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मरणोपरांत शरीर दान करेगा दंपति, डीएम से मांगी अनुमति
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:01 AM IST
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अमरोहा में देहदान के लिए डीएम से अनुमति मांगने वाला दंपति।
- फोटो : amar ujala
उनकी उम्र 75 और 72 साल है, लेकिन चेहरे पर आज भी चमक बरकरार है। नाम भी क्षेत्र में अंजाना नहीं है। ये हैं जेएस हिंदू इंटर कालेज के सेवानिवृत्त शिक्षक राम सरन अरोड़ा और उनकी पत्नी कांता अरोड़ा। उनकी मानें तो दूसरों की सेवा से जो खुशी मिलती है, वहीं उनके चेहरे की चमक का राज है।
समाज सेवा के जज्बे ने उन्हें देहदान के लिए प्रेरित किया और उन्होंने इसकी घोषणा भी कर दी। ये और लोगों के लिए मिसाल है। मंगलवार को दंपति ने डीएम से मिलकर देहदान की अनुमति मांगी। अब उनका प्रार्थना पत्र मेरठ मेडिकल कालेज भेजा जाएगा।
अमरोहा के मोहल्ला मंडी चौब के रहने वाले 75 वर्षीय राम सरन अरोड़ा जेएस हिंदू इंटर कालेज से शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हैं। वह गणित और विज्ञान विषय पढ़ाते थे, शिक्षण कार्य के साथ ही एनसीसी में मेजर पद पर कार्यरत रह चुके हैं। उनके एक बेटी और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सरकारी नौकरी में उच्च पद पर कार्यरत है तो छोटा बेटा आर्किटेक्ट है।
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राम सरन अरोड़ा बाबा राम देव के योग कार्यक्रमों से भी जुड़े हुए हैं। समाज सेवा के कार्यक्रमों में बढ़चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने स्वेच्छा और बच्चों की सहमति से मरणोपरांत शरीर दान करने की घोषणा की है। उनकी 72 वर्षीय पत्नी कांता अरोड़ा ने भी मरणोपरांत शरीर दान करने की घोषणा की है।
शिक्षक दंपति ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से मरणोपरांत शरीर दान करने की अनुमति मांगी है। डीएम द्वारा उन्हें इस संबंध में जल्द ही अनुमति प्रदान की जाएगी। उनका प्रार्थना पत्र मेरठ मेडिकल कालेज को भेजा जाएगा।
शिक्षक दंपति ने यह भी घोषणा की है, मरणोपरांत उनके शरीर का अंतिम संस्कार न किया जाए। क्योंकि अंतिम संस्कार करने में कई क्विंटल लकड़ी लगती है इससे वायु प्रदूषण फैलता है। इसी लिए मेरे शरीर का अंतिम संस्कार न किया जाए।
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समाज सेवा के जज्बे ने उन्हें देहदान के लिए प्रेरित किया और उन्होंने इसकी घोषणा भी कर दी। ये और लोगों के लिए मिसाल है। मंगलवार को दंपति ने डीएम से मिलकर देहदान की अनुमति मांगी। अब उनका प्रार्थना पत्र मेरठ मेडिकल कालेज भेजा जाएगा।
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अमरोहा के मोहल्ला मंडी चौब के रहने वाले 75 वर्षीय राम सरन अरोड़ा जेएस हिंदू इंटर कालेज से शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हैं। वह गणित और विज्ञान विषय पढ़ाते थे, शिक्षण कार्य के साथ ही एनसीसी में मेजर पद पर कार्यरत रह चुके हैं। उनके एक बेटी और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सरकारी नौकरी में उच्च पद पर कार्यरत है तो छोटा बेटा आर्किटेक्ट है।
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राम सरन अरोड़ा बाबा राम देव के योग कार्यक्रमों से भी जुड़े हुए हैं। समाज सेवा के कार्यक्रमों में बढ़चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने स्वेच्छा और बच्चों की सहमति से मरणोपरांत शरीर दान करने की घोषणा की है। उनकी 72 वर्षीय पत्नी कांता अरोड़ा ने भी मरणोपरांत शरीर दान करने की घोषणा की है।
शिक्षक दंपति ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से मरणोपरांत शरीर दान करने की अनुमति मांगी है। डीएम द्वारा उन्हें इस संबंध में जल्द ही अनुमति प्रदान की जाएगी। उनका प्रार्थना पत्र मेरठ मेडिकल कालेज को भेजा जाएगा।
शिक्षक दंपति ने यह भी घोषणा की है, मरणोपरांत उनके शरीर का अंतिम संस्कार न किया जाए। क्योंकि अंतिम संस्कार करने में कई क्विंटल लकड़ी लगती है इससे वायु प्रदूषण फैलता है। इसी लिए मेरे शरीर का अंतिम संस्कार न किया जाए।