{"_id":"578697904f1c1b196313d65c","slug":"mla-told-i-will-do-work","type":"story","status":"publish","title_hn":"पालिका कहे हम कराएंगे काम, विधायक बोले-हम कराएंगे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पालिका कहे हम कराएंगे काम, विधायक बोले-हम कराएंगे
अमर उजाला/ ब्यूरोअमरोहा
Updated Thu, 14 Jul 2016 01:03 AM IST
विज्ञापन
मंडी धनौरा का प्राचीन आंनद सरोवर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्राचीन तालाब आनंद सरोवर का विकास विधायक और पालिका की रार में ‘डूब’ रहा है। विधायक जी कहते हैं कि इस तालाब का विकास और सुंदरीकरण वह कराएंगे। पालिका कहती है वह कराएगी। भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक विधायक जी इस काम को 80 लाख में कराना चाहते हैं जबकि पालिका ने इसके लिए तीन करोड़ का प्रस्ताव शासन के पास भेजा है। विधायक जी का आरोप है कि पालिका उन्हें एनओसी नहीं देकर उनके काम में अड़ंगा डाल रही है जबकि पालिका अध्यक्ष का कहना है कि विधायक जी का प्रस्ताव सिर्फ सियासी है जिसका दावा वे चार साल से कर रहे हैं।
महोदव परिसर स्थित प्राचीन तालाब जिसे आनंद सरोवर के नाम से भी जाना जाता है, का समग्र विकास सपा विधायक एम चंद्रा का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। इसके विकास के लिए विधायक ने एक साल पहले भी पर्यटन मंत्रालय से स्वीकृति करा ली थी। लेकिन किसी ने इसे धार्मिक तालाब बताकर स्वीकृति निरस्त करा दी। अब विधायक ने अपनी निधि से इसके विकास का बीड़ा उठाया है।
विधायक इसे एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए चारों ओर परिक्रमा मार्ग, हाईमास्ट व फैंसी लाइट, दो बड़े सबमर्सिबल पंप, रैम्प, बैठने के लिए आधुनिक सीटें, वृक्षारोपण, तालाब के बीच में दो फव्वारे आदि लगाने का प्रस्ताव है। विकास कार्य शुरू करने के लिए विधायक ने पालिका प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का लिखित अनुरोध किया था लेकिन पालिका ने इस तालाब के सौंदर्यीकरण को स्वयं द्वारा कराने का जिक्र करते हुए एनओसी जारी करने से मना कर दिया।
विज्ञापन
महोदव परिसर स्थित प्राचीन तालाब जिसे आनंद सरोवर के नाम से भी जाना जाता है, का समग्र विकास सपा विधायक एम चंद्रा का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। इसके विकास के लिए विधायक ने एक साल पहले भी पर्यटन मंत्रालय से स्वीकृति करा ली थी। लेकिन किसी ने इसे धार्मिक तालाब बताकर स्वीकृति निरस्त करा दी। अब विधायक ने अपनी निधि से इसके विकास का बीड़ा उठाया है।
विज्ञापन
विधायक इसे एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए चारों ओर परिक्रमा मार्ग, हाईमास्ट व फैंसी लाइट, दो बड़े सबमर्सिबल पंप, रैम्प, बैठने के लिए आधुनिक सीटें, वृक्षारोपण, तालाब के बीच में दो फव्वारे आदि लगाने का प्रस्ताव है। विकास कार्य शुरू करने के लिए विधायक ने पालिका प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का लिखित अनुरोध किया था लेकिन पालिका ने इस तालाब के सौंदर्यीकरण को स्वयं द्वारा कराने का जिक्र करते हुए एनओसी जारी करने से मना कर दिया।
विज्ञापन