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मेरठ की टीम करेगी गजरौला की तेवा फैक्ट्री में गैस रिसाव की जांच
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गजरौला। औद्योगिक नगरी में स्थित इजराइली दवा कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड में एचसीएल टैंक से रिसाव की जांच मेरठ में अग्निशमन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर टेक्नीकल अनुज शर्मा करेंगे। मुख्य अग्नि शमन अधिकारी के वर्मा ने उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए यहां आने का अनुरोध किया है। वह एक-दो दिन में अपनी टीम के साथ यहां आकर निरीक्षण करेंगे।
सोमवार को मुख्य अग्नि शमन अधिकारी के वर्मा ने पत्रकारों को बताया कि रविवार की रात को यहां स्थित इजराइली दवा कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड में एचसीएल टैंक के प्लांट से ही रिसाव हो रहा था। इसकी वीडियो भी उनके पास है। उन्होंने बताया कि यदि वह समय रहते प्लांट में नहीं पहुंचते तो कोई बड़ी जनहानि भी हो सकती है। कहा कि प्लांट में भारी अनियमितताएं देखने को मिलीं। सबसे बड़ी बात तो यही रही कि उन्हें भी फैक्टरी में भीतर जाने से रोका गया। एफएसओ ने बताया कि उन्होंने इस घटना के संबंध में अपने आला अफसरों को अवगत करा दिया है। मेरठ में डिप्टी डायरेक्टर टेक्नीकल अनुज शर्मा शीघ्र ही यहां आकर अनियमितताओं की जांच करेंगे। बता दें कि रविवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे नगर में अचानक ही धुंध सी छा गई थी। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हुई। फायर ब्रिगेड की आवासीय कॉलोनी में मौजूद सीएफओ के वर्मा को भी परेशानी हुई। वह दवा बनाने वाली इजराइली कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड जा पहुंचे। उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। काफी नोकझोंक के बाद उन्होंने गेट तोड़ने की धमकी दी तो गार्ड ने उन्हें भीतर जाने दिया। इसके बाद उनकी टीम ने प्लांट के भीतर घूमकर मुआयना किया। हालांकि तेवा एपीआई लिमिटेड के एसोसिएट डायरेक्टर एके सिंह ने उनकी फैक्टरी में किसी भी तरह का कोई रिसाव नहीं होने की बात कही थी।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने किया निरीक्षण
गजरौला। दवा बनाने वाली इजराइली कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड में रविवार की रात को हुई घटना की जानकारी और शिकायतों के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी जेपी मौर्य ने टीम को यहां निरीक्षण के लिए भेजा। बिजनौर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से आई टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक पर्यावरण अभियंता अनुज शर्मा यहां पहुंचे और प्लांट में घूमकर बारीकी से जांच की। हालांकि उन्हें बताया गया कि फैक्टरी के पास ही किसी कबाड़ी ने स्क्रेप जलाया था। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को सौंप दी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वहीं, युवा रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष सचिन चौधरी ने गजरौला में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई नहीं की गई तो युवा रालोद आंदोलन करने को विवश होगा। जाट समाज विकास समिति के पदाधिकारी तेजवीर सिंह अलूना ने कहा कि गजरौला में स्थित कुछ औद्योगिक इकाइयों की वजह से गजरौला, हसनपुर और गंगेश्वरी ब्लाक तक में प्रदूषण की समस्या गहराई हुई है। इन इलाकों में कई गांवों का पानी भी पीने योग्य नहीं है।
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सोमवार को मुख्य अग्नि शमन अधिकारी के वर्मा ने पत्रकारों को बताया कि रविवार की रात को यहां स्थित इजराइली दवा कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड में एचसीएल टैंक के प्लांट से ही रिसाव हो रहा था। इसकी वीडियो भी उनके पास है। उन्होंने बताया कि यदि वह समय रहते प्लांट में नहीं पहुंचते तो कोई बड़ी जनहानि भी हो सकती है। कहा कि प्लांट में भारी अनियमितताएं देखने को मिलीं। सबसे बड़ी बात तो यही रही कि उन्हें भी फैक्टरी में भीतर जाने से रोका गया। एफएसओ ने बताया कि उन्होंने इस घटना के संबंध में अपने आला अफसरों को अवगत करा दिया है। मेरठ में डिप्टी डायरेक्टर टेक्नीकल अनुज शर्मा शीघ्र ही यहां आकर अनियमितताओं की जांच करेंगे। बता दें कि रविवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे नगर में अचानक ही धुंध सी छा गई थी। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हुई। फायर ब्रिगेड की आवासीय कॉलोनी में मौजूद सीएफओ के वर्मा को भी परेशानी हुई। वह दवा बनाने वाली इजराइली कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड जा पहुंचे। उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। काफी नोकझोंक के बाद उन्होंने गेट तोड़ने की धमकी दी तो गार्ड ने उन्हें भीतर जाने दिया। इसके बाद उनकी टीम ने प्लांट के भीतर घूमकर मुआयना किया। हालांकि तेवा एपीआई लिमिटेड के एसोसिएट डायरेक्टर एके सिंह ने उनकी फैक्टरी में किसी भी तरह का कोई रिसाव नहीं होने की बात कही थी।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने किया निरीक्षण
गजरौला। दवा बनाने वाली इजराइली कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड में रविवार की रात को हुई घटना की जानकारी और शिकायतों के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी जेपी मौर्य ने टीम को यहां निरीक्षण के लिए भेजा। बिजनौर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से आई टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक पर्यावरण अभियंता अनुज शर्मा यहां पहुंचे और प्लांट में घूमकर बारीकी से जांच की। हालांकि उन्हें बताया गया कि फैक्टरी के पास ही किसी कबाड़ी ने स्क्रेप जलाया था। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को सौंप दी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वहीं, युवा रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष सचिन चौधरी ने गजरौला में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई नहीं की गई तो युवा रालोद आंदोलन करने को विवश होगा। जाट समाज विकास समिति के पदाधिकारी तेजवीर सिंह अलूना ने कहा कि गजरौला में स्थित कुछ औद्योगिक इकाइयों की वजह से गजरौला, हसनपुर और गंगेश्वरी ब्लाक तक में प्रदूषण की समस्या गहराई हुई है। इन इलाकों में कई गांवों का पानी भी पीने योग्य नहीं है।
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