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मनरेगा: पांच सचिवों पर कार्रवाई की संस्तुति
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अमरोहा। जिले के हसनपुर ब्लॉक के 28 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत अपेक्षित काम नहीं हो रहे हैं। दरअसल एक ग्राम पंचायत में लगभग 60 मजदूरों को काम मिलना चाहिए। अपेक्षित मजदूरों को काम नहीं देने से पांच सचिव कार्रवाई के जद में आ गए हैं। बीडीओ ने उपायुक्त मनरेगा को पत्र भेज अवगत कराया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा के तहत शत-प्रतिशत काम देने का निर्देश दिया है। ताकि प्रवासी मजदूरों को सहायता मिले। क्योंकि लॉक डाउन से मजदूर अपने घर को लौट आए हैं। देहात के प्रवासी मजदूरों की आजीविका का सहारा मनरेगा है, लेकिन हसनपुर ब्लॉक के 28 ग्राम पंचायतों में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। दरअसल ग्राम पंचायत के 60 मजदूरों को काम मिलना चाहिए लेकिन तमाम निर्देश के बावजूद काम की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में 60 मजदूरों को हर वक्त काम करते रहना है लेकिन हसनपुर के 28 ग्राम पंचायतों में अपेक्षित काम नहीं मिल सका है। बीडीओ ने कहा है कि संबंधित सेक्रेटरी को कई बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए गए हैं। लेकिन पांच सेक्रेटरी लापरवाही बरत रहे हैं।
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इन गांवों में कम मजदूरों को काम मिला
कुंदरकी भूड़, पीरखेड़ा, रझेड़ा बहादुरपुर, पीपली मेकचंद, काईखेड़ा, दमगढ़ी, अमरौला कला, सोहरका, मकनपुर शुमाली, गंगरौली, गलसुआ, शाहपुर कला, बिजनौरा, चमरनतेई, पूठी, सीकरी भूड़, बसेड़ा खुर्द, रुपानांगल, बांगड़पुर, मुनजब्ता, तरारा, कुंआडाली, देहरा मिलक, बावनखेड़ी, चकूनी, ढक्का, गारवपुर, रझौड़ा
यह हैं ग्राम सचिव
धर्मपाल सिंह, विकास, विपिन कुमार, राजीव कुमार, अविनाश, देवेश
मनरेगा के तहत गांव के लोगों को काम देना है। मजदूरों की संख्या पर्याप्त होनी चाहिए। उल्लंघन पर सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदीप यादव, डीडीओ
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा के तहत शत-प्रतिशत काम देने का निर्देश दिया है। ताकि प्रवासी मजदूरों को सहायता मिले। क्योंकि लॉक डाउन से मजदूर अपने घर को लौट आए हैं। देहात के प्रवासी मजदूरों की आजीविका का सहारा मनरेगा है, लेकिन हसनपुर ब्लॉक के 28 ग्राम पंचायतों में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। दरअसल ग्राम पंचायत के 60 मजदूरों को काम मिलना चाहिए लेकिन तमाम निर्देश के बावजूद काम की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है।
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प्रत्येक ग्राम पंचायत में 60 मजदूरों को हर वक्त काम करते रहना है लेकिन हसनपुर के 28 ग्राम पंचायतों में अपेक्षित काम नहीं मिल सका है। बीडीओ ने कहा है कि संबंधित सेक्रेटरी को कई बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए गए हैं। लेकिन पांच सेक्रेटरी लापरवाही बरत रहे हैं।
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इन गांवों में कम मजदूरों को काम मिला
कुंदरकी भूड़, पीरखेड़ा, रझेड़ा बहादुरपुर, पीपली मेकचंद, काईखेड़ा, दमगढ़ी, अमरौला कला, सोहरका, मकनपुर शुमाली, गंगरौली, गलसुआ, शाहपुर कला, बिजनौरा, चमरनतेई, पूठी, सीकरी भूड़, बसेड़ा खुर्द, रुपानांगल, बांगड़पुर, मुनजब्ता, तरारा, कुंआडाली, देहरा मिलक, बावनखेड़ी, चकूनी, ढक्का, गारवपुर, रझौड़ा
यह हैं ग्राम सचिव
धर्मपाल सिंह, विकास, विपिन कुमार, राजीव कुमार, अविनाश, देवेश
मनरेगा के तहत गांव के लोगों को काम देना है। मजदूरों की संख्या पर्याप्त होनी चाहिए। उल्लंघन पर सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदीप यादव, डीडीओ