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Amroha News: नाबालिग बता रुकवाई शादी, रिश्वत मांगने में जिला प्रोबेशन अधिकारी समेत आठ के खिलाफ जांच के आदेश

Fri, 11 Apr 2025 02:16 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 11 Apr 2025 02:16 AM IST
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Marriage stopped on the pretext of minor, investigation ordered against eight including district probation officer for demanding bribe
अमरोहा। पचास हजार रुपये की रिश्वत न देने पर शादी के दिन ही किसान की बालिग बहन को नाबालिग बताकर जिला प्रोबेशन अधिकारी और उनके कर्मचारियों ने शादी रुकवा दी। आरोप है कि युवती को बिना बाल कल्याण समिति में पेश किए वन स्टॉप सेंटर भेज दिया था। मामले में कोर्ट ने जिला प्रोबेशन अधिकारी और उनके सात कर्मचारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने यह जांच डीएम को सौंपी है। कोर्ट ने डीएम को पांच मई तक रिपोर्ट देने को कहा है।
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यह मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी किसान ने बताया कि पांच मार्च 2025 उनकी बहन की शादी थी। घर पर बरात आ गई थी। इस दौरान शादी समारोह पर कर्मचारी सुरभि यादव, आदिल, गजेंद्र, शाहबाजपुर गुर्जर के रहने वाले कपिल, सिरसा गुर्जर के रहने वाले अशोक, मनोज, वीरू व एक अज्ञात व्यक्ति पहुंचे और किसान की 21 वर्षीय बहन को नाबालिग बताया।
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किसान ने आधार कार्ड के हिसाब से अपनी बहन को बालिग बताया तो सभी लोग धमकाने लगे। इसके बाद इन लोगों ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। किसान ने रुपये देने से इन्कार कर दिया तो सभी लोग उसकी बहन को शादी के मंडप से उठाकर ले गए थे। आरोप है कि उक्त लोगों ने बिना बाल कल्याण समिति में पेश किए है युवती को वन स्टॉप सेंटर में भेज दिया। हालांकि, बाद में युवती परिजनों के साथ चली गई।
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मंडप से लाने के दूसरे दिन बाल कल्याण समिति में पेश की गई थी युवती

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने बताया कि टीम जिस समय युवती को लेकर पहुंची थी तब तक कार्यालय बंद हो गया था। इसके बाद टीम ने अगले दिन युवती को समिति के सामने पेश किया। परिजनों द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर युवती को उनके सुपुर्द कर दिया गया था।
बिना दुल्हन ही लौट गई थी बरात

अमरोहा। हसनपुर क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने बताया कि पांच मार्च को बहन की शादी थी। घर में जश्न का मौहाल था। बरात आ चुकी थी। नाच-गाना चल रहा था। दुल्हन मंडप में भी बैठ गई थी। अचानक कुछ लोग आए और उसकी बहन को नाबालिग बताते हुए शादी रुकवाने लगे। इस पर शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। उसने व उसके परिजनों ने उक्त लोगों को विरोध किया तो वे धमकाने लगे। साथ ही उसकी बहन की शादी कराने देने की एवज में 50 हजार रुपये की मांग की। उसने रुपये देने से मना किया तो वह उसकी बहन को लेकर चले गए। इसके कुछ देर बाद ही बरात भी लौट गई।

आरोप, जेल भिजवाने की दी थी धमकी

आरोप है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी के आदेश पर पहुंचे सभी लोगों ने किसान की बेटी का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर सबको जेल भिजवाने की धमकी दी। समाज में बदनामी होने के बाद किसान का परिवार पूरी तरह टूट गया और किसान की बहन भी सदमे में है। किसान ने इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी और उनके कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। मामले में पीड़ित के सामने पुलिस से शिकायत की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उसने न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह ने किसान द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच करना आवश्यक समझा। साथ ही डीएम को जांच पांच मई को जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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