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आज जिलेभर में धूमधाम और उत्साह के साथ बनाई जाएगी जन्माष्टमी.
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अमरोहा। जन्माष्टमी सोमवार को बड़ी ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इसके लेकर मंदिर सज गए हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते सामूहिक कार्यक्रम नहीं होंगे। लिहाजा अपने घरों में कान्हा का जन्मदिन मनाएंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी की तैयारियां रविवार को घरों और मंदिरों में होती दिखी। महिलाओं ने बाल-गोपाल के लिए पोशाक, पालना और माला खरीदीं।
पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय भाद्रपद कृष्णपक्ष की आधी रात्रि अष्टमी तिथि थी, रोहिणी नक्षत्र और चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर कर रहा था। कुछ इसी तरह का संयोग इस बार भी जन्माष्टमी तिथि पर हो रहा है। सोमवार को पड़ने वाली जन्माष्टमी का संयोग वैसा ही रहेगा जैसा द्वापर युग में भगवान कृष्ण के जन्म लेने पर हुआ था। रोहिणी नक्षत्र सुबह 6.38 से रात्रि 9:43 तक रहेगा। भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रविवार की रात 11:25 से सोमवार की रात के दो बजे के बाद समाप्त होगी। जयंती योग और रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। उधर, जन्माष्टमी की तैयारी घर-घर चल रही है। मंदिरों को सजाया गया है। पर्व को लेकर भक्तों में उत्साह है। दिनभर महिलाओं ने कान्हा के लिए रंग-बिरंगे पोशाक खरीदे। साथ ही घर में मौजूद नन्हें बच्चों के लिए भी कान्हा की पोशाक खरीदी। वह अपने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के वेश में सजाएंगी।
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पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय भाद्रपद कृष्णपक्ष की आधी रात्रि अष्टमी तिथि थी, रोहिणी नक्षत्र और चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर कर रहा था। कुछ इसी तरह का संयोग इस बार भी जन्माष्टमी तिथि पर हो रहा है। सोमवार को पड़ने वाली जन्माष्टमी का संयोग वैसा ही रहेगा जैसा द्वापर युग में भगवान कृष्ण के जन्म लेने पर हुआ था। रोहिणी नक्षत्र सुबह 6.38 से रात्रि 9:43 तक रहेगा। भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रविवार की रात 11:25 से सोमवार की रात के दो बजे के बाद समाप्त होगी। जयंती योग और रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। उधर, जन्माष्टमी की तैयारी घर-घर चल रही है। मंदिरों को सजाया गया है। पर्व को लेकर भक्तों में उत्साह है। दिनभर महिलाओं ने कान्हा के लिए रंग-बिरंगे पोशाक खरीदे। साथ ही घर में मौजूद नन्हें बच्चों के लिए भी कान्हा की पोशाक खरीदी। वह अपने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के वेश में सजाएंगी।
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