फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Negligence in Jal Jeevan Mission project proves costly; XEN removed.

Amroha News: जल जीवन मिशन परियोजना में लापरवाही पड़ी भारी, एक्सईएन हटाए गए

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 02:26 AM IST
विज्ञापन
Negligence in Jal Jeevan Mission project proves costly; XEN removed.
अमरोहा। जिले में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं में लापरवाही और निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर शासन ने जल निगम के एक्सईएन चंद्रहास का तबादला कर दिया है। उन्हें अमरोहा से हटाकर बागपत भेजा गया है। उनके स्थान पर मुजीब अहमद को अमरोहा भेजा गया है। जल जीवन मिशन की बदहाल स्थिति और अधूरे कार्यों को लेकर संवाद न्यूज एजेंसी की खबरें अमर उजाला ने भी प्रमुखता से प्रकाशित की थीं। शासन ने खबरों का संज्ञान लेकर कार्रवाई की।
विज्ञापन

जल जीवन मिशन के दूसरे और तीसरे फेज में गांवों में 493 ओवरहेड टैंक बनने थे, लेकिन अब तक केवल 200 पूरे हुए हैं, जबकि 293 अधूरे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई गांवों में टैंकों का निर्माण बीच में ही रुक गया है।
विज्ञापन

पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई गांवों और संपर्क मार्गों की सड़कों की कई जगह मरम्मत नहीं हुई। जहां मरम्मत हुई, वहां भी सड़कें टूटने लगी हैं। टैंक और पाइपलाइन का काम अधूरा होने से ग्रामीणों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। नए एक्सईएन मुजीब अहमद के सामने अधूरी परियोजनाओं को पूरा कर योजना को पटरी पर लाने की चुनौती होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


---------------
तीन फर्मों पर कार्रवाई के दिये थे निर्देश
जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही को लेकर एसपीएमएल, एलसी इंफ्रा और ओमिल फर्मों के खिलाफ शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिए गए थे। जिले में करीब 3849 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 3724 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का दावा किया गया है। इसके बावजूद अधिकांश गांवों में अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इससे मिशन के कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
---------------
रोका गया था बजट, 90 फीसदी कार्य वाले गांवों को ही मिलेगी धनराशि
जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर शासन ने सख्त कदम उठाते हुए योजना से जुड़ा बजट रोक दिया था। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए शासन ने यह निर्णय लिया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार केवल उन्हीं गांवों को धनराशि जारी की जाएगी, जहां योजना का कार्य 90 प्रतिशत या उससे अधिक पूरा हो चुका है। जिन गांवों में कार्य अधूरा है या प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां फिलहाल बजट रोक दिया गया। पहले सभी चयनित गांवों को योजना के तहत नियमित रूप से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही थी। लंबे समय से कई गांवों में ओवरहेड टैंक अधूरे पड़े हैं और पाइपलाइन बिछाने के बावजूद जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है, जिस पर लगातार सवाल उठ रहे थे।

------------
लापरवाही बरतने वाली एजेंसी और जिम्मेदार चिह्नित होंगे
जिले में मिशन के बाकी बचे कार्यों की जांच और निगरानी के लिए गठित टीम काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसी और जिम्मेदार कर्मचारियों को चिह्नित करेगी। जांच के दौरान कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और निर्धारित मानकों का जायजा लिया जाएगा। लापरवाही सामने आने पर संबंधित एजेंसी का भुगतान रोकने के साथ ही जिम्मेदार कर्मचारी का वेतन रोकने की कार्रवाई भी की जा सकती है। जांच टीम में लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिकारी शामिल रहेंगे। इसके अलावा शासन स्तर से नामित अधिकारी या एजेंसी भी टीम का हिस्सा होगी। टीम की निगरानी में मिशन के अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने पर जोर रहेगा।


अधिशासी अभियंता चंद्रहास का बागपत जनपद के लिए ट्रांसफर हो गया है। उन गांवों में प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू कराए जाएंगे। जिन गांवों में 90 प्रतिशत या इससे अधिक का काम पूरा हो चुका है। शासन की ओर से पहले इन गांवों के लिए धनराशि भेजी जा रही है।
-मुजीब अहमद, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण क्षेत्र
..........
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed