई दिनों तक मामला गरमाया रहा था। ऐसे में प्रशासन की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन और छात्र की परिजनों के बीच वार्ता हुई थी। जिसमे में मां ने स्कूल में पढ़ने वाले तीनों बच्चों को वहां से दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कराने की मांग उठाई। प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने इस पर सहमति दे दी थी।
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बच्चों की पढ़ाई को लेकर न तो प्रशासन ने गंभीरता दिखाई और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने। बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिला नहीं दिलाया गया। ऐसे में मां की ओर प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में रिट दायर की। जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट को दो सप्ताह के भीतर सीबीएसई से संबद्ध किसी दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद बीएसए द्वारा जोया के एबीएसए प्रकाश चंद को वार्ता करने की जिम्मेदारी दी। जिसके बाद शुक्रवार को एबीएसए बच्चों के घर पहुंचे और मां से वार्ता की। इस दौरान उनके इच्छा अनुसार किसी भी विद्यालय में दाखिला दिलाने का आश्वासन दिलाया। एबीएसए ने बताया कि वार्ता के दौरान बच्चों की मां ने एक दिन का समय लिया है।
वह जिस स्कूल में बच्चों का दाखिला दिलाना चाहेंगी, उसमें बच्चों को दाखिला दिलवा दिया जाएगा। उसके बाद एबीएएस ने हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में पहुंचकर प्रबंधन से वार्ता की। बताया कि प्रबंधन की ओर से बच्चों के परिजनों को पत्र भेजकर स्कूल भेजने की बात कही गई है लेकिन परिजन बच्चों को यहां नहीं पढ़ाना चाहते हैं।
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शुक्रवार को एबीएसए जोया टीम के साथ बच्चों के घर पहुंचे और उनकी मां से बातचीत की। साथ ही उनकी मर्जी के स्कूल में दाखिला दिलाने का आश्वासन दिया। हालांकि, बच्चों की मां ने एक दिन का समय मांगा है। उधर, एबीएसए ने हिल्टन स्कूल पहुंचकर प्रबंधन से भी बात की।
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पांच सितंबर को जोया रोड स्थित हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में छात्र के टिफिन में नॉनवेज मिलने पर नाम काटने का मामला सामने आया था। मामले का एक वीडियो वायरल हुआ था। छात्र की मां ने बेटे को बंधक बनाने और उसकी पिटाई करने और स्कूल से नाम काटने का आरोप लगाया था। उसके बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रधानाचार्य को छुट्टी पर भेज दिया था। साथ ही डीआईओएस स्तर से जांच कमेटी बनाई गई थी। कई दिनों तक मामला गरमाया रहा था। ऐसे में प्रशासन की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन और छात्र की परिजनों के बीच वार्ता हुई थी। जिसमे में मां ने स्कूल में पढ़ने वाले तीनों बच्चों को वहां से दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कराने की मांग उठाई। प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने इस पर सहमति दे दी थी।
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बच्चों की पढ़ाई को लेकर न तो प्रशासन ने गंभीरता दिखाई और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने। बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिला नहीं दिलाया गया। ऐसे में मां की ओर प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में रिट दायर की। जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट को दो सप्ताह के भीतर सीबीएसई से संबद्ध किसी दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद बीएसए द्वारा जोया के एबीएसए प्रकाश चंद को वार्ता करने की जिम्मेदारी दी। जिसके बाद शुक्रवार को एबीएसए बच्चों के घर पहुंचे और मां से वार्ता की। इस दौरान उनके इच्छा अनुसार किसी भी विद्यालय में दाखिला दिलाने का आश्वासन दिलाया। एबीएसए ने बताया कि वार्ता के दौरान बच्चों की मां ने एक दिन का समय लिया है।
वह जिस स्कूल में बच्चों का दाखिला दिलाना चाहेंगी, उसमें बच्चों को दाखिला दिलवा दिया जाएगा। उसके बाद एबीएएस ने हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में पहुंचकर प्रबंधन से वार्ता की। बताया कि प्रबंधन की ओर से बच्चों के परिजनों को पत्र भेजकर स्कूल भेजने की बात कही गई है लेकिन परिजन बच्चों को यहां नहीं पढ़ाना चाहते हैं।