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Amroha News: स्वास्थ्य विभाग में अस्पतालों का पंजीकरण नहीं, ले रहे मेडिक्लेम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:10 AM IST
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Hospitals are not registered with the health department, but are taking mediclaim.
अमरोहा। जिले में फर्जी मेडिकल क्लेम घोटाले के मामले में जांच का दायरा बढ़ने पर और भी अस्पताल सामने आ सकते हैं। हैरत की बात यह है कि यह अस्पताल न तो सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत हैं और न ही कहीं धरातल पर हैं।
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आखिर इतनी बड़ी साजिश कहां से रची जा रही है। यह सब पुलिस की जांच में सामने आ जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पताल धरातल पर ही नहीं तो मेडिकल क्लेम कैसे मिल गया। सीएमओ पहले ही विवेचक को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह चुके हैं। मामला नोएडा निवासी डॉक्टर राजीव कुमार चौधरी के नाम और पहचान के दुरुपयोग से जुड़ा है। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा कंपनियों से क्लेम लिया जा रहा है।
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आरोप है कि मदनगीर दिल्ली निवासी साहिल जोया स्थित एक अस्पताल में कार्यरत है, खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताता है, जबकि उसके पास कोई वैध डिग्री नहीं है।
साहिल अपने साथियों दुष्यंत और गुलशेर अली के साथ मिलकर यह पूरा नेटवर्क चला रहा था। तीनों आरोपी साधना नर्सिंग होम और डिवाइन हेल्थकेयर अस्पताल में मरीजों का इलाज डॉक्टर राजीव चौधरी के नाम से दिखाकर फर्जी कागजात तैयार करते थे। इन दस्तावेजों पर डॉक्टर के नाम की नकली मुहर और हस्ताक्षर कर बीमा कंपनियों से क्लेम पास कराया जाता था। इसमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि डाॅ. राजीव कुमार के फर्जी कागज कहां से बनाए गए और इनका दुरुपयोग कर क्लेम ले लिया गया।
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इस संबंध में डॉ. राजीव कुमार से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया। शिकायत के बाद डिडौली पुलिस ने साहिल, दुष्यंत और गुलशेर अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि फर्जी तरीके से अस्पतालों का पंजीकरण कराने के मामले में पुलिस की ओर से जांच चल रही है। संवाद
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