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सुसाइड नहीं, हत्या की गई थी बीटेक छात्र की
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 15 Dec 2016 11:39 PM IST
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Murder
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आखिर वही निकला, जिसकी आशंका थी। डिडौली के डीएनएस कॉलेज में बीटेक छात्र की हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो गई है। उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। जो इसकी पुष्टि कर रहा है कि हत्या से पूर्व उसने काफी संघर्ष किया था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली है। रिपोर्ट हाथ्ा में आने के बाद ही पुलिस अगली कार्रवाई करेगी।
मूलरूप से एटा जनपद के सिंहपुर गांव निवासी ठाकुर प्रमोद तोमर दिल्ली के रोहिणी में सर्विस करते हैं। तकरीबन 15 साल से नोएडा के सैक्टर 82 में रहते हैं। यहीं पर उन्होंने अपना आवास बना लिया है। उनका बड़ा बेटा पंकज तोमर (21) डिडौली के डीएनएस कॉलेज में बीटेक का छात्र था।
बुधवार को पंकज का शव हॉस्टल के बेड पर औंधे मुंह पड़ा मिला था। गला नायलॉन की पतली रस्सी से कसा था, जो बेड के सिरहाने बंधी थी। कॉलेज प्रशासन और छात्र, पंकज की मौत को आत्महत्या बता रहे थे, जबकि हालात कुछ और बता रहे थे। मौका-ए-वारदात को देख पुलिस हत्या और आत्महत्या में उलझ गई।
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घटनास्थल को देख पुलिस भी हत्या से इंकार नहीं कर रही थी। एसपी डा. शिवा शिंपी चनप्पा, एएसपी नरेद्र प्रताप सिंह तथा सीओ सिटी शील कुमार ने घंटों की जांच पड़ताल की थी। हत्या की आशंका के चलते ही पुलिस अफसरों ने फोरेंसिक टीम से मौका-ए-वारदात की जांच कराई थी। साथ ही छात्र के कपड़े, किताब आदि सभी सील कराए थे। हत्या की आशंका के चलते ही छात्र के शव की वीडियोग्राफी कराई तथा डॉक्टरों के पैनल से उसका पोस्टमार्टम कराया।
पुलिस को जैसी आशंका थी, वही निकला। सूत्रों के मुुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र की हत्या की पुष्टि हो गई है। उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। जो इस बात के सबूत हैं कि हत्या से पूर्व छात्र ने हत्यारों से काफी संघर्ष किया था।
उधर फांसी लगने से गले और मस्तिष्क के बीच की जो हड्डी टूट जाती है, पीएम रिपोर्ट में वह सही पाई गई है। जिससे छात्र द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी की बात खारिज हो गई है। हालांकि पुलिस के हाथ अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। एएसपी के मुताबिक रिपोर्ट के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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मूलरूप से एटा जनपद के सिंहपुर गांव निवासी ठाकुर प्रमोद तोमर दिल्ली के रोहिणी में सर्विस करते हैं। तकरीबन 15 साल से नोएडा के सैक्टर 82 में रहते हैं। यहीं पर उन्होंने अपना आवास बना लिया है। उनका बड़ा बेटा पंकज तोमर (21) डिडौली के डीएनएस कॉलेज में बीटेक का छात्र था।
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बुधवार को पंकज का शव हॉस्टल के बेड पर औंधे मुंह पड़ा मिला था। गला नायलॉन की पतली रस्सी से कसा था, जो बेड के सिरहाने बंधी थी। कॉलेज प्रशासन और छात्र, पंकज की मौत को आत्महत्या बता रहे थे, जबकि हालात कुछ और बता रहे थे। मौका-ए-वारदात को देख पुलिस हत्या और आत्महत्या में उलझ गई।
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घटनास्थल को देख पुलिस भी हत्या से इंकार नहीं कर रही थी। एसपी डा. शिवा शिंपी चनप्पा, एएसपी नरेद्र प्रताप सिंह तथा सीओ सिटी शील कुमार ने घंटों की जांच पड़ताल की थी। हत्या की आशंका के चलते ही पुलिस अफसरों ने फोरेंसिक टीम से मौका-ए-वारदात की जांच कराई थी। साथ ही छात्र के कपड़े, किताब आदि सभी सील कराए थे। हत्या की आशंका के चलते ही छात्र के शव की वीडियोग्राफी कराई तथा डॉक्टरों के पैनल से उसका पोस्टमार्टम कराया।
पुलिस को जैसी आशंका थी, वही निकला। सूत्रों के मुुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र की हत्या की पुष्टि हो गई है। उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। जो इस बात के सबूत हैं कि हत्या से पूर्व छात्र ने हत्यारों से काफी संघर्ष किया था।
उधर फांसी लगने से गले और मस्तिष्क के बीच की जो हड्डी टूट जाती है, पीएम रिपोर्ट में वह सही पाई गई है। जिससे छात्र द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी की बात खारिज हो गई है। हालांकि पुलिस के हाथ अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। एएसपी के मुताबिक रिपोर्ट के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।