{"_id":"5807c4504f1c1b716b70492b","slug":"karwa-chouth","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरे सजना तेरी जिंदगानी रहे...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरे सजना तेरी जिंदगानी रहे...
अमर उजाला ब्यूरो/ अमरोहा
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
हसनपुर में चांद देखतीं महिलाएं। अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
करवाचौथ का त्योहार जिलेभर में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। त्योहार को लेकर सुहागिनों में उत्साह देखा गया। सुहागिनों ने सोलह शृंगार कर पति की लंबी आयु को करवाचौथ का व्रत रखा। शाम तक भूखी प्यासी रही। चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति का दीदार किया। सजना के हाथों से पानी पीकर सुहागिनों ने व्रत खोला।
सुहाग का प्रतीक त्योहार करवाचौथ बुधवार को जिलेभर में उमंग और उत्साह के साथ मनाया गया। त्योहार को लेकर सुहागिन उत्साहित रही। दुल्हन की तरह सोलह शृंगार किया। हाथों पर सजना के नाम की मेहंदी रचाई। पांवों में महावर लगाया। चांदी की नई पाजेब और बिछुवे पहने। सुबह स्नान कर महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखा। दोपहर के समय विधिविधान के साथ करवाचौथ व्रत की कथा कही। पूजा अर्चना आदि की गई। शाम के समय करवों का पूजन किया गया। कई जगहों पर सामूहिक करवाचौथ का पूजन किया गया। इसके बाद महिलाओं ने पति की पसंद का घरों में विभिन्न प्रकार के लजीज पकवान बनाए। घरों में चहल-पहल देखी गई।
विज्ञापन
वहीं बाजार में चहल पहल रही। खरीदारी को बाजार में भीड़ देखी गई। वहीं, महिलाओं ने चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार किया। शाम को छलनी में जलता हुआ दीपक रखकर चंद्रमा और पति का दीदार किया। पति की लंबी आयु के लिए चंद्रमा को अर्घ्य देकर कामना की। इसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर सजनी ने व्रत खोला। पुरुषों ने महिलाओं को उपहार आदि भेंट किए। गजरौला में करवा चौथ पर्व पर बुधवार को सुहागिनों ने निर्जल व्रत रख कर पति की दीर्घायु की कामना की। चांद का दीदार कर पति का आशीर्वाद लिया। पर्व पर महिलाओं ने तरह-तरह के व्यंजन और पकवान बनाए। माता करवा की पूजा अर्चना कर सदा सुहागिन रहने की प्रार्थना की।
विज्ञापन
पूरे दिन निर्जला उपवास रख कर शाम को सुहागिनों ने सोलह शृंगार कर माता करवा की पूजा की। पकवान बनाए। चांद का दीदार कर अर्घ्य दिया और पति के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जीवनसाथी ने पानी पिला कर उपवास खुलवाया। साथ बैठ कर भोजन कर परंपरा को निभाया। सुख दुख में साथ देने का वचन दिया।
बता दें कि चांद का दीदार होने के साथ ही आतिशबाजी छोड़ कर खुशी मनाई गई। जुबिलेंट भरतियाग्राम की महिलाओं ने शाम पांच बजे जुबिलेंट कंपनी में करवा की पूजा की। सज धज कर आई सुुहागिनों ने विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर नीलम भारद्वाज, मंजू कपूरिया, ममता उदानिया, प्रिया, निकिता, वर्षा, वैशाली, पिंकी, पंचभैया, मधु, नूतन, संध्या, रश्मि लाम्बा, नेहा सचदेवा, मीनू, नीलम, प्रीति जोशी, आरती, सारिका, वाणी, वंदना सिन्हा मौजूद रहीं।