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महाशिवरात्रि आज, भगवान शिव का जलाभिषेक
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अमरोहा हरिद्वार से कांवड़ लेकर गंतव्य की ओर बढ़ते शिवभक्त।
- फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। फाल्गुन कांवड़ पर आस्था का केंद्र हरिद्वार से कांवड़ लेकर कांवड़ियों के लौटने का सिलसिला गुरुवार की देर रात तक चलता रहा। आज (शुक्रवार) महाशिवरात्रि पर शिवभक्त सुबह पांच बजे से मंदिरों में भगवान भोले का जलाभिषेक करेंगे। वहीं, दिनभर भजन और शिव की स्तुति में गीत बजने से वातावरण भक्तिमय हो गया। जलाभिषेक के लिए शिवालय सज गए हैं। पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सीसी टीवी कैमरे से सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी। सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मी शिवालयों के बाहर मुस्तैद रहेंगे।
महाशिवरात्रि पर शुक्रवार सुबह पांच बजे से जलाभिषेक का सिलसिला शुरू होकर देेेेर रात तक जारी रहेगा। इसके लिए शिवालयों में जलाभिषेक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। गुरुवार को अमरोहा-बिजनौर मार्ग पर कांवड़ियों की कतार लगी रही। अमरोहा से नेशनल हाईवे तक कांवड़िये ही कांवड़िये नजर आ रहे थे। भोले की भक्ति में सब कुछ भूले कांवड़िये तेजी से गंतव्य की ओर बढ़ते दिखाई दिए। नेशनल हाईवे पर भी यही नजारा रहा। कई लोगों ने कांवड़ियों की सेवा के लिए कांवड़ शिविर लगाए। जहां कांवड़ियों का स्वागत कर पुण्य कमाया। देर रात तक कांवड़ियों के गंतव्य के लिए लौटने का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद भक्तों ने भगवान भोले का जलाभिषेक करने को शिवालयों के बाहर डेरा डाल दिया। वासुदेव तीर्थ स्थल समेत अन्य कई मंदिरों पर मेले का आयोजन होगा। इसके अलावा क्षेत्र के प्रसिद्ध शिवालयों पर भंडारे का भी आयोजन होगा।
शाम 5.21 बजे से चढ़ाई जाएंगी खड़ी कांवड़
पंडित आशीष त्रिवेदी ने बताया कि शुक्रवार को महाशिवरात्रि है। सुबह पांच बजे से जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त है। इस दौरान बैठी कांवड़ और जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद शाम 5:21 बजे से खड़ी कांवड़ चढ़ाई जाएगी। वहीं, महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन जलाभिषेक करने का शुभ मुहूर्त है।
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ऐसे करें भगवान भोले का अभिषेक
गंगाजल, दूध, दही, शहद, पुष्प आदि से भगवान शिवशंकर का अभिषेक किया जाए। धूप दीप के साथ ही बेलपत्र, भांग, धतूरा, बैर, चौलाई के लड्डू का प्रसाद शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव के साथ ही शिव परिवार की पूजा भी करनी चाहिए।
डीएम-एसपी ने मंदिरों का निरीक्षण किया
महाशिवरात्रि में मद्देनजर गुरुवार को डीएम उमेश मिश्र, एसपी डॉ. विपिन ताडा ने वासुदेव तीर्थ मंदिर का निरीक्षण किया। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा का हाल जाना। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए। यहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। स्पष्ट कहा कि जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं होने चाहिए। मेले में संदिग्धों पर नजर रखी जाए।
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महाशिवरात्रि पर शुक्रवार सुबह पांच बजे से जलाभिषेक का सिलसिला शुरू होकर देेेेर रात तक जारी रहेगा। इसके लिए शिवालयों में जलाभिषेक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। गुरुवार को अमरोहा-बिजनौर मार्ग पर कांवड़ियों की कतार लगी रही। अमरोहा से नेशनल हाईवे तक कांवड़िये ही कांवड़िये नजर आ रहे थे। भोले की भक्ति में सब कुछ भूले कांवड़िये तेजी से गंतव्य की ओर बढ़ते दिखाई दिए। नेशनल हाईवे पर भी यही नजारा रहा। कई लोगों ने कांवड़ियों की सेवा के लिए कांवड़ शिविर लगाए। जहां कांवड़ियों का स्वागत कर पुण्य कमाया। देर रात तक कांवड़ियों के गंतव्य के लिए लौटने का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद भक्तों ने भगवान भोले का जलाभिषेक करने को शिवालयों के बाहर डेरा डाल दिया। वासुदेव तीर्थ स्थल समेत अन्य कई मंदिरों पर मेले का आयोजन होगा। इसके अलावा क्षेत्र के प्रसिद्ध शिवालयों पर भंडारे का भी आयोजन होगा।
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शाम 5.21 बजे से चढ़ाई जाएंगी खड़ी कांवड़
पंडित आशीष त्रिवेदी ने बताया कि शुक्रवार को महाशिवरात्रि है। सुबह पांच बजे से जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त है। इस दौरान बैठी कांवड़ और जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद शाम 5:21 बजे से खड़ी कांवड़ चढ़ाई जाएगी। वहीं, महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन जलाभिषेक करने का शुभ मुहूर्त है।
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ऐसे करें भगवान भोले का अभिषेक
गंगाजल, दूध, दही, शहद, पुष्प आदि से भगवान शिवशंकर का अभिषेक किया जाए। धूप दीप के साथ ही बेलपत्र, भांग, धतूरा, बैर, चौलाई के लड्डू का प्रसाद शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव के साथ ही शिव परिवार की पूजा भी करनी चाहिए।
डीएम-एसपी ने मंदिरों का निरीक्षण किया
महाशिवरात्रि में मद्देनजर गुरुवार को डीएम उमेश मिश्र, एसपी डॉ. विपिन ताडा ने वासुदेव तीर्थ मंदिर का निरीक्षण किया। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा का हाल जाना। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए। यहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। स्पष्ट कहा कि जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं होने चाहिए। मेले में संदिग्धों पर नजर रखी जाए।