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महायोजना : विनियमित क्षेत्र में पांच करोड़ से होंगे विकास कार्य

Sun, 08 Dec 2024 02:38 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sun, 08 Dec 2024 02:38 AM IST
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Master plan: Development work will be done in regulated area with five crore rupees
अमरोहा। शहर के व्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए महायोजना-2031 लागू होने के बाद विनियमित क्षेत्र विकास का खाका तैयार कर रहा है। फिलहाल विभिन्न मदों से वसूले गए पांच करोड़ रुपये से शहर में विकास कार्य कराए जाएंगे। साथ ही शासन से भी अतिरिक्त बजट की मांग की जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
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शहर में बसाई जा रही अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। डीएम के निर्देश पर विनियमित क्षेत्र द्वारा अवैध कॉलोनियों का चिह्निकरण भी शुरू कर दिया गया है। मंशा है कि शहर में व्यवस्थित तरीके से कॉलोनियों को बसाया जाए, जहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो सकें। साथ ही अवैध कॉलोनियों पर भी अंकुश लगाया जा सके।
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महायोजना लागू होने के बाद शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जमीनों का निर्धारण किया गया है। इसमें आवासीय, औद्योगिक, पार्क और ग्रीनलैंड का चिह्निकरण किया गया है। जहां लैंडयूज के अनुसार ही भवनों के नक्शे पास हो सकेंगे। इसी के साथ विनियमित क्षेत्र शहर में ले-आउट पास कराने पर विकास शुल्क के नाम पर वसूले गए करीब पांच करोड़ रुपये से विकास कार्य कराएगा।
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विनियमित क्षेत्र के जेई भानु प्रताप सिंह ने बताया कि योजना के तहत सड़क, नाला व पार्क का सौंदर्यीकरण कराए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अन्य विकास कार्यों के लिए भी शासन से बजट की मांग की जाएगी। जल्द ही विनियमित क्षेत्र की बोर्ड बैठक में इन प्रस्तावों के साथ अन्य पर भी मुहर लगेगी।
मानचित्र पास करने पर वसूला जाता है शुल्क
विनियमित क्षेत्र में अलग-अलग तरह के मानचित्र पास करने के लिए शुल्क वसूल किया जाता है। इसको शहर के विकास पर खर्च किया जाता है। जेई भानुप्रताप सिंह के अनुसार आवासीय भवनों के लिए 135 रुपये प्रति वर्गमीटर, निर्मित क्षेत्र से बाहर भवनों के निर्माण पर 225 रुपये प्रति वर्गमीटर व वाणिज्यिक भवनों के नक्शों के पास कराने के लिए 350 रुपये प्रति वर्गमीटर का शुल्क वसूल किया जाता है। इसके अतिरिक्त लेबर सेस के रूप में वसूल किया शुल्क श्रम विभाग को जमा किया जाता है।
अवैध कॉलोनियों की प्लॉटिंग पर हो रही कार्रवाई
बेतरतीब तरीके से बसाई जा रही अवैध कॉलोनियां शहर की सूरत को बिगाड़ने का काम रही हैं। शहर में ऐसी करीब 80 से अधिक कॉलोनियों का चिह्निकरण किया गया है। इनकी सूची शासन को भी भेजी गई थी। ऐसी कॉलोनियों पर हो रही प्लॉटिंग को लगातार ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
लैंड यूज समझने को लगेंगे बोर्ड
शहर में किस क्षेत्र में जमीनों को किस लैंड यूज के लिए आरक्षित किया गया है। इसके लिए विनियमित क्षेत्र द्वारा जमीनों पर बोर्ड लगाए जाएंगे। जिससे लोग आसानी से जमीनों की आरक्षित स्थिति को समझ सकेंगे।


- अवैध कॉलोनियों का चिह्निकरण किया गया था। अवैध रूप से की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके साथ ही विनियमित क्षेत्र के विकास का खाका भी तैयार किया जा रहा है। - सुधीर कुमार, एसडीएम सदर/विनियमित प्राधिकारी
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