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Amroha News: गजरौला में 62 लाख से बनेगा एमडीए का नया कार्यालय
Fri, 07 Mar 2025 01:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 07 Mar 2025 01:33 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)।
मास्टर प्लान लागू होने के करीब एक साल बाद एमडीए ने नया कार्यालय बनाने की कवायद शुरू की है। इसमें अधिकारी-कर्मचारियों, जनता व कॉलोनाइजर के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जा सकेंगी। अभी तक बैठक करने के लिए एमडीए के पास कोई ठिकाना नहीं है।
बीते साल छह मार्च को गजरौला में 2031 तक मास्टर प्लान लागू हुआ था। जिसे शहरी व नियोजन अनुभाग-3 के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन रमेश गोकर्ण ने हरी झंडी दी थी। नगरवासी इसकी कई साल से मांग कर रहे थे। एमडीए आगामी दस वर्ष में क्षेत्र के विकास पर 1650 करोड़ रुपये खर्च करेगा। जिससे ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित होगा। बस अड्डा बनाया जाएगा। नई कॉलोनियां बसाने के साथ ही औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। अब एमडीए के कार्याें को धरातल पर लाने और लोगों से अधिकारी-कर्मचारियों के सीधे जुड़ाव के लिए कार्यालय बनाने का निर्णय लिया है। जिस पर 62 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका टेंडर भी जारी हो गया है। जेई योगेश गुप्ता ने बताया कि नया कार्यालय बन जाने पर जनता, कॉलोनाइजर के साथ बैठक करने में आसानी रहेगी।
22 गांव है एमडीए के दायरे में
बीते साल मास्टर प्लान लागू होने पर धनौरा तहसील के 13 गांव इसके दायरे में आ गए। जिनमें फाजिलपुर गौसाईं, कृपानाथपुर, अहरौला तेजवन, चाकीखेड़ा, तारापुर, मझौला, फौंदापुर, दरियापुर बुजुर्ग, मूसापुर, यकबगड़ी, बस्तौरी माफी, मीरपुर, सलारपुर शामिल हैं। हसनपुर तहसील क्षेत्र के चौबारा, सुल्तानपुर मौलवी, खानपुर, छोया, दाऊदपुर बुजुर्ग, फिरोजपुर गढ़ावली, सादुल्लापुर, तिगरिया खादर और शहवाजपुर डोर सहित नौ गांव मास्टर प्लान के दायरे में आए। उपरोक्त 22 गांवों की 5113 हेक्टेयर भूमि भी एमडीए के दायरे में है। जिस पर निर्माण के लिए एमडीए से अनुमति लेना अनिवार्य है।
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मास्टर प्लान लागू होने के करीब एक साल बाद एमडीए ने नया कार्यालय बनाने की कवायद शुरू की है। इसमें अधिकारी-कर्मचारियों, जनता व कॉलोनाइजर के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जा सकेंगी। अभी तक बैठक करने के लिए एमडीए के पास कोई ठिकाना नहीं है।
बीते साल छह मार्च को गजरौला में 2031 तक मास्टर प्लान लागू हुआ था। जिसे शहरी व नियोजन अनुभाग-3 के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन रमेश गोकर्ण ने हरी झंडी दी थी। नगरवासी इसकी कई साल से मांग कर रहे थे। एमडीए आगामी दस वर्ष में क्षेत्र के विकास पर 1650 करोड़ रुपये खर्च करेगा। जिससे ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित होगा। बस अड्डा बनाया जाएगा। नई कॉलोनियां बसाने के साथ ही औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। अब एमडीए के कार्याें को धरातल पर लाने और लोगों से अधिकारी-कर्मचारियों के सीधे जुड़ाव के लिए कार्यालय बनाने का निर्णय लिया है। जिस पर 62 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका टेंडर भी जारी हो गया है। जेई योगेश गुप्ता ने बताया कि नया कार्यालय बन जाने पर जनता, कॉलोनाइजर के साथ बैठक करने में आसानी रहेगी।
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22 गांव है एमडीए के दायरे में
बीते साल मास्टर प्लान लागू होने पर धनौरा तहसील के 13 गांव इसके दायरे में आ गए। जिनमें फाजिलपुर गौसाईं, कृपानाथपुर, अहरौला तेजवन, चाकीखेड़ा, तारापुर, मझौला, फौंदापुर, दरियापुर बुजुर्ग, मूसापुर, यकबगड़ी, बस्तौरी माफी, मीरपुर, सलारपुर शामिल हैं। हसनपुर तहसील क्षेत्र के चौबारा, सुल्तानपुर मौलवी, खानपुर, छोया, दाऊदपुर बुजुर्ग, फिरोजपुर गढ़ावली, सादुल्लापुर, तिगरिया खादर और शहवाजपुर डोर सहित नौ गांव मास्टर प्लान के दायरे में आए। उपरोक्त 22 गांवों की 5113 हेक्टेयर भूमि भी एमडीए के दायरे में है। जिस पर निर्माण के लिए एमडीए से अनुमति लेना अनिवार्य है।
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