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खेतों में मरे मिले बंदर, मुंह से निकल रहे थे झाग
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 28 Nov 2016 11:52 PM IST
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भारत सरकार ने 14 मार्च 2016 को शिमला शहर में बंदरों को छह महीने के लिए वर्मिन घोषित करने की अधिसूचना जारी की थी।
- फोटो : अमर उजाला
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गजरौला (अमरोहा) में खादगूजर रोड पर किसान इंटर कॉलेज के पीछे सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में खेतों में दस बंदर मरे मिले। बंदरों के मुंह से झाग निकल रहे थे। इससे बंदरों को जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि पीएम के बाद ही हो सकेगी। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और बंदरों के शवों को पीएम के लिए भेजा।
हुआ यूं कि, खादगूजर रोड स्थित किसान इंटर कॉलेज के पीछे खाली पड़े खेतों में दस बंदर मरे हुए पड़े थे। ग्रामीणों की नजर पड़ी तो भीड़ लग गई। कई बंदर अर्द्धबेहोशी की हालत में दम तोड़ने की स्थिति में थे, मरे हुए और अर्द्धबेहोशी की हालत में तड़प रहे बंदरों के मुंह से झाग निकल रहे थे। इससे लग रहा था कि बंदरों को किसी ने जहर दे दिया है। हालांकि मौके से मौत की वजह की पुष्टि नहीं हो सकी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृत बंदरों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
क्या बोले वन रेंजर
धनौरा वन रेंज के रेंजर इकबाल खान ने बताया कि सूचना मिलने पर वह खुद कुमराला वन विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन की, मौके से 10 बंदर मरे हुए पाये गए हैं। प्रथम दृष्टया बंदरों को जहर दिये जाने की बात सामने आ रही है, पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, पीएम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा, ये शर्मनाक हरकत किसकी है, ये जांच का बिंदु है, जांच पड़ताल के लिए विभागीय टीमों को लगा दिया गया है।
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बोले पीएफए प्रांतीय प्रभारी
पीपुल फार एनिमल्स (पीएफए) के प्रांतीय प्रभारी रविंद्र शुक्ला ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि बंदरों को जहर दिया गया है, ग्रामीणों की सूचना पर मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन अरविंद कुमार को मोबाइल पर अवगत कराया गया है, मृत बंदरों को पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है, साथ ही ये शर्मनाक हरकत किसने की है, इसके लिए रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी जाएगी।
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हुआ यूं कि, खादगूजर रोड स्थित किसान इंटर कॉलेज के पीछे खाली पड़े खेतों में दस बंदर मरे हुए पड़े थे। ग्रामीणों की नजर पड़ी तो भीड़ लग गई। कई बंदर अर्द्धबेहोशी की हालत में दम तोड़ने की स्थिति में थे, मरे हुए और अर्द्धबेहोशी की हालत में तड़प रहे बंदरों के मुंह से झाग निकल रहे थे। इससे लग रहा था कि बंदरों को किसी ने जहर दे दिया है। हालांकि मौके से मौत की वजह की पुष्टि नहीं हो सकी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृत बंदरों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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क्या बोले वन रेंजर
धनौरा वन रेंज के रेंजर इकबाल खान ने बताया कि सूचना मिलने पर वह खुद कुमराला वन विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन की, मौके से 10 बंदर मरे हुए पाये गए हैं। प्रथम दृष्टया बंदरों को जहर दिये जाने की बात सामने आ रही है, पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, पीएम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा, ये शर्मनाक हरकत किसकी है, ये जांच का बिंदु है, जांच पड़ताल के लिए विभागीय टीमों को लगा दिया गया है।
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बोले पीएफए प्रांतीय प्रभारी
पीपुल फार एनिमल्स (पीएफए) के प्रांतीय प्रभारी रविंद्र शुक्ला ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि बंदरों को जहर दिया गया है, ग्रामीणों की सूचना पर मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन अरविंद कुमार को मोबाइल पर अवगत कराया गया है, मृत बंदरों को पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है, साथ ही ये शर्मनाक हरकत किसने की है, इसके लिए रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी जाएगी।