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मोहर्रम शुरू शोक में डूब गया शिया समुदाय
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो अमरोहा
Updated Mon, 03 Oct 2016 02:33 AM IST
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रामपुर में रविवार को मिस्टन गंज से निकले जरी के जुलूस में नोहा ख्वानी करती अजुमन और मातम करते लोग
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मोहर्रम शुरू हो गए हैं। शिया समुदाय पूरी तरह शोक में डूब गया हैं। नौगावां सादात में जहां रास्तों के किनारे काली झंडियां लगाई गई हैं, वहीं हर घर में अलम लगे नजर आ रहे हैं। सभी अजाखाने मजलिस व मातम के लिए तैयार हो गए हैं। यहां सोमवार को पहला जुलूस बरामद होगा, जबकि अमरोहा में पांच अक्टूबर को मोहर्रम का पहला जुलूस निकलेगा।
मोहर्रम को लेकर शिया समुदाय के लोग गम में डूब गए हैं। नौगावां सादात में मार्गों के दोनों ओर काली झंडिया लगा दी गई हैं। घरों पर अलम लगा दिए हैं। सभी अजाखानों को मजलिसों व मातम के लिए तैयार किया गया है। जगह जगह अजादारी व मोहर्रमदारी से संबंधित बैनर लगे हैं। दस मोहर्रम को बरामद होने वाले ताजियों को तैयार किया जा रहा है।
विदेशों में रहने वाले अजादारों की आमद जारी है। सफाई, रोशनी व पानी का पूरा इंतजाम है। रविवार को अंजुमने यादगारे हुसैन, अंजुमने आबदिया, अंजुमने हैदरी व अंजुमने सोगवारे हुसैनी ने अजाखाने से चांद रात का अलमे जुलूस बरामद किया। हजारों मोमेनीन काले कपड़े पहने, नंगे सिर व नंगे पांव सीनाजनी व नौहाख्वानी करते हुए शहर में निकले। आज पहला मोहर्रम मातमी जुलूस मोहल्ला पापड़ी के अजाखाने से बरामद होगा, जिसकी तैयारी कर ली गई हैं।
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वहीं अंजुमने तहफ्फुजे आजादारी का सालाना जलसाए आम अजाखाना मुस्म्मात सुगरन मोहल्ला गुजरी में आयोजित हुआ, जिसमें मोहर्रम जुलूस की तैयारियां पर चर्चा की। अंजुमने तहफ्फुजे आजादारी के सदर वकारूल हसनैन खां ने बताया कि मोहर्रम की सारी तैयारियां मुकम्मल हो गई हैं। शहर के जिन मार्गों से जुलूस निकलेगा, उन सड़कों को सही कर लिया गया है।
इमामबाड़ों में भी तैयारियां हो चुकी हैं। 3 मोहर्रम यानि पांच अक्टूबर से सुबह नौ बजे पहला जुलूस बरामद होगा। चांद दिखते ही अजाखानों पर काले अलम लगा दिए गए हैं। इस दौरान अन्य तमाम तैयारियां पर भी चर्चा हुईं। इस मौके पर हुसैन अब्बास, सिब्ते जमाल, आलिम रजा, ताहिर अब्बास, महताब हुसैन, काजिम अब्बास, सरफराज हुसैन, खुर्शीद जैदी, जहीर हैदर, रिजवान अली, सिब्ते हैदर, रजा कमाल, शरफ अली खां, नजमी, सिब्ते रगाम, अब्बास हैदर, इमदाद हैदर, आले मुस्ताफैन, नईम कौसर आदि मौजूद थे।
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मोहर्रम को लेकर शिया समुदाय के लोग गम में डूब गए हैं। नौगावां सादात में मार्गों के दोनों ओर काली झंडिया लगा दी गई हैं। घरों पर अलम लगा दिए हैं। सभी अजाखानों को मजलिसों व मातम के लिए तैयार किया गया है। जगह जगह अजादारी व मोहर्रमदारी से संबंधित बैनर लगे हैं। दस मोहर्रम को बरामद होने वाले ताजियों को तैयार किया जा रहा है।
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विदेशों में रहने वाले अजादारों की आमद जारी है। सफाई, रोशनी व पानी का पूरा इंतजाम है। रविवार को अंजुमने यादगारे हुसैन, अंजुमने आबदिया, अंजुमने हैदरी व अंजुमने सोगवारे हुसैनी ने अजाखाने से चांद रात का अलमे जुलूस बरामद किया। हजारों मोमेनीन काले कपड़े पहने, नंगे सिर व नंगे पांव सीनाजनी व नौहाख्वानी करते हुए शहर में निकले। आज पहला मोहर्रम मातमी जुलूस मोहल्ला पापड़ी के अजाखाने से बरामद होगा, जिसकी तैयारी कर ली गई हैं।
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वहीं अंजुमने तहफ्फुजे आजादारी का सालाना जलसाए आम अजाखाना मुस्म्मात सुगरन मोहल्ला गुजरी में आयोजित हुआ, जिसमें मोहर्रम जुलूस की तैयारियां पर चर्चा की। अंजुमने तहफ्फुजे आजादारी के सदर वकारूल हसनैन खां ने बताया कि मोहर्रम की सारी तैयारियां मुकम्मल हो गई हैं। शहर के जिन मार्गों से जुलूस निकलेगा, उन सड़कों को सही कर लिया गया है।
इमामबाड़ों में भी तैयारियां हो चुकी हैं। 3 मोहर्रम यानि पांच अक्टूबर से सुबह नौ बजे पहला जुलूस बरामद होगा। चांद दिखते ही अजाखानों पर काले अलम लगा दिए गए हैं। इस दौरान अन्य तमाम तैयारियां पर भी चर्चा हुईं। इस मौके पर हुसैन अब्बास, सिब्ते जमाल, आलिम रजा, ताहिर अब्बास, महताब हुसैन, काजिम अब्बास, सरफराज हुसैन, खुर्शीद जैदी, जहीर हैदर, रिजवान अली, सिब्ते हैदर, रजा कमाल, शरफ अली खां, नजमी, सिब्ते रगाम, अब्बास हैदर, इमदाद हैदर, आले मुस्ताफैन, नईम कौसर आदि मौजूद थे।