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कूबी आंदोलन : ग्रामीणों के समर्थन में कई संगठनों ने भरी हुंकार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2024 05:31 AM IST
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Kubi movement: Many organizations raised their voice in support of the villagers
रजबपुर (अमरोहा)।
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जमीन के मुआवजे के लिए डेढ़ साल से अधिक समय से कूबी गांव में जारी आंदोलन में अब भाकियू टिकैत समेत पांच किसान संगठन संयुक्त रूप से शामिल हो गए हैं। संगठनों ने गांव में पंचायत कर किसानों के साथ शोषण करने का आरोप लगाया। कहा, अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। हालांकि, पंचायत के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से वार्ता भी की, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में किसानों ने दो दिन के भीतर वार्ता करते हुए अगली रणनीति तैयार करने का लान किया है।
जिले में मध्य गंगा नहर के निर्माण का कार्य चल रहा है। पूरे जिले में काम पूरा हो चुका है, लेकिन तीन गांव कूबी, रामपुर घना और मोहनपुर में अभी तक लटका है। नहर में अधिग्रहित हुई जमीन का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिल सका है। तीनों गांव के किसान फरवरी 2023 से लगातार कूबी गांव में धरने पर बैठे हैं। किसान मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। लेकिन, अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। यही नहीं धरने के दौरान महिलाओं ने भी मोर्चा संभाला था। गत वर्ष उन्होंने धरना स्थल पर नवरात्र के दौरान माता की चौकी सजाई, दशहरा पूजन, करवा चौथ व दिवाली आदि त्योहार मनाए थे।
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बीती 11 अगस्त को धरने के दौरान किसान सुरेंद्र सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद से शासन प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे। जिससे किसानों में और भी आक्रोश है। बुधवार को भाकियू टिकैत, भाकियू संयुक्त किसान मोर्चा, भाकियू करतार सिंह गुट, भाकियू खालसा, भाकियू चौहान संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता धरना स्थल पहुंचे। यहां आयोजित पंचायत में किसानों ने कहा कि तीनों गांवों के किसानों की लगातार अनदेखी की जा रही है। भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह ने कहा कि किसान अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। जो अब सहन नहीं किया जाएगा।
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उधर, पंचायत में एसडीएम सुधीर व तहसीलदार हेमंत कुमार पंचायत में पहुंचे और किसानों से वार्ता की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। जिसके बाद सभी संगठनों ने फैसला लिया कि तीनों गांवों के किसान दो दिन में वार्ता करते हुए जो फैसला लेंगे, वह उनके साथ खड़े रहेंगे। जरूरत पड़ी तो आर-पार की लड़ाई भी लड़ी जाएगी। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी, करतार गुट से राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह, खालसा गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह व चौहान गुट के राष्ट्रीय महासचिव उम्मेद सिंह शामिल रहे। अध्यक्षता कोमल सिंह व संचालन डॉ. विश्वास ने किया।
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