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सट्टा वारंटी को पकड़ने गए पुलिस कर्मियों से खींचातानी, हंगामा
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अमरोहा। वारंटी की गिरफ्तार करने गई पुलिस से मोहल्ले के लोगों ने खींचातानी और हाथापाई की। जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही अन्य पुलिस मौके पर पहुंच गई। हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत किया। जबकि हाथापाई करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सत्ताधारी नेताओं के माध्यम से समझौते के प्रयास चले। लेकिन पुलिस ने तीनों आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया। अब आरोपियों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए एसपी से फोन पर शिकायत की है।
शनिवार की रात एसपी सुनीति ने सभी थानाध्यक्षों को अभियान चलाकर वारंटियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। इसी क्रम में देर रात को टीपी नगर चौकी इंजार्च राजेंद्र सिंह पुंडीर, कांस्टेबल मुकेश सैनी और एक होमगार्ड के साथ मोहल्ला मोतीनगर निवासी सट्टा के आरोप में वारंटी जीतू सैनी की गिरफ्तारी के लिए गए थे। इस दौरान वह पुलिस को देखकर छत से कूदकर फरार हो गया। तभी पड़ोस में रहने वाले लोगों ने पुलिस कर्मियों को घेर लिया। इस दौरान सिपाही के साथ खींचातानी की, नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। स्थानीय लोगों के आक्रोश देखकर पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वासुदेव चौकी इंचार्ज रामकुमार वशिष्ठ फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत किया। तभी खींचातानी और हाथापाई करने के आरोप में पुलिस ने परम सिंह, तोताराम और चमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया और कोतवाली ले आई। इस मामले में रविवार की दोपहर तक सत्ताधारी नेता समझौता कराने के कोशिश में लगे रहे। लेकिन पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया। उधर एसडीएम कोर्ट से छूटने के बाद तीनों आरोपियों ने पुलिस पर मारपीट कर हाथ पैर तोड़ने का आरोप लगाया है। इस संबंध में एसपी सुनीति से शिकायत की गई है। हालांकि की देर रात तक लिखित में कोई शिकायत नहीं दी गई है। वहीं इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि वारंटी को पड़ने गई टीम के साथ तीनों आरोपियों ने खींचातानी की थी। उनकी हरकतों के कारण वारंटी फरार हो गया था। पुलिस पर लगाए गए आरोपी गलत हैं।
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शनिवार की रात एसपी सुनीति ने सभी थानाध्यक्षों को अभियान चलाकर वारंटियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। इसी क्रम में देर रात को टीपी नगर चौकी इंजार्च राजेंद्र सिंह पुंडीर, कांस्टेबल मुकेश सैनी और एक होमगार्ड के साथ मोहल्ला मोतीनगर निवासी सट्टा के आरोप में वारंटी जीतू सैनी की गिरफ्तारी के लिए गए थे। इस दौरान वह पुलिस को देखकर छत से कूदकर फरार हो गया। तभी पड़ोस में रहने वाले लोगों ने पुलिस कर्मियों को घेर लिया। इस दौरान सिपाही के साथ खींचातानी की, नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। स्थानीय लोगों के आक्रोश देखकर पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वासुदेव चौकी इंचार्ज रामकुमार वशिष्ठ फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत किया। तभी खींचातानी और हाथापाई करने के आरोप में पुलिस ने परम सिंह, तोताराम और चमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया और कोतवाली ले आई। इस मामले में रविवार की दोपहर तक सत्ताधारी नेता समझौता कराने के कोशिश में लगे रहे। लेकिन पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया। उधर एसडीएम कोर्ट से छूटने के बाद तीनों आरोपियों ने पुलिस पर मारपीट कर हाथ पैर तोड़ने का आरोप लगाया है। इस संबंध में एसपी सुनीति से शिकायत की गई है। हालांकि की देर रात तक लिखित में कोई शिकायत नहीं दी गई है। वहीं इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि वारंटी को पड़ने गई टीम के साथ तीनों आरोपियों ने खींचातानी की थी। उनकी हरकतों के कारण वारंटी फरार हो गया था। पुलिस पर लगाए गए आरोपी गलत हैं।
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