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20 रुपये में किचन गार्डेन तैयार, भिंडी, लौकी, लोबिया और तरोई उगाइए
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अमरोहा। ताजी और ऑर्गेनिक सब्जी चाहिए तो 20 रुपये में किचन गार्डेन तैयार करें। उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने मिनी कीट की बिक्री शुरु की है। भिंडी, लौकी, लोबिया और तरोई के 600 ग्राम के बीज शामिल हैं। इस पर 90 प्रतिशत सब्सिडी है इसके चलते किचन गार्डेन मिनी किट 20 रुपये में मिल रही है। पहले चरण में 1,800 पैकेट आए हैं। दो से ढाई महीने के बाद सब्जी तैयार हो जाएगी।
उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने लोगों को घर में तैयार सब्जियों के लिए मिनी किट योजना का दूसरा चरण शुरु किया है। नेशनल हार्टीकल्चरल रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट फाउंडेशन (एनएचआरडीएफ) ने भिंडी, लौकी, लोबिया और तरोई की मिनी किट तैयार कराई है। इसका अधिकतम खुदरा मूल्य एमआरपी 300 रुपये है लेकिन विभाग को 200 रुपये में मिला है। अब उद्यान विभाग बीज पर 90 प्रतिशत सब्सिडी दे रहा है इसके चलते मिनी किट 20 रुपय में मिल रही है। विकास भवन स्थित द्वितीय तल के कार्यालय से मंगलवार से बिक्री शुरु हो गई है। उद्यान अधिकारी सर्वेश चंद्र ने बताया कि भिंडी और लोबिया को जमीन में बुुुआई कर सकते हैं जबकि लौकी और तरोई को मकान की छत पर लकड़ी के सहारे चढ़ा दें। उन्होंने बताया कि दो गुणा तीन फीट की क्यारी तैयार कराएं, भिंडी के बीज के बीच की दूरी छह इंच रखें। लोबिया के बुआई भी दो गुणा तीन फीट के क्यारी में करें। हालांकि बीज की दूरी 10 इंच रखें। इसके अलावा लौकी और तरोई के कच्ची मिट्टी में डाल दें। इसे कुछ दिन के बाद दीवार के सहारे छत या अन्य जगहों पर चढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जमीन से खुदाई कर सफाई कर लें। खर पतवार निकाल दें। पांच से 10 किलो गोबर की खाद या दो किलो वर्मी कंपोस्ट डाल सकते हैं। इसके अलावा घर के पानी से सिंचाई कर सकते हैं। समय पर निराई और गुड़ाई करते रहें। दो से ढाई महीने के बाद घर की जमीन में सब्जिया उगने लगेंगी।
आधार नहीं, सत्यापन होगी मुश्किल
अमरोहा। किचन गार्डेन मिनी कीट के लिए केवल नाम बताना है। आधार की जरुरत नहीं है। इसके चलते किसान ने खरीदा है या कोई और। यह सत्यापन में मुश्किल आ सकती है। रजिस्टर में नाम और उसके सामने कीमत दर्ज किया जा रहा है।
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किचन गार्डेन के मिनी कीट की 1,800 पैकेट आएं हैं इसे किसानों को 20 रुपये में दिया जा रहा है। भिंडी, लौकी, लोबिया और तरोई के बीज शामिल हैं। विकास भवन स्थित कार्यालय से खरीद सकते हैं। लोगों का नाम रजिस्टर में दर्ज करते हैं। सर्वेश चंद्र, जिला उद्यान अधिकारी
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उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने लोगों को घर में तैयार सब्जियों के लिए मिनी किट योजना का दूसरा चरण शुरु किया है। नेशनल हार्टीकल्चरल रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट फाउंडेशन (एनएचआरडीएफ) ने भिंडी, लौकी, लोबिया और तरोई की मिनी किट तैयार कराई है। इसका अधिकतम खुदरा मूल्य एमआरपी 300 रुपये है लेकिन विभाग को 200 रुपये में मिला है। अब उद्यान विभाग बीज पर 90 प्रतिशत सब्सिडी दे रहा है इसके चलते मिनी किट 20 रुपय में मिल रही है। विकास भवन स्थित द्वितीय तल के कार्यालय से मंगलवार से बिक्री शुरु हो गई है। उद्यान अधिकारी सर्वेश चंद्र ने बताया कि भिंडी और लोबिया को जमीन में बुुुआई कर सकते हैं जबकि लौकी और तरोई को मकान की छत पर लकड़ी के सहारे चढ़ा दें। उन्होंने बताया कि दो गुणा तीन फीट की क्यारी तैयार कराएं, भिंडी के बीज के बीच की दूरी छह इंच रखें। लोबिया के बुआई भी दो गुणा तीन फीट के क्यारी में करें। हालांकि बीज की दूरी 10 इंच रखें। इसके अलावा लौकी और तरोई के कच्ची मिट्टी में डाल दें। इसे कुछ दिन के बाद दीवार के सहारे छत या अन्य जगहों पर चढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जमीन से खुदाई कर सफाई कर लें। खर पतवार निकाल दें। पांच से 10 किलो गोबर की खाद या दो किलो वर्मी कंपोस्ट डाल सकते हैं। इसके अलावा घर के पानी से सिंचाई कर सकते हैं। समय पर निराई और गुड़ाई करते रहें। दो से ढाई महीने के बाद घर की जमीन में सब्जिया उगने लगेंगी।
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आधार नहीं, सत्यापन होगी मुश्किल
अमरोहा। किचन गार्डेन मिनी कीट के लिए केवल नाम बताना है। आधार की जरुरत नहीं है। इसके चलते किसान ने खरीदा है या कोई और। यह सत्यापन में मुश्किल आ सकती है। रजिस्टर में नाम और उसके सामने कीमत दर्ज किया जा रहा है।
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किचन गार्डेन के मिनी कीट की 1,800 पैकेट आएं हैं इसे किसानों को 20 रुपये में दिया जा रहा है। भिंडी, लौकी, लोबिया और तरोई के बीज शामिल हैं। विकास भवन स्थित कार्यालय से खरीद सकते हैं। लोगों का नाम रजिस्टर में दर्ज करते हैं। सर्वेश चंद्र, जिला उद्यान अधिकारी