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सऊदी अरब में खूब भा रहा अमरोहा का मकसूस
राहुल शर्मा /अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 12 May 2016 12:56 AM IST
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कच्चा ही तोड़कर लाया गया हैदराबादी आम
- फोटो : amar ujala
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नतीजतन अभी से ही निर्यातकों के पास सऊदी अरब से डिमांड आने लगी है, जिसको पूरा करने के लिए निर्यातक जुट गए हैं। फसल बचाने के लिए तरकीब भिड़ा रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि यह आम केवल अमरोहा में ही पैदा होता है, जिसकी डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है।
यूं तो अमरोहा का नाम देश व विदेश में शुमार है, लेकिन फल पट्टी को लेकर अलग पहचान मिली है। यहां के आम विदेशी धरती पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मकसूस ने खाड़ी देश सऊदी अरब के शेखों का दिल जीत लिया है। उसकी मिठास ने सऊदियों की तड़प बढ़ा दी है। बताते चलें कि ये आम केवल अमरोहा के बागों में ही होता है। उत्पादक नदीम सिद्दीकी के मुताबिक उनके बाग में उसकी नर्सरी तैयार की गई थी। इसके अलावा अन्य कहीं नहीं है।
उत्पादकों की मानें तो सऊदी अरब से मकसूस की इतनी डिमांड होती है कि उसको पूरा करना मुश्किल हो जाता है। बीते साल 50 टन आम एक्सपोर्ट किया गया था, लेकिन इस बार 100 टन आम एक्सपोर्ट करने की तैयारी है। इसमें और भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। फसल अच्छी है, जिसको सही सलामत रखने के लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं।
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भले ही भारत-पाकिस्तान के बीच कड़वाहट हो, लेकिन अमरोहवी आम पाकिस्तानी अवाम की जिंदगी में मिठास घोल रहा है। अमन की नगरी के नाम से दुनिया भर में मशहूर अमरोहा का लंगड़ा पाकिस्तानियों को भी खूब भाता है। यही वजह है कि इस बार वहां से लंगड़ा के लिए दोगुनी मांग की गई है। जिसको पूरा करने के लिए अभी से ही उत्पादक जुट गए हैं। मौसम अगर मेहरबान रहा तो इस दफा आम की फसल बंपर होगी।
इसको लेकर अभी से ही उत्पादकों के पास आम की सप्लाई करने के लिए विदेशों से आर्डर आने लगे हैं। पाकिस्तान में सिंदूरी आम बहुतायत में होता है, फिर भी यहां के लोग लंगड़ा आम के दीवाने हैं। पाकिस्तान के सिंदरी आम के मुकाबले के लिए यहां से लंगड़ा भेजा जाता है। इस बार 20 टन लंगड़ा आम पाकिस्तान एक्सपोर्ट किए जाने की तैयारी है, जो गत वर्ष से दोगुना है। इसकी डिमांड में और इजाफा भी हो सकता है।
दानिश मंदान मोहल्ला नई बस्ती में मंगलवार को जिस तीन मंजिले घर में आग लगने से आतिशबाजी की फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, वहां पर बुुधवार को दूसरे दिन पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ था। घटनास्थल की ओर लोग अजीब से निगाह से देख रहे थे। कोई मुनव्वर के घर को मनहूस बता रहा था तो किसी का कहना था कि यही वह घर है, जहां पर पांच बेगुनाहों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। घटनास्थल की ओर कोई नहीं जा रहा था।
लोगों का कहना है कि मौत की फैक्ट्री चलाने वाले मुनव्वर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उसके प्रति लोगों में रोष पनप रहा है। कहीं लोगों का गुस्सा गुब्बार बन कर न फूट जाए इस आशंका के चलते घटनास्थल के आसपास पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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यूं तो अमरोहा का नाम देश व विदेश में शुमार है, लेकिन फल पट्टी को लेकर अलग पहचान मिली है। यहां के आम विदेशी धरती पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मकसूस ने खाड़ी देश सऊदी अरब के शेखों का दिल जीत लिया है। उसकी मिठास ने सऊदियों की तड़प बढ़ा दी है। बताते चलें कि ये आम केवल अमरोहा के बागों में ही होता है। उत्पादक नदीम सिद्दीकी के मुताबिक उनके बाग में उसकी नर्सरी तैयार की गई थी। इसके अलावा अन्य कहीं नहीं है।
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उत्पादकों की मानें तो सऊदी अरब से मकसूस की इतनी डिमांड होती है कि उसको पूरा करना मुश्किल हो जाता है। बीते साल 50 टन आम एक्सपोर्ट किया गया था, लेकिन इस बार 100 टन आम एक्सपोर्ट करने की तैयारी है। इसमें और भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। फसल अच्छी है, जिसको सही सलामत रखने के लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं।
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भले ही भारत-पाकिस्तान के बीच कड़वाहट हो, लेकिन अमरोहवी आम पाकिस्तानी अवाम की जिंदगी में मिठास घोल रहा है। अमन की नगरी के नाम से दुनिया भर में मशहूर अमरोहा का लंगड़ा पाकिस्तानियों को भी खूब भाता है। यही वजह है कि इस बार वहां से लंगड़ा के लिए दोगुनी मांग की गई है। जिसको पूरा करने के लिए अभी से ही उत्पादक जुट गए हैं। मौसम अगर मेहरबान रहा तो इस दफा आम की फसल बंपर होगी।
इसको लेकर अभी से ही उत्पादकों के पास आम की सप्लाई करने के लिए विदेशों से आर्डर आने लगे हैं। पाकिस्तान में सिंदूरी आम बहुतायत में होता है, फिर भी यहां के लोग लंगड़ा आम के दीवाने हैं। पाकिस्तान के सिंदरी आम के मुकाबले के लिए यहां से लंगड़ा भेजा जाता है। इस बार 20 टन लंगड़ा आम पाकिस्तान एक्सपोर्ट किए जाने की तैयारी है, जो गत वर्ष से दोगुना है। इसकी डिमांड में और इजाफा भी हो सकता है।
दानिश मंदान मोहल्ला नई बस्ती में मंगलवार को जिस तीन मंजिले घर में आग लगने से आतिशबाजी की फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, वहां पर बुुधवार को दूसरे दिन पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ था। घटनास्थल की ओर लोग अजीब से निगाह से देख रहे थे। कोई मुनव्वर के घर को मनहूस बता रहा था तो किसी का कहना था कि यही वह घर है, जहां पर पांच बेगुनाहों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। घटनास्थल की ओर कोई नहीं जा रहा था।
लोगों का कहना है कि मौत की फैक्ट्री चलाने वाले मुनव्वर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उसके प्रति लोगों में रोष पनप रहा है। कहीं लोगों का गुस्सा गुब्बार बन कर न फूट जाए इस आशंका के चलते घटनास्थल के आसपास पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।