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Amroha News: सरकारी जमीनों पर कर दिए पट्टे, योजनाओं के लिए नहीं मिल रही भूमि
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अमरोहा। जिले में ग्राम समाज, तालाब, चरागाह, नदी और झील की भूमि के बंदरबांट का असर सरकारी योजनाओं पर भी दिख रहा है। विभिन्न विभागों को विकास परियोजनाओं के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है, जिससे कई योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। स्थिति यह है कि सरकारी भूमि उपलब्ध होने के बावजूद कई परियोजनाओं के लिए प्रशासन को भूमि खरीदने तक की नौबत आ रही है।
हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्रों झील, तालाब, नदी और चरागाह की हजारों बीघा भूमि की श्रेणी बदलकर पट्टे आवंटित किए गए। वहीं कई स्थानों पर सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर अवैध कब्जे भी हो गए। इसका परिणाम यह हुआ कि अब सरकारी विभागों को नई परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत जिले के विभिन्न गांवों में 18 नए स्वास्थ्य सब सेंटर बनाए जाने हैं, लेकिन अब तक केवल पांच स्थानों पर ही भूमि उपलब्ध हो सकी है। इन भवनों का निर्माण जिला पंचायत के माध्यम से कराया जाना है, लेकिन शेष 13 केंद्रों के लिए जमीन नहीं मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी, लेकिन वर्तमान में जमीन का अभाव सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि ग्राम समाज, तालाब, चरागाह और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि का संरक्षण तथा सही अभिलेखीकरण समय पर किया जाता, तो आज सरकारी योजनाओं के लिए जमीन की कमी नहीं होती।
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पांच सब सेंटरों को मिली जमीन, टेंडर प्रक्रिया के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
अमरोहा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में विभाग ने गांवों में किराए के भवनों में 49 सब सेंटर संचालित किए थे। इनमें से 15 सेंटरों को बाद में ग्राम समाज की भूमि पर स्थायी भवन बनाकर शिफ्ट कर दिया गया। इन सब सेंटरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम और आशा कार्यकर्ता तैनात रहती हैं, जो ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराती हैं। साथ ही यहां मरीजों को 14 प्रकार की जांच सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें एचआईवी, हीमोग्लोबिन, यूरिन, टाइफाइड, डेंगू-मलेरिया, पीलिया, वायरल और हेपेटाइटिस जैसी जांच शामिल हैं। अब 18 उपकेंद्रों को किराए के भवनों से हटाकर ग्राम समाज की भूमि पर स्थायी रूप से बनाया जाएगा। इससे न केवल संसाधनों में वृद्धि होगी बल्कि मरीजों को बेहतर और व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं भी मिल सकेंगी। ब्लॉक धनौरा में नवाबपुरा भूड़, गंगेश्वरी में मंदारीपुर, मलकपुर, गजरौला में सुनपुरा और खाईखेड़ा के लिए जमीन मिल गई है जबकि रखेड़ा, इकौंदा, चक्कालीलेट, शकरपुर समसपुर, हैबतपुर, प्रभुवन, असगरीपुर, शहजादपुर, फौलादपुर, मुकारमपुर, दमगढ़ी, खनौरा, फतेहपुर खादर शामिल हैं। प्रत्येक निर्माण पर 42 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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पांच सब सेंटरों की जमीन मिल गई है। निर्माण से पहले डीएम से इस अनुमोदन लिया जाएगा। शेष 13 सब सेंटरों के लिए जमीन की तलाश एसडीएम और सीएमओ के साथ मिलकर की जाएगी। डॉ. राकेश कुमार यादव, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्रों झील, तालाब, नदी और चरागाह की हजारों बीघा भूमि की श्रेणी बदलकर पट्टे आवंटित किए गए। वहीं कई स्थानों पर सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर अवैध कब्जे भी हो गए। इसका परिणाम यह हुआ कि अब सरकारी विभागों को नई परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत जिले के विभिन्न गांवों में 18 नए स्वास्थ्य सब सेंटर बनाए जाने हैं, लेकिन अब तक केवल पांच स्थानों पर ही भूमि उपलब्ध हो सकी है। इन भवनों का निर्माण जिला पंचायत के माध्यम से कराया जाना है, लेकिन शेष 13 केंद्रों के लिए जमीन नहीं मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी, लेकिन वर्तमान में जमीन का अभाव सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि ग्राम समाज, तालाब, चरागाह और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि का संरक्षण तथा सही अभिलेखीकरण समय पर किया जाता, तो आज सरकारी योजनाओं के लिए जमीन की कमी नहीं होती।
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पांच सब सेंटरों को मिली जमीन, टेंडर प्रक्रिया के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
अमरोहा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में विभाग ने गांवों में किराए के भवनों में 49 सब सेंटर संचालित किए थे। इनमें से 15 सेंटरों को बाद में ग्राम समाज की भूमि पर स्थायी भवन बनाकर शिफ्ट कर दिया गया। इन सब सेंटरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम और आशा कार्यकर्ता तैनात रहती हैं, जो ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराती हैं। साथ ही यहां मरीजों को 14 प्रकार की जांच सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें एचआईवी, हीमोग्लोबिन, यूरिन, टाइफाइड, डेंगू-मलेरिया, पीलिया, वायरल और हेपेटाइटिस जैसी जांच शामिल हैं। अब 18 उपकेंद्रों को किराए के भवनों से हटाकर ग्राम समाज की भूमि पर स्थायी रूप से बनाया जाएगा। इससे न केवल संसाधनों में वृद्धि होगी बल्कि मरीजों को बेहतर और व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं भी मिल सकेंगी। ब्लॉक धनौरा में नवाबपुरा भूड़, गंगेश्वरी में मंदारीपुर, मलकपुर, गजरौला में सुनपुरा और खाईखेड़ा के लिए जमीन मिल गई है जबकि रखेड़ा, इकौंदा, चक्कालीलेट, शकरपुर समसपुर, हैबतपुर, प्रभुवन, असगरीपुर, शहजादपुर, फौलादपुर, मुकारमपुर, दमगढ़ी, खनौरा, फतेहपुर खादर शामिल हैं। प्रत्येक निर्माण पर 42 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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पांच सब सेंटरों की जमीन मिल गई है। निर्माण से पहले डीएम से इस अनुमोदन लिया जाएगा। शेष 13 सब सेंटरों के लिए जमीन की तलाश एसडीएम और सीएमओ के साथ मिलकर की जाएगी। डॉ. राकेश कुमार यादव, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत