{"_id":"68113d242056e7d9f70d29f1","slug":"mnrega-fraud-hearing-on-the-petition-of-panchayat-secretaries-in-high-court-today-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-138968-2025-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा फर्जीवाड़ा : पंचायत सचिवों की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा फर्जीवाड़ा : पंचायत सचिवों की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज
विज्ञापन
अमरोहा। क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना, बहनोई गजनबी व परिवार के सदस्यों समेत 18 लोगों को मनरेगा मजदूर दर्शाने के मामले में फंसे पंचायत सचिवों की याचिका पर हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी। इससे पहले लेखाकार वीरेंद्र पाल सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। पंचायत सचिवों ने कार्रवाई को निराधार बताते हुए मुकदमा खत्म करने के लिए याचिका दायर की है।
जोया ब्लॉक क्षेत्र के पलौला गांव में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास गुले आयशा ग्राम प्रधान हैं। गांव में शमी की बहन शबीना, बहनोई गजनबी व अन्य परिवार के सदस्यों समेत 18 लोगों को मनरेगा मजदूरी दिलाने का मामला सामने आया था। तीन मार्च की शाम जोया ब्लॉक बीडीओ लोकचंद ने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी पृथ्वी सिंह, अंजुम, हुमा परवीन, तत्कालीन लेखाकार विजेंद्र सिंह, तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर मनरेगा शराफत अली, तकनीकी सहायक अजय निमेश, तत्कालीन एपीओ बृजभान सिंह और सेवा मुक्त ग्राम रोजगार सेवक झम्मन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सभी पर विश्वासघात करने का आरोप है।
इस मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव हुमा परवीन, अंजुम और पृथ्वी सिंह ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। मामले में 21 अप्रैल को सुनवाई हुई। तीनों पंचायत सचिवों की फाइल में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने हाईकोर्ट से एक सप्ताह का समय मांगा था। इस पर हाईकोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 30 अप्रैल नियत की थी। अब बुधवार को हाईकोर्ट मामले में सुनवाई करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जोया ब्लॉक क्षेत्र के पलौला गांव में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास गुले आयशा ग्राम प्रधान हैं। गांव में शमी की बहन शबीना, बहनोई गजनबी व अन्य परिवार के सदस्यों समेत 18 लोगों को मनरेगा मजदूरी दिलाने का मामला सामने आया था। तीन मार्च की शाम जोया ब्लॉक बीडीओ लोकचंद ने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी पृथ्वी सिंह, अंजुम, हुमा परवीन, तत्कालीन लेखाकार विजेंद्र सिंह, तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर मनरेगा शराफत अली, तकनीकी सहायक अजय निमेश, तत्कालीन एपीओ बृजभान सिंह और सेवा मुक्त ग्राम रोजगार सेवक झम्मन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सभी पर विश्वासघात करने का आरोप है।
विज्ञापन
इस मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव हुमा परवीन, अंजुम और पृथ्वी सिंह ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। मामले में 21 अप्रैल को सुनवाई हुई। तीनों पंचायत सचिवों की फाइल में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने हाईकोर्ट से एक सप्ताह का समय मांगा था। इस पर हाईकोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 30 अप्रैल नियत की थी। अब बुधवार को हाईकोर्ट मामले में सुनवाई करेगा।
विज्ञापन