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Amroha News: गाजर का हलवा खाने से 50 से अधिक लोग बीमार
Sun, 23 Feb 2025 12:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 23 Feb 2025 12:10 AM IST
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अमरोहा। डिडौली गांव में पुण्यतिथि कार्यक्रम में गाजर का हलवा खाने से 50 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। इसमें महिलाएं और बच्चों की संख्या अधिक है। हलवा खाते ही एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ती चली गई। उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद लोग बेहोशी की हालत में गिरने लगे। तुरंत ही बीमार लोगों को अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मावा, खोवा, पनीर, छेना समेत पांच पकवानों के सैंपल लिए। इसके अलावा जिस दुकान से मावा खरीदा गया था, वहां से भी मावा, रसगुल्ला, बर्फी, छेना, बालुसाइ के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए कुछ लोगों की सेहत में सुधार बताया जा रहा है, जबकि कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
डिडौली गांव में सराफ कुलदीप गुप्ता का परिवार रहता है। शुक्रवार को उनके पिता विनेश गुप्ता की पहली पुण्यतिथि थी। खाने पर रिश्तेदार, परिचित और ग्रामीणों को बुलाया गया था। दोपहर में लोगों ने खाना खाया। इसके कुछ देर बाद गाजर का हलवा खाने वाली महिला और बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। अचानक उन्हें उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। एक के बाद एक बड़ी संख्या में लोगों को बीमार होता देख पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल लोगों के होश उड़ गए। तुरंत ही बीमार लोगों को आसपास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने लोगों को फूड प्वाइजनिंग होने की बात कही है। दावा किया जा रहा है कि गाजर का हलवा नकली दूध और नकली मावे से तैयार किया गया था। जिसे खाने के बाद लोगों को फूड प्वाइजनिंग हुई है। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सराफ कुलदीप गुप्ता ने बताया कि ज्यादातर बीमार लोग उनके परिवार और गांव के हैं। रिश्तेदारों को पुण्यतिथि में नहीं बुलाया गया था।
डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने की कार्रवाई
डीएम निधि गुप्ता वत्स के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय कुमार अग्रवाल, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुलदीप कुमार दीक्षित मौके पर पहुंचे और यहां से मावा, खोवा, पनीर, छेना और गाजर के हलवे का सैंपल लिया। इसके बाद टीम उसी दुकान पर पहुंची, जहां से मावा खरीदा गया था। टीम ने यहां से भी मावा, रसगुल्ला, बर्फी, छेना, बालुसाइ का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।
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ये लोग हुए फूड प्वाइजनिंग के शिकार
गिरीश गुप्ता अंजू गुप्ता, विजय गुप्ता, सुशीला देवी, पदम गुप्ता, पूजा गुप्ता, गोरांस, रूद्रांश, अमन, कपिल गुप्ता, संगीता, शिवम, गुडडू, दीपक, इति गुप्ता, कंचन, विकास गुप्ता, विपिन गुप्ता, यशौदा गुप्ता, मुखराम प्रजापति, राहुल गुप्ता, सुशील, अंकित, पिंकी,कनिका, संतोष गुप्ता, स्वाति, अतुल, लवी, दीपांशु, इन्द्रेश, पप्पू गुप्ता, सचिन, रामनिवास, वीरसिंह , आयुष गुप्ता, पप्पू कष्यप, मनोज, रोहित शर्मा, बोवी, मीनू, मिनाक्षी, दर्श, इन्देश गुप्ता गुप्ता, शुभम, जतिन, अरुण जाटब, विशाल गुप्ता, सचिन गुप्ता, संगीता, मधु गुप्ता, मुनीशा अबनी, चंद्रप्रकाश गुप्ता, सन्तोष गुप्ता, बब्बू गुप्ता, पूनम, गुड़िया, राकेश, मानवी, सूर्य, आरब आदि।
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डिडौली गांव में सराफ कुलदीप गुप्ता का परिवार रहता है। शुक्रवार को उनके पिता विनेश गुप्ता की पहली पुण्यतिथि थी। खाने पर रिश्तेदार, परिचित और ग्रामीणों को बुलाया गया था। दोपहर में लोगों ने खाना खाया। इसके कुछ देर बाद गाजर का हलवा खाने वाली महिला और बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। अचानक उन्हें उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। एक के बाद एक बड़ी संख्या में लोगों को बीमार होता देख पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल लोगों के होश उड़ गए। तुरंत ही बीमार लोगों को आसपास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने लोगों को फूड प्वाइजनिंग होने की बात कही है। दावा किया जा रहा है कि गाजर का हलवा नकली दूध और नकली मावे से तैयार किया गया था। जिसे खाने के बाद लोगों को फूड प्वाइजनिंग हुई है। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सराफ कुलदीप गुप्ता ने बताया कि ज्यादातर बीमार लोग उनके परिवार और गांव के हैं। रिश्तेदारों को पुण्यतिथि में नहीं बुलाया गया था।
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डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने की कार्रवाई
डीएम निधि गुप्ता वत्स के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय कुमार अग्रवाल, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुलदीप कुमार दीक्षित मौके पर पहुंचे और यहां से मावा, खोवा, पनीर, छेना और गाजर के हलवे का सैंपल लिया। इसके बाद टीम उसी दुकान पर पहुंची, जहां से मावा खरीदा गया था। टीम ने यहां से भी मावा, रसगुल्ला, बर्फी, छेना, बालुसाइ का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।
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ये लोग हुए फूड प्वाइजनिंग के शिकार
गिरीश गुप्ता अंजू गुप्ता, विजय गुप्ता, सुशीला देवी, पदम गुप्ता, पूजा गुप्ता, गोरांस, रूद्रांश, अमन, कपिल गुप्ता, संगीता, शिवम, गुडडू, दीपक, इति गुप्ता, कंचन, विकास गुप्ता, विपिन गुप्ता, यशौदा गुप्ता, मुखराम प्रजापति, राहुल गुप्ता, सुशील, अंकित, पिंकी,कनिका, संतोष गुप्ता, स्वाति, अतुल, लवी, दीपांशु, इन्द्रेश, पप्पू गुप्ता, सचिन, रामनिवास, वीरसिंह , आयुष गुप्ता, पप्पू कष्यप, मनोज, रोहित शर्मा, बोवी, मीनू, मिनाक्षी, दर्श, इन्देश गुप्ता गुप्ता, शुभम, जतिन, अरुण जाटब, विशाल गुप्ता, सचिन गुप्ता, संगीता, मधु गुप्ता, मुनीशा अबनी, चंद्रप्रकाश गुप्ता, सन्तोष गुप्ता, बब्बू गुप्ता, पूनम, गुड़िया, राकेश, मानवी, सूर्य, आरब आदि।