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आज से छठवीं से आठवीं तक के स्कूल, आधे बच्चें आएंगे, बाकी घर से पढ़ेंगे00
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अमरोहा। लगभग 16 महीने के बाद स्कूलों में 24 अगस्त से पठन पाठन शुरू हो जाएगा। छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को स्कूल में बुलाया गया है। हालांकि कक्षा में 50 प्रतिशत बच्चों को बुलाया गया है, जबकि आधे बच्चे घर से ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे। स्कूल में आने वाले बच्चों के लिए अभिभावकों से सहमति पत्र लेना जरूरी है। खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 466 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। जिनमें कक्षा छठवीं से आठवीं तक की पढ़ाई होती है। कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर के नियंत्रण के बाद 24 अगस्त से उच्च प्राथमिक स्कूल खुलेंगे। हालांकि प्रधानाध्यापकों को कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन के सख्ती से निर्देश दिए गए हैं किसी तरह की शिथिलता पर प्रधानाध्यापक की जवाबदेही है। इस बीच निदेशालय ने संक्रमण की रोकथाम के लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति रखने को कहा है ताकि बच्चों की भीड़ नहीं हो सके। स्कूल में कक्षा और फर्नीचर, शौचालय को सेनिटाइजेशन कराने को कहा गया है।
प्रधानाध्यापकों द्वारा बच्चों को दाखिले से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्हें मास्क लगा कर आना जरूरी है। हाथों को बराबर धुलने के लिए सैनिटाइजेशन के लिए प्रेरित किया जाएगा। बच्चों के बैठने के बीच की दूरी छह फीट तय की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बना कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। स्कूल में भीड़ नहीं हो, इसके लिए गेट को खोले रखने को कहा गया है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने बीएसए से कहा है कि घर मे पढ़ाई करने वालेे विद्यार्थी के संपर्क में शिक्षक रहें ताकि उनकी पढ़ाई का लय नहीं टूटे। बीएसए चंद्रशेखर ने कहा है कि खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है। सहमति पत्र के बाद स्कूल में पढ़ाई कराएं।
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जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 466 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। जिनमें कक्षा छठवीं से आठवीं तक की पढ़ाई होती है। कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर के नियंत्रण के बाद 24 अगस्त से उच्च प्राथमिक स्कूल खुलेंगे। हालांकि प्रधानाध्यापकों को कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन के सख्ती से निर्देश दिए गए हैं किसी तरह की शिथिलता पर प्रधानाध्यापक की जवाबदेही है। इस बीच निदेशालय ने संक्रमण की रोकथाम के लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति रखने को कहा है ताकि बच्चों की भीड़ नहीं हो सके। स्कूल में कक्षा और फर्नीचर, शौचालय को सेनिटाइजेशन कराने को कहा गया है।
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प्रधानाध्यापकों द्वारा बच्चों को दाखिले से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्हें मास्क लगा कर आना जरूरी है। हाथों को बराबर धुलने के लिए सैनिटाइजेशन के लिए प्रेरित किया जाएगा। बच्चों के बैठने के बीच की दूरी छह फीट तय की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बना कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। स्कूल में भीड़ नहीं हो, इसके लिए गेट को खोले रखने को कहा गया है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने बीएसए से कहा है कि घर मे पढ़ाई करने वालेे विद्यार्थी के संपर्क में शिक्षक रहें ताकि उनकी पढ़ाई का लय नहीं टूटे। बीएसए चंद्रशेखर ने कहा है कि खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है। सहमति पत्र के बाद स्कूल में पढ़ाई कराएं।
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