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जुबिलेंट फैक्टरी से गैस छोड़ने पर एनजीटी गंभीर
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गजरौला की जुबिलेंट इन्ग्रेविया लिमिटेड फैक्टरी द्वारा छोड़ी जा रही प्रदूषित गैस को गंभीरता से लिया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव से प्रदूषित गैस रिसाव को लेकर की गई कार्रवाई से 15 दिन में अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
बछरायूं निवासी इंजीनियर जुगनू सिंह ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की थी। कहा था कि जुबिलेंट फैक्टरी द्वारा आए दिन गैस छोड़ी जा रही है। जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी फैक्टरी से मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जुबिलेंट फैक्टरी द्वारा आए दिन छोड़ी जा रही प्रदूषित गैस और उससे हो रही लोगों की परेशानी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीरता से लिया है। केंद्रीय नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव को 12 मई को पत्र लिखा।
कहा कि फैक्टरी द्वारा आए दिन गैस रिसाव किया जा रहा है। जिससे लोगों की जान पर बन जाती है। कभी कभार तो सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। गैस के कारण हाईवे किनारे धुंध की चादर सी छा जाती है। प्रदूषित गैस के कारण लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसकी शिकायत आए दिन आ रही हैं। गैस रिसाव को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब तक क्या कार्रवाई की। मगर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण के पत्र को प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीरता से नहीं लिया। जिस कारण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दोबारा पत्र लिखा है। गैस रिसाव को लेकर की गई कार्रवाई से 15 दिन में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में उपस्थित होकर अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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बछरायूं निवासी इंजीनियर जुगनू सिंह ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की थी। कहा था कि जुबिलेंट फैक्टरी द्वारा आए दिन गैस छोड़ी जा रही है। जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी फैक्टरी से मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जुबिलेंट फैक्टरी द्वारा आए दिन छोड़ी जा रही प्रदूषित गैस और उससे हो रही लोगों की परेशानी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीरता से लिया है। केंद्रीय नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव को 12 मई को पत्र लिखा।
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कहा कि फैक्टरी द्वारा आए दिन गैस रिसाव किया जा रहा है। जिससे लोगों की जान पर बन जाती है। कभी कभार तो सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। गैस के कारण हाईवे किनारे धुंध की चादर सी छा जाती है। प्रदूषित गैस के कारण लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसकी शिकायत आए दिन आ रही हैं। गैस रिसाव को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब तक क्या कार्रवाई की। मगर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण के पत्र को प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीरता से नहीं लिया। जिस कारण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दोबारा पत्र लिखा है। गैस रिसाव को लेकर की गई कार्रवाई से 15 दिन में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में उपस्थित होकर अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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