{"_id":"625f0fdaff67761e2e5c33b4","slug":"master-plan-for-city-devolopment-soon-jpnagar-news-mbd4252989151","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के विकास के लिए तैयार होगा मास्टर प्लान: जिलाधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के विकास के लिए तैयार होगा मास्टर प्लान: जिलाधिकारी
विज्ञापन
अमरोहा। जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी ने बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर नगर के विकास के लिए अधीनस्थों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। कहा कि नगर के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करते हुए शासन को भेजा जाएगा।
वह मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में अधीनस्थों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने अमृत परियोजना के अंतर्गत शहर के विकास के लिए योजना तैयार करने को कहा। कहा कि वर्ष 2031 तक में बढ़ती जनसंख्या के दृष्टिगत से क्या-क्या परिवर्तित हो सकता है, शहर के विकास के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कहा कि शहर में कुल कितना खुला क्षेत्र होगा, कितना ग्रीन और कितने क्षेत्रों पर पक्का निर्माण होगा। बढ़ते यातायात के दबाव को ध्यान रखते हुए ओवरब्रिज व रिंग रोड का प्रावधान किया जाएगा। इसके बाद प्रस्तावित मास्टर प्लान पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियां निस्तारित करते हुए मास्टर प्लान को विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पास कर शासन को भेजा जाएगा। मास्टर प्लान बनने के बाद विकास प्राधिकरण इसके आधार पर ही शहरों का विकास कराते हैं और निर्माण की अनुमति दी जाती है। बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर अब शहर का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। पहले जहां 2021 की आबादी को ध्यान में रखकर यह तैयार किया गया था, अब 2031 की आबादी को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान बनेगा। अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी ने बताया कि महायोजना में बस अड्डा, बिजली, रोड पानी की टंकी, नाला, पार्क रोडो का चौड़ीकरण, ग्रीन एरिया, स्टेडियम, खेल का मैदान, जल निकासी, आवागमन के लिए सुलभ मार्ग आदि पर मास्टर प्लान बनाने को समिति के अनुमोदन के बाद शासन को भेजा जाएगा। बंगलौर कंसल्टेंट एजेंसी द्वारा सर्वे कर लिया गया है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी भगवान शरण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वह मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में अधीनस्थों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने अमृत परियोजना के अंतर्गत शहर के विकास के लिए योजना तैयार करने को कहा। कहा कि वर्ष 2031 तक में बढ़ती जनसंख्या के दृष्टिगत से क्या-क्या परिवर्तित हो सकता है, शहर के विकास के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कहा कि शहर में कुल कितना खुला क्षेत्र होगा, कितना ग्रीन और कितने क्षेत्रों पर पक्का निर्माण होगा। बढ़ते यातायात के दबाव को ध्यान रखते हुए ओवरब्रिज व रिंग रोड का प्रावधान किया जाएगा। इसके बाद प्रस्तावित मास्टर प्लान पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियां निस्तारित करते हुए मास्टर प्लान को विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पास कर शासन को भेजा जाएगा। मास्टर प्लान बनने के बाद विकास प्राधिकरण इसके आधार पर ही शहरों का विकास कराते हैं और निर्माण की अनुमति दी जाती है। बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर अब शहर का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। पहले जहां 2021 की आबादी को ध्यान में रखकर यह तैयार किया गया था, अब 2031 की आबादी को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान बनेगा। अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी ने बताया कि महायोजना में बस अड्डा, बिजली, रोड पानी की टंकी, नाला, पार्क रोडो का चौड़ीकरण, ग्रीन एरिया, स्टेडियम, खेल का मैदान, जल निकासी, आवागमन के लिए सुलभ मार्ग आदि पर मास्टर प्लान बनाने को समिति के अनुमोदन के बाद शासन को भेजा जाएगा। बंगलौर कंसल्टेंट एजेंसी द्वारा सर्वे कर लिया गया है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी भगवान शरण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन